{"_id":"571d106f4f1c1b97388b4b22","slug":"suspected-death-in-puramufti","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदिग्धदशा में युवक की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
संदिग्धदशा में युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरामुफ्ती के हैदरगंज गांव में शनिवार की रात युवक की संदिग्ध दशा में मौत हो गई। सुबह युवक की लाश घर के भीतर फंदे से लटकती मिली। बताया जा रहा है कि रात में पत्नी और बच्चों को ससुराल में शादी समारोह में छोड़ने के बाद वह घर चला आया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के हैदरगंज गांव निवासी संदीप प्रजापित (35) पुत्र राम नारायण किसान है। शनिवार को पत्नी और बच्चों को लेकर ससुराल धूमनगंज शादी समारोह में शामिल होने गया था। बताया जा रहा है कि पत्नी और बच्चों को ससुराल में छोड़ने के बाद रात में वह घर चला आया। चर्चा है कि शराब के नशे में संदीप रात में चुल्ले के सहारे फंदे से झूल गया। सुबह युवक के देर तक कमरे से बाहर नहीं निकलने पर परिजन कमरे में पहुंचे तो देखा युवक फंदे से लटक रहा था। चीख-पुकार सुन मौके पर लोगों का मजमा जमा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत से पत्नी और बच्चों के साथ मां-बाप का रो-रोकर हाल बेहाल है।
विज्ञापन
पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के हैदरगंज गांव निवासी संदीप प्रजापित (35) पुत्र राम नारायण किसान है। शनिवार को पत्नी और बच्चों को लेकर ससुराल धूमनगंज शादी समारोह में शामिल होने गया था। बताया जा रहा है कि पत्नी और बच्चों को ससुराल में छोड़ने के बाद रात में वह घर चला आया। चर्चा है कि शराब के नशे में संदीप रात में चुल्ले के सहारे फंदे से झूल गया। सुबह युवक के देर तक कमरे से बाहर नहीं निकलने पर परिजन कमरे में पहुंचे तो देखा युवक फंदे से लटक रहा था। चीख-पुकार सुन मौके पर लोगों का मजमा जमा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत से पत्नी और बच्चों के साथ मां-बाप का रो-रोकर हाल बेहाल है।
विज्ञापन