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दुबई के संदिग्ध से एटीएस इंस्पेक्टर ने जेल में की पूछताछ
Sat, 22 Dec 2018 12:36 AM IST
shailendra Kumar
kaushambi
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Published by: shailendra Kumar
Updated Sat, 22 Dec 2018 12:36 AM IST
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मंझनपुर। जिला कारागार में निरुद्ध दुबई के राहुल राज से गुरुवार को एटीएस के इंस्पेक्टर शैलेंद्र त्रिपाठी ने पूछताछ की। राहुल अपनी बात पर अडिग रहा। दुबई से भारत कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी उसे नहीं है। घरवालों को उसने दुबई में एक हादसे के दौरान मारे जाने की जानकारी दी। करीब आधा घंटा की पूछताछ के बाद इंस्पेक्टर शैलेंद्र वापस लखनऊ लौट गए।
पश्चिमशरीरा के परई उग्रसेनपुर निवासी उदयराज के यहां अगस्त माह में एक व्यक्ति आया था। उदयराज ने बताया कि प्रयागराज के एक होटल में वह मजदूरी करता था। वहीं उसकी मुलाकात राहुल से हुई थी। उदयराज राहुल को अपने गांव ले आया। अंग्रेजी व उर्दू का जानकार राहुल गांव में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करता था। बोलचाल की भाषा से लोगों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को खबर दी। कुंभ के पहले संदिग्ध मिलने की खबर से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। थानाध्यक्ष संजय गुप्ता ने राहुल को गिरफ्तार किया तो पता चला कि वह दुबई का रहने वाला है। उसके पिता का नाम सलीम था। यहां उसने अपने पिता के नाम के स्थान पर उदयराज का नाम लिखकर निवास प्रमाण पत्र व आधार कार्ड बनवा लिया था। इसे लेकर पुलिस का माथा ठनका और उसने एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) को खबर दी। एटीएस के सीओ भी मामले की जांच कर चुके हैं।
पश्चिमशरीरा पुलिस ने राहुल को धोखाधड़ी के मामले में जेल भेज दिया। गुरुवार की शाम एटीएस लखनऊ के इंस्पेक्टर शैलेंद्र त्रिपाठी जिला कारागार पहुंचे। उन्होंने राहुल से करीब आधा घंटे पूछताछ की। राहुल ने बताया कि उसके मां-बाप दुबई में रहते थे। उनका वहां रेस्टोरेंट हुआ करता था। कार एक्सीडेंट में मां-बाप दोनों की मौत हो गई। वह भी कोमा में था। होश आने पर वह मुंबई के मदर टरेसा अस्पताल में था। मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता था। वह दुबई से भारत कैसे पहुंचा, वीजा, पासपोर्ट आदि के बारे में वह कुछ नहीं बता सका। जेल अधीक्षक बीएस मुकुंद ने बताया कि इंस्पेक्टर की पूछताछ में राहुल यही बातें कहता रहा। पूछताछ के बाद इंस्पेक्टर शैलेंद्र वापस लौट गए।
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पश्चिमशरीरा के परई उग्रसेनपुर निवासी उदयराज के यहां अगस्त माह में एक व्यक्ति आया था। उदयराज ने बताया कि प्रयागराज के एक होटल में वह मजदूरी करता था। वहीं उसकी मुलाकात राहुल से हुई थी। उदयराज राहुल को अपने गांव ले आया। अंग्रेजी व उर्दू का जानकार राहुल गांव में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करता था। बोलचाल की भाषा से लोगों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को खबर दी। कुंभ के पहले संदिग्ध मिलने की खबर से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। थानाध्यक्ष संजय गुप्ता ने राहुल को गिरफ्तार किया तो पता चला कि वह दुबई का रहने वाला है। उसके पिता का नाम सलीम था। यहां उसने अपने पिता के नाम के स्थान पर उदयराज का नाम लिखकर निवास प्रमाण पत्र व आधार कार्ड बनवा लिया था। इसे लेकर पुलिस का माथा ठनका और उसने एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) को खबर दी। एटीएस के सीओ भी मामले की जांच कर चुके हैं।
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पश्चिमशरीरा पुलिस ने राहुल को धोखाधड़ी के मामले में जेल भेज दिया। गुरुवार की शाम एटीएस लखनऊ के इंस्पेक्टर शैलेंद्र त्रिपाठी जिला कारागार पहुंचे। उन्होंने राहुल से करीब आधा घंटे पूछताछ की। राहुल ने बताया कि उसके मां-बाप दुबई में रहते थे। उनका वहां रेस्टोरेंट हुआ करता था। कार एक्सीडेंट में मां-बाप दोनों की मौत हो गई। वह भी कोमा में था। होश आने पर वह मुंबई के मदर टरेसा अस्पताल में था। मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता था। वह दुबई से भारत कैसे पहुंचा, वीजा, पासपोर्ट आदि के बारे में वह कुछ नहीं बता सका। जेल अधीक्षक बीएस मुकुंद ने बताया कि इंस्पेक्टर की पूछताछ में राहुल यही बातें कहता रहा। पूछताछ के बाद इंस्पेक्टर शैलेंद्र वापस लौट गए।
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