फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   property dealer murder in allahabad

घर में प्रापर्टी डीलर की हत्या, छत से फेंकी लाश

Tue, 23 Aug 2016 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Tue, 23 Aug 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
property dealer murder in allahabad
crime
हवेलिया गांव की शिवगंगा कॉलोनी में रविवार रात घर के भीतर लोहे के मूसल से सिर फोड़कर प्रापर्टी डीलर विजय शंकर पांडेय का कत्ल कर दिया गया। कमरे में बिस्तर पर हत्या के बाद उसकी लाश चादर में लपेट छत से मकान के पीछे भरे पानी में फेंक दी गई। भोर में पत्नी ने ही पड़ोसी को बताया तो खबर पाकर पुलिस पहुंची। पुलिस ने पानी से चादर में लिपटा शव बरामद किया।
विज्ञापन


रक्तरंजित मूसल भी मिल गया। घर के भीतर हुए कत्ल में पुलिस को पत्नी की भूमिका पर संदेह है। उससे पूछताछ कर मोबाइल कॉल डिटेल हासिल की जा रही है। पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।
विज्ञापन

मूलत: कौशांबी के सराय अकिल निवासी स्वर्गीय रामअभिलाष पांडेय का 37 वर्षीय पुत्र विजयशंकर पांडेय पिछले कई साल से झूंसी में रह रहा था। पहले वह आवास विकास कालोनी योजना तीन में रहता था। फिर विजय हवेलिया ग्राम सभा की कालोनी शिवगंगा में मकान बनाकर पत्नी आरती और तीन बच्चों अर्पिता, राज और शिव के साथ रहने लगा था। वह प्रापर्टी डीलिंग के साथ ही साझेदारी में साइबर कैफे भी चलाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


रविवार रात वह भोजन के बाद मकान के अगले कमरे में बेड पर सोया था। पत्नी आरती तीनों बच्चों के साथ बगल वाले कमरे में सोई थी। आधी रात बाद लोहे के मूसल से सिर फोड़कर विजय की हत्या कर दी गई। कातिलों ने शव को खून सने चादर में लपेटा और छत पर ले जाकर मकान के पिछले हिस्से में बाढ़ के पानी में फेंक दिया गया। रात तकरीबन सवा तीन बजे आरती लघुशंका के लिए उठी तो अगले कमरे से पति विजय नदारद था। बिस्तर भी रक्तरंजित देख आरती सन्न रह गई। उसने रोते हुए पड़ोसी के घर जाकर बताया। पड़ोसी ने यह जानकारी फोन से प्रधानपति दशरथ यादव को दी।

खबर पाकर थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह वहां पहुंच गए। पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो घर के पीछे बाढ़ के पानी में विजय का शव चादर में लिपटा मिल गया। पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर डॉग स्कवायड और फोरेंसिक टीम भी पहुंची। खोजी कुत्ता घटनास्थल से चलकर दूसरे कमरे में जाकर रूक जा रहा था। विजय के बहन के ससुर श्यामनारायण द्विवेदी की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई।

पुलिस मान रही है आशनाई में हत्या
विजय की हत्या के पीछे उसकी पत्नी आरती ने जमीन का विवाद बताया है। उसने पुलिस को बताया कि कौशांबी में एक प्लाट के लिए एक व्यक्ति से टशन बनी थी। विज को जान से मारने की धमकी भी दी गई  थी। आरती ने शक जताया कि उसी विवाद में विजय का कत्ल हुआ। मगर पुलिस आशनाई के पहलू पर गहराई से जांच कर रही है। पुलिस को पता चला है कि शराब के नशे में डूबे रहने वाले विजय और आरती के बीच अक्सर झगड़ा होता था। रविवार रात भी झगड़ा हुआ था। थानाध्यक्ष विजय प्रताप का कहना है कि कातिल जो भी है, मददगार घर में ही था।

वारदात में पत्नी पर शक, पूछताछ जारी
जिस कमरे में विजय की हत्या की गई, उसके ठीक बगल वाले कमरे में पत्नी आरती तीनों बच्चों के साथ सो रही थी। इन दोनों कमरों के बीच का दरवाजा भी नहीं बंद था। ऐसे में पत्नी पर पुलिस को शक होना लाजिमी है। थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह का कहना है कि कत्ल का तरीका आठ साल पहले गाजियाबाद में हुए चर्चित आरूषि हत्याकांड सरीखा है। विजय का लोहे के मूसल से सिर फोड़कर कत्ल कर दिया गया और बगल के कमरे में सो रही पत्नी आरती को भनक तक नहीं लगी। ऐसा मुमकिन नहीं है। आरूषि हत्याकांड में भी बगल के कमरे में सो रहे उसके माता-पिता डॉक्टर दंपति ने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं चला। पुलिस ने बाद में माता-पिता को ही कातिल ठहराया था। इसी तरह विजय के कत्ल में उसकी पत्नी आरती की भूमिका पर पुलिस को संदेह है। ऐसे में उससे पूछताछ हो रही है। शक है कि आरती की मदद से विजय का कत्ल किया गया।


शराब की लत में बेच डाली संपत्ति
 इलाके के लोगों ने बताया कि मारा गया विजय कुछ साल पहले तक करोड़ों की प्रापर्टी का मालिक था। अकेले झूंसी में ही उसके चार से पांच मकान थे। कौशांबी में भी उसकी लंबी-चौड़ी जायदाद है। मगर शराब के नशे की लत ने उसे बर्बाद कर डाला। उसने आवास विकास कालोनी और न्यायनगर कालोनी में अपने मकान सस्ते दाम पर बेच दिए थे। हवेलिया के जिस घर में वह परिवार समेत रह रहा था। उसे भी वह बेचने वाला था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed