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दारानगर दशहरा : 246 वर्षों से जारी है अनोखा कुप्पी युद्ध
Sat, 04 Oct 2025 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 04 Oct 2025 12:23 AM IST
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दारा नगर में कुप्पी युद्ध करती राम और रावण की सेना। संवाद
श्री रामलीला कमेटी दारानगर की रामलीला में विजयदशमी व एकादशी के दिन पारंपरिक कुप्पी युद्ध का आयोजन हुआ। यह अनोखा युद्ध 246 वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा है।
परंपरा के अनुसार, विजयदशमी के दिन राम-रावण दल के बीच चार युद्ध और एकादशी को तीन युद्ध होते हैं। प्रत्येक दल में 25-25 सेनानी होते हैं जो प्लास्टिक की बनी कुप्पी से एक-दूसरे पर प्रहार करते हैं। पहले दिन रावण की सेना ने बढ़त बनाई, जबकि दूसरे दिन राम की सेना ने विजय हासिल की।
परंपरा के अनुसार, रावण व मेघनाथ का अंत एकादशी को कराया गया। इसी दिन लक्ष्मण को शक्ति बाण लगना और हनुमान जी की ओर से संजीवनी बूटी लाना भी मंचित किया गया। बारिश के चलते आयोजन में कठिनाइयां आईं। मैदान गीला होने के कारण युद्ध सीमित कर 10-10 सेनानियों के बीच कराया गया।
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भक्त और पदाधिकारी छाता लगाकर भगवान की सवारी व लीला संपन्न कराने में जुटे रहे। भीगते हुए हजारों श्रद्धालु लीलाओं का आनंद लेते रहे, वहीं कई दुकानदार बारिश से नुकसान झेलने की बात कहते दिखे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल ने मौके पर व्यवस्था संभाली।
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परंपरा के अनुसार, विजयदशमी के दिन राम-रावण दल के बीच चार युद्ध और एकादशी को तीन युद्ध होते हैं। प्रत्येक दल में 25-25 सेनानी होते हैं जो प्लास्टिक की बनी कुप्पी से एक-दूसरे पर प्रहार करते हैं। पहले दिन रावण की सेना ने बढ़त बनाई, जबकि दूसरे दिन राम की सेना ने विजय हासिल की।
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परंपरा के अनुसार, रावण व मेघनाथ का अंत एकादशी को कराया गया। इसी दिन लक्ष्मण को शक्ति बाण लगना और हनुमान जी की ओर से संजीवनी बूटी लाना भी मंचित किया गया। बारिश के चलते आयोजन में कठिनाइयां आईं। मैदान गीला होने के कारण युद्ध सीमित कर 10-10 सेनानियों के बीच कराया गया।
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भक्त और पदाधिकारी छाता लगाकर भगवान की सवारी व लीला संपन्न कराने में जुटे रहे। भीगते हुए हजारों श्रद्धालु लीलाओं का आनंद लेते रहे, वहीं कई दुकानदार बारिश से नुकसान झेलने की बात कहते दिखे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल ने मौके पर व्यवस्था संभाली।