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तालाब से हटवाया गया अतिक्रमण

Sun, 07 Dec 2014 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 07 Dec 2014 11:58 PM IST
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The encroachment ouster from pond
नेवादा। पन्ना का पुरवा गांव में ग्रामीणों ने तालाब गड्ढे में मिट्टी डालकर कब्जा कर लिया था। इसमें मकानों का निर्माण भी करा लिया गया था। ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच में मामले सामने आया है। रविवार को फोर्स लेकर गांव पहुंचे उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी ने तालाब को ग्रामीणों से खाली कराकर कब्जे से मुक्त कराया। एसडीएम ने दोबारा कब्जा करने पर संबंधित व्यक्तियों पर केस दर्ज कराने की चेतावनी दी है। इस दौरान तहसील समेत राजस्व कर्मचारियों की टीम मौजूद रही।
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मंझनपुर तहसील क्षेत्र के पन्ना का पुरवा गांव के रहने वाले सुभाष सिंह यादव ने तहसील दिवस में  तालाब पर कब्जा करके मकान बनाने की शिकायत उपजिलाधिकारी मंझनपुर से की थी। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक और हल्का लेखपाल को जांच करने का निर्देश दिया है। राजस्व कर्मचारियों की जांच में तालाब पर कब्जा पाया गया था। रिपोर्ट के आधार पर रविवार को उपजिलाधिकारी मंझनपुर नरेंद्र बहादुर सिंह और सीओ सिटी पुर्णेन्दु सिंह फोर्स के साथ गांव पहंचकर तालाब को खाली कराकर कब्जे से मुक्त कराया।
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एसडीएम ने बताया कि जय सिंह, हरिमोहन सिंह, रामलखन सिंह आदि लोगों ने तालाब गड्ढे में मिट्टी डालकर कब्जा और मकान बना लिया था। तालाब को खाली कराकर कब्जे से मुक्त करा दिया गया है। साथ ही खंड विकास अधिकारी को मनरेगा योजना की रकम से तालाब की खुदाई कराने का निर्देश दिया गया है। एसडीएम ने ग्रामीणों को दोबारा कब्जा करने पर एफआईआर की चेतावनी दी है। इस मौके पर तहसीलदार विनोद कुमार, बीडीओ इंद्रबली सिंह, नायब तहसीलदार राजकुमार पांडेय, राजस्व निरीक्षक अशोक खरे, लेखपाल नर्बदा प्रसाद पांडेय आदि मौजूद रहे।
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शिकायतकर्ता सुभाष सिंह यादव का कहना है कि उसने सिपाही गड़ही पर एसडीएम से कब्जे की शिकायत की थी। आरोप है कि अफसरों ने तालाब संख्या 184 को खाली कराया है। जबकि सिपाही गड़ही पर दबंगों के मकान बने हैं। सुभाष सिंह का दावा है कि जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से मामले की शिकयत की जाएगी। इसी तरह अन्य कई तालाबों पर माफिया का कब्जा है। तालाबों को खाली कराने के नाम पर अफसर द्वारा महज खानापूर्ति की जाती है।
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