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फर्जीवाड़ा में फंसे और शिक्षक

अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Mon, 22 May 2017 01:24 AM IST
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शिक्षक भर्ती में हुई धांधली का पर्दाफाश होने लगा है। तीन शिक्षकों की बर्खास्ती के बाद बीएसए ने सात शिक्षकों को नोटिस देकर उनके अभिलेखों की सत्यता का जवाब मांगा है। यह मामला चल ही रहा था कि 13 और शिक्षक निशाने पर आ गए हैं। इनके खिलाफ भी शिकायत हुई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने जांच शुरू करा दी है।
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   परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की नियुक्ति को लगातार चुनौती दी जा रही है। इन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को कूटरचित बताकर शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। सपा सरकार से शिकायतों का यह खेल चल रहा था, लेकिन जांच से आगे कार्रवाई नहीं बढ़ सकी। भाजपा सरकार बनते ही शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू हो गई। पखवारा भर पहले तीन शिक्षकों को फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने के आरोप में बर्खास्त किया गया। इसके तुरंत बाद सात शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया। जिनको नोटिस मिला है उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल की है। 15 दिन से ज्यादा बीत चुका है लेकिन नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। इस कार्रवाई से विभाग में खलबली मची ही थी कि बीएसए को 13 अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी शिकायत मिली। इनके भी प्रमाण पत्र कूटरचित होने की बात कही गई है। बीएसए ने इन शिक्षकों को भी जांच के दायरे में लिया है।  


भारत सिंह गैंग से शुरू हुई तनातनी
परिषदीय विद्यालयों में फर्जी तरीके से शिक्षकों की तैनाती कराने के मामले में भारत सिंह गैंग कुख्यात रहा है। इस गैंग व इसके सदस्यों के खिलाफ अर्से से शिकायत हो रही है लेकिन अभी तक इसके खिलाफ कार्रवाई नही हुई। सरकार बदलते ही यह गिरोह भी जांच के दायरे में आ चुका है। यही कारण है कि बर्खास्त शिक्षकों की इस गैंग से तनातनी बढ़ गई है। दो दिन पहले बर्खास्त शिक्षकों से इस गिरोह की भिड़ंत भी हो गई थी। बर्खास्त शिक्षक नौकरी के लिए दिए गए रुपये की मांग कर रहे हैं। मगर गैंग के लोग वापस करने को तैयार नहीं हैं।

सत्यापन रिपोर्ट में हेराफेरी कर पाई थी नौकरी
फर्जी सर्टीफिकेट लगाकर नौकरी पाने वाले लोगों ने सत्यापन रिपोर्ट में भी हेराफेरी कराई थी। नौकरी मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने इनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया था। इसकी जानकारी फर्जीवाड़ा करने वालों को थी। उन्होंने विश्वविद्यालय व संबंधित कालेजों से सेटिंग कर फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भी भिजवा दी थी। इसमें नौकरी दिलाने वाले गिरोह की अहम भूमिका थी।

शिक्षकों के खिलाफ हाल के दिनों में कई शिकायतें हुई हैं। अभिलेखों पर सवाल खड़े किए गए हैं। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनकी जांच शुरू करा दी है। 13 अन्य शिक्षकों की भी जांच कराई जा रही है। फौरी जांच में यदि कुछ तथ्य मिलते हैं तो नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
दलश्रृंगार यादव
बेसिक शिक्षा अधिकारी कौशाम्बी

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