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कातिल पति को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 27 Oct 2017 01:27 AM IST
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सैनी कोतवाली के नज्जू का पुरवा गांव के एक युवक को पत्नी की हत्या के आरोप में अदालत ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दो साल पहले युवक ने जीवनसंगिनी को पीट-पीटकर मार डाला था। अदालत ने सजा के साथ 10 हजार रुपये अर्थदंड भी वसूलने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक चक सैनी गांव निवासी बच्चा लाल ने चार साल पहले बेटी गीता देवी की शादी नज्जू का पुरवा गांव में रजऊ पुत्र रोशन से किया था। शराब और जुए का लती रजऊ गीता के साथ आए दिन मारपीट करता रहता था। 23 फरवरी को बेटी के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी हुई तो वह ससुराल पहुंचा और समझा-बुझाकर चला गया। 25 फरवरी की सुबह सूचना मिली कि गीता देवी की मौत हो गई। बेटी के मौत की खबर सुनते ही बच्चालाल गांव पहुंचा।
गीता की मासूम बेटी उसे देखते ही फफक पड़ी और मां के साथ घटित घटना की जानकारी दी। बच्चालाल की तहरीर पर सैनी पुलिस ने हत्यारोपी पति रजऊ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला दो साल तक अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित डॉ. हुमायुं रसीद खां की अदालत में चला। बुधवार को गवाहों के साथ दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद अदालत ने पत्नी के कातिल रजऊ को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड वसूलने का आदेश दिया। अर्थदंड चुकता नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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दहेज हत्या में पति को दस साल की सजा, मां-बाप बरी
कोखराज के टडहर गांव के युवक को बुधवार को अदालत ने दहेज हत्या के आरोप में 10 वर्ष की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक पिपरी के पेरई गांव निवासी अमृत लाल ने बेटी सुमित्रा की शादी चार साल पहले कोखराज के टड़हर गांव में जयकरन से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल के लोग मायके से 50 हजार रुपये और बाइक लाने की जिद कर युवती को यातनाएं देने लगे। 16 जुलाई 2014 को सुमित्रा देवी की संदिग्ध दशा में मौत हो गई। अमृत लाल की तहरीर पर पुलिस ने जयकरन के साथ सास, ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत में सास-ससुर को दहेज हत्या में बरी करते हुए कातिल जयकरन को 10 साल कैद की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक चक सैनी गांव निवासी बच्चा लाल ने चार साल पहले बेटी गीता देवी की शादी नज्जू का पुरवा गांव में रजऊ पुत्र रोशन से किया था। शराब और जुए का लती रजऊ गीता के साथ आए दिन मारपीट करता रहता था। 23 फरवरी को बेटी के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी हुई तो वह ससुराल पहुंचा और समझा-बुझाकर चला गया। 25 फरवरी की सुबह सूचना मिली कि गीता देवी की मौत हो गई। बेटी के मौत की खबर सुनते ही बच्चालाल गांव पहुंचा।
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गीता की मासूम बेटी उसे देखते ही फफक पड़ी और मां के साथ घटित घटना की जानकारी दी। बच्चालाल की तहरीर पर सैनी पुलिस ने हत्यारोपी पति रजऊ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला दो साल तक अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित डॉ. हुमायुं रसीद खां की अदालत में चला। बुधवार को गवाहों के साथ दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद अदालत ने पत्नी के कातिल रजऊ को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड वसूलने का आदेश दिया। अर्थदंड चुकता नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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दहेज हत्या में पति को दस साल की सजा, मां-बाप बरी
कोखराज के टडहर गांव के युवक को बुधवार को अदालत ने दहेज हत्या के आरोप में 10 वर्ष की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक पिपरी के पेरई गांव निवासी अमृत लाल ने बेटी सुमित्रा की शादी चार साल पहले कोखराज के टड़हर गांव में जयकरन से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल के लोग मायके से 50 हजार रुपये और बाइक लाने की जिद कर युवती को यातनाएं देने लगे। 16 जुलाई 2014 को सुमित्रा देवी की संदिग्ध दशा में मौत हो गई। अमृत लाल की तहरीर पर पुलिस ने जयकरन के साथ सास, ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत में सास-ससुर को दहेज हत्या में बरी करते हुए कातिल जयकरन को 10 साल कैद की सजा सुनाई।