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छेड़खानी के बाद आत्महत्या मामले के दो आरोपी फरार
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:17 AM IST
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रचना सिंह आत्महत्या प्रकरण में पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है। रचना सिंह के आत्महत्या करने के बाद हरकत में आए पुलिस अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट चाचा की तहरीर पर दर्ज करवाई थी। नामजद आरोपी आशीष सिंह व जितेंद्र सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। हालांकि पुलिस का यही कहना है कि जितेंद्र ही उनके हाथ लगा है। इस मामले में दो अन्य आरोपी भी प्रकाश में आए हैं। नामजद आरोपियों से पूछताछ करने के साथ ही फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
पिपरी थाना क्षेत्र के गांजा गांव की बीए द्वितीय की छात्रा रचना सिंह के साथ गुरुवार को कालेज के समीप शेरपुर गांव के आशीष सिंह यादव व जितेंद्र सिंह यादव ने छेड़खानी की थी। ये घटना रामभजन सिंह डिग्री कालेज के समीप हुई थी। छात्रा ने इसकी जानकारी शिक्षकों को दी थी। शिक्षकों ने आरोपियों को डांटा-फटकारा भी था। इसके बाद भी पिपरी थाने की पुलिस ने छात्रा के परिजनों की सूचना के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की थी। शुक्रवार को रहस्यमय परिस्थितियों में आरोपी जितेंद्र सिंह की तहरीर पर रचना सिंह के चाचा शिवपूजन सिंह व चचेरे भाई आलोक सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इसकी जानकारी होते ही रचना सिंह ने शनिवार को फांसी लगा ली थी। रचना सिंह की मौत होने की जानकारी अधिकारियों को हुई तो उनके होश उड़ गए। एसपी ने बिना समय गंवाए इस मामले में इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र, दरोगा राकेश शर्मा को निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आशीष सिंह व जितेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया था। इस प्रकरण में दो अज्ञात युवक भी शामिल थे। पुलिस ने जांच के दौरान इनको भी प्रकाश में ले आई है। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, वहीं फरार आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
इंस्पेक्टर, दरोगा के बाद चालक पर गिरी गाज
=रचना सिंह प्रकरण में इंस्पेक्टर, दरोगा के निलंबन के बाद मकदूमपुर चौकी के चालक संजीव यादव पर भी गाज गिरी है। एसपी ने चालक को लाइन हाजिर कर दिया है। इस प्रकरण में संजीव यादव की लापरवाही व आरोपियों से मिलीभगत की बात सामने आई है।
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छात्रा रचना सिंह प्रकरण में इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र व दरोगा राकेश शर्मा के साथ मकदूमपुर चौकी के चालक आरक्षी संजीव यादव की भी बड़ी भूमिका थी। पिपरी थाने में रचना सिंह के परिजनों की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं मकदूमपुर चौकी प्रभारी राकेश शर्मा ने घटना की सच्चाई जाने बिना ही आरोपी जितेंद्र सिंह की तहरीर पर रचना के चाचा व चचेरे भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। जितेंद्र सिंह की पैरवी भी सिपाही संजीव यादव ने की थी।
चर्चा है कि जितेंद्र सिंह यादव व संजीव यादव के संबंध अच्छे थे, इसीलिए मामला दर्ज कराने के लिए संजीव ने चौकी प्रभारी से सिफारिश की थी। इस मामले में चौकी प्रभारी ने बिना इंस्पेक्टर व थाना पुलिस के संज्ञान में मामला लाए, रिपोर्ट लिखी थी। यदि इंस्पेक्टर अथवा पिपरी थाने की पुलिस के बीच इस घटना को लेकर बातचीत हुई होती तो यह संभवत: यह स्थिति न पैदा होती। संजीव यादव की भूमिका पर सवाल उठे तो एसपी वीके मिश्र ने लाइन हाजिर कर दिया।
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पिपरी थाना क्षेत्र के गांजा गांव की बीए द्वितीय की छात्रा रचना सिंह के साथ गुरुवार को कालेज के समीप शेरपुर गांव के आशीष सिंह यादव व जितेंद्र सिंह यादव ने छेड़खानी की थी। ये घटना रामभजन सिंह डिग्री कालेज के समीप हुई थी। छात्रा ने इसकी जानकारी शिक्षकों को दी थी। शिक्षकों ने आरोपियों को डांटा-फटकारा भी था। इसके बाद भी पिपरी थाने की पुलिस ने छात्रा के परिजनों की सूचना के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की थी। शुक्रवार को रहस्यमय परिस्थितियों में आरोपी जितेंद्र सिंह की तहरीर पर रचना सिंह के चाचा शिवपूजन सिंह व चचेरे भाई आलोक सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इसकी जानकारी होते ही रचना सिंह ने शनिवार को फांसी लगा ली थी। रचना सिंह की मौत होने की जानकारी अधिकारियों को हुई तो उनके होश उड़ गए। एसपी ने बिना समय गंवाए इस मामले में इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र, दरोगा राकेश शर्मा को निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आशीष सिंह व जितेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया था। इस प्रकरण में दो अज्ञात युवक भी शामिल थे। पुलिस ने जांच के दौरान इनको भी प्रकाश में ले आई है। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, वहीं फरार आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
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इंस्पेक्टर, दरोगा के बाद चालक पर गिरी गाज
=रचना सिंह प्रकरण में इंस्पेक्टर, दरोगा के निलंबन के बाद मकदूमपुर चौकी के चालक संजीव यादव पर भी गाज गिरी है। एसपी ने चालक को लाइन हाजिर कर दिया है। इस प्रकरण में संजीव यादव की लापरवाही व आरोपियों से मिलीभगत की बात सामने आई है।
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छात्रा रचना सिंह प्रकरण में इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र व दरोगा राकेश शर्मा के साथ मकदूमपुर चौकी के चालक आरक्षी संजीव यादव की भी बड़ी भूमिका थी। पिपरी थाने में रचना सिंह के परिजनों की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं मकदूमपुर चौकी प्रभारी राकेश शर्मा ने घटना की सच्चाई जाने बिना ही आरोपी जितेंद्र सिंह की तहरीर पर रचना के चाचा व चचेरे भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। जितेंद्र सिंह की पैरवी भी सिपाही संजीव यादव ने की थी।
चर्चा है कि जितेंद्र सिंह यादव व संजीव यादव के संबंध अच्छे थे, इसीलिए मामला दर्ज कराने के लिए संजीव ने चौकी प्रभारी से सिफारिश की थी। इस मामले में चौकी प्रभारी ने बिना इंस्पेक्टर व थाना पुलिस के संज्ञान में मामला लाए, रिपोर्ट लिखी थी। यदि इंस्पेक्टर अथवा पिपरी थाने की पुलिस के बीच इस घटना को लेकर बातचीत हुई होती तो यह संभवत: यह स्थिति न पैदा होती। संजीव यादव की भूमिका पर सवाल उठे तो एसपी वीके मिश्र ने लाइन हाजिर कर दिया।