{"_id":"5c6da067bdec2273771f3d5c","slug":"data-entry-done-by-anganwadi-worker-son-daughter-and-daughter-in-law","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बेटा-बेटी और बहू से करा रहे डाटा इंट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बेटा-बेटी और बहू से करा रहे डाटा इंट्री
Thu, 21 Feb 2019 12:31 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:31 AM IST
विज्ञापन
mobile phone
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हाईटेक बनाने के लिए दिया गया स्मार्ट फोन खिलौना बन कर रह गया है। मोबाइल पर डाटा इंट्री कराने के लिए कार्यकर्ता जानकारों का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा नौकरी बचाने के लिए बेटा-बेटी अथवा बहू से मोबाइल पर डाटा इंट्री करा रहा है।
जिले में वर्ष 1987 में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की गई। उस दौरान कक्षा आठ पास को भी आंगनबाड़ी में कार्यकर्ता की नौकरी मिल जाती थी। इसके बाद मेरिट आधारित भर्ती होने लगी। इसमें भी न्यूनतम योग्यता इंटर पास रखी गई थी। जिले में मौजूदा समय 1775 पद के सापेक्ष 1657 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। इसमें से ज्यादातर सबसे पहले हुई भर्ती के हैं। पिछले दिनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन थमा दिया गया। यह मोबाइल फोन आंगनबाड़ी के सारे डाटा को ऑटोमेटिक अपडेट करता है। बस इसके लिए कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर परिवार के मुखिया व उसके सदस्यों की उम्र समेत संख्या फीड करनी होगी। यह सारी अपलोडिंग ऑन लाइन होगी। ऐसे में पुराने कार्यकर्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं में किसी का बेटा तो किसी की बेटी मोबाइल एप पर अपलोडिंग कर रही हैं। बहू भी किसी कार्यकर्ता के नौकरी का सहारा बनी है। इसके अलावा जिन लोगों के यहां इस तरह के जानकार नहीं है वे मोबाइल फोन के जानकारों को सहारा ले रहे हैं।
इंसेट
विज्ञापन
जिले में वर्ष 1987 में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की गई। उस दौरान कक्षा आठ पास को भी आंगनबाड़ी में कार्यकर्ता की नौकरी मिल जाती थी। इसके बाद मेरिट आधारित भर्ती होने लगी। इसमें भी न्यूनतम योग्यता इंटर पास रखी गई थी। जिले में मौजूदा समय 1775 पद के सापेक्ष 1657 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। इसमें से ज्यादातर सबसे पहले हुई भर्ती के हैं। पिछले दिनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन थमा दिया गया। यह मोबाइल फोन आंगनबाड़ी के सारे डाटा को ऑटोमेटिक अपडेट करता है। बस इसके लिए कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर परिवार के मुखिया व उसके सदस्यों की उम्र समेत संख्या फीड करनी होगी। यह सारी अपलोडिंग ऑन लाइन होगी। ऐसे में पुराने कार्यकर्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं में किसी का बेटा तो किसी की बेटी मोबाइल एप पर अपलोडिंग कर रही हैं। बहू भी किसी कार्यकर्ता के नौकरी का सहारा बनी है। इसके अलावा जिन लोगों के यहां इस तरह के जानकार नहीं है वे मोबाइल फोन के जानकारों को सहारा ले रहे हैं।
विज्ञापन
इंसेट