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लापता लक्ष्मीकांत का 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:48 PM IST
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सैनी कोतवाली के समीप से संदिग्ध हालात में शुक्रवार की रात लापता हुए भरेठाबाग के लक्ष्मीकांत यादव का 24 घंटे बाद भी पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। इस मामले में पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर गांव के ही एक अधेड़ और उसके बेटे के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। नामजद किए गए पिता-पुत्र की इस परिवार से पुरानी दुश्मनी है। अधेड़ के बेटे की हत्या का आरोप लक्ष्मीकांत पर है।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के भरेठाबाग गांव निवासी लक्ष्मीकांत यादव शुक्रवार की रात से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। घरवालों का दावा है कि घटना के समय वह इलाहाबाद से घर लौट रहा था। सैनी पहुंचने पर उसकी परिजनों से मोबाइल पर बात हुई थी। उन्होंने कहाकि था कि 15-20 मिनट में घर पहुंच जाएंगे, लेकिन जब दो घंटे तक घर नहीं पहुंचे तो परिजन खोजबीन में जुटे। इस दौरान लावारिश हालत में बाइक, हेलमेट, मोबाइल और टूटा हुआ चश्मा मिलने से परिजन अनहोनी की आशंका से सहम गए। अपहरण का शक जाहिर करते हुए घटना की जानकारी सैनी कोतवाली पुलिस को दी गई। आधी रात तक परिजन, गांववाले और पुलिस उनकी खोजबीन करती रही, लेकिन लक्ष्मीकांत का कोई सुराग नहीं लगा। सुबह पुलिस ने पत्नी रेखा देवी की तहरीर पर गांव के रहने वाले विमल कुमार और उनके बेटे सत्येंद्र के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। बता दें कि कुछ साल पहले विमल के बेटे दरोगा की हत्या हो गई थी। इस मामले में लक्ष्मीकांत आरोपी बनाया गया था। इसका मुकदमा अब भी कोर्ट में विचाराधीन है। लोग अपहरण कांड को इसी हत्या की घटना से जोड़कर देख रहे हैं। जबकि गांव में मामले को लेकर तमाम चर्चाएं हैं। एसओ सैनी दिनेश कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर खोजबीन में लगी है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। वहीं घटना को लेकर गांव में तनातनी बनी है।
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सैनी कोतवाली क्षेत्र के भरेठाबाग गांव निवासी लक्ष्मीकांत यादव शुक्रवार की रात से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। घरवालों का दावा है कि घटना के समय वह इलाहाबाद से घर लौट रहा था। सैनी पहुंचने पर उसकी परिजनों से मोबाइल पर बात हुई थी। उन्होंने कहाकि था कि 15-20 मिनट में घर पहुंच जाएंगे, लेकिन जब दो घंटे तक घर नहीं पहुंचे तो परिजन खोजबीन में जुटे। इस दौरान लावारिश हालत में बाइक, हेलमेट, मोबाइल और टूटा हुआ चश्मा मिलने से परिजन अनहोनी की आशंका से सहम गए। अपहरण का शक जाहिर करते हुए घटना की जानकारी सैनी कोतवाली पुलिस को दी गई। आधी रात तक परिजन, गांववाले और पुलिस उनकी खोजबीन करती रही, लेकिन लक्ष्मीकांत का कोई सुराग नहीं लगा। सुबह पुलिस ने पत्नी रेखा देवी की तहरीर पर गांव के रहने वाले विमल कुमार और उनके बेटे सत्येंद्र के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। बता दें कि कुछ साल पहले विमल के बेटे दरोगा की हत्या हो गई थी। इस मामले में लक्ष्मीकांत आरोपी बनाया गया था। इसका मुकदमा अब भी कोर्ट में विचाराधीन है। लोग अपहरण कांड को इसी हत्या की घटना से जोड़कर देख रहे हैं। जबकि गांव में मामले को लेकर तमाम चर्चाएं हैं। एसओ सैनी दिनेश कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर खोजबीन में लगी है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। वहीं घटना को लेकर गांव में तनातनी बनी है।
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