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जमीन के लिए तो नहीं हुई हत्या

Mon, 08 Dec 2014 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 08 Dec 2014 12:13 AM IST
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Not to land the killing
चायल। पूर्व ब्लाक प्रमुख रामसरन का कत्ल कहीं जमीन की खरीद-फरोख्त में तो नहीं हुआ है। उनकी हत्या के बाद इलाके में ऐसी ही तमाम चर्चाएं लोगों की जुबान पर थीं। बताया जाता है कि इन दिनों वे जमीन की प्लाटिंग कराकर उसे बेचा करते थे। फिलहाल अभी घरवाले घटना से सदमे में हैं और कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है, जबकि पुलिस फौरी तौर पर जमीन और पैसे के विवाद में हत्या का कारण मानकर जांच कर रही है। सीओ चायल ने बताया कि परिजनों से अभी बात नहीं हो पाई है। पूछताछ और जांच के बाद ही हत्या की वजह का पता चलेगा।
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चायल के पूर्व प्रमुख रामसरन की रविवार को दिनदहाड़े पुरामुफ्ती कोतवाली से चंद कदम पर हुई हत्या से बाजार में दहशत है। उनकी हत्या को लेकर लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं। जिस बेखौफ तरीके से बाइक सवार युवकों ने उन्हें गोलियों से भूना है। लोग हत्यारों से उनकी कोई बड़ी रंजिश होना मान रहे हैं।
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लोगों का मानना है कि संभव है कि जमीन की खरीद-फरोख्त में पैसों का कोई विवाद रहा हो। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पूर्व प्रमुख का कुछ लोगों से जमीन को लेकर पुरानी रंजिश भी थी। फिलहाल उनके परिवार के लोग अभी चुप्पी साधे हैं। घर का कोई भी सदस्य पूर्व प्रमुख की हत्या क्यों और किसने की, यह नहीं बता पा रहा है। मामले में सीओ चायल आलोक मिश्र ने बताया कि स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को तमाम क्लू मिले हैं। सभी पहलूओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जल्द ही हत्या की वजह का पता लगाकर कातिलों की धरपकड़ की जाएगी।
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पूर्व प्रमुख रामसरन पर तीन महीने पहले भी जमीनी विवाद की रंजिश में कातिलाना हमला हो चुका है। जिसकी रिपोर्ट भी पुरामुफ्ती कोतवाली में नामजद दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं की थी। उनके नजदीकी लोगों का इल्जाम है कि पुलिस की इसी लापरवाही के चलते ही सरेशाम कातिलों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

 पूर्व ब्लाक प्रमुख की दिनदहाड़े जिस फिल्मी अंदाज में हत्या की गई है। इससे लोगों का मानना है कि स्थानीय दबंगों के बस की बात नहीं है। लोगों का कहना है कि कि बेखौफ हत्यारों ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया और असलहे लहराते हुए भागने में सफल रहे। लगता है कि किसी ने पूर्व प्रमुख की हत्या की सुपारी देकर शूटरों से उनका काम तमाम कराया है। क्योंकि हत्यारों ने घटना को पूरी तरह से पेशेवर तरीके से अंजाम दिया है।
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