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थ्रेसर की चपेट में आने से किसान की मौत
Wed, 17 Apr 2019 12:35 AM IST
shailendra Kumar
kaushambi
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Published by: shailendra Kumar
Updated Wed, 17 Apr 2019 12:35 AM IST
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महेवाघाट। क्षेत्र के हिनौता गांव का एक किसान मंगलवार सुबह थ्रेसर की चपेट में आ गया। मुख्यालय के निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है।
हिनौता गांव का रामखेलावन (38) पुत्र बृजलाल किसानी करके परिवार का खर्च चलाता था। मंगलवार सुबह वह अपने खेत में थ्रेसर से गेहूं की कटाई करा रहा था। इस दौरान अचानक उसका हाथ थ्रेसर की चपेट में आ गया। हादसा देख परिवार के सदस्य चीख पड़े।
परिजनों ने आननफानन किसान को मुख्यालय के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी सांसें थम गईं। मौत की मनहूस खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पीड़ित परिजन दहाड़े मारकर रो पड़े। पीड़ितों को ढाढस बंधाने के लिए उनके घर पर पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। परिवार वालों ने बिना पोस्टमार्टम कराए मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। घटना की जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई है। मामले में सदर एसडीएम राकेश कुमार का कहना है कि बिना पीएम कराए किसी तरह का कोई मुआवजा दिला पाना संभव नहीं है।
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हिनौता गांव का रामखेलावन (38) पुत्र बृजलाल किसानी करके परिवार का खर्च चलाता था। मंगलवार सुबह वह अपने खेत में थ्रेसर से गेहूं की कटाई करा रहा था। इस दौरान अचानक उसका हाथ थ्रेसर की चपेट में आ गया। हादसा देख परिवार के सदस्य चीख पड़े।
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परिजनों ने आननफानन किसान को मुख्यालय के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी सांसें थम गईं। मौत की मनहूस खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पीड़ित परिजन दहाड़े मारकर रो पड़े। पीड़ितों को ढाढस बंधाने के लिए उनके घर पर पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। परिवार वालों ने बिना पोस्टमार्टम कराए मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। घटना की जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई है। मामले में सदर एसडीएम राकेश कुमार का कहना है कि बिना पीएम कराए किसी तरह का कोई मुआवजा दिला पाना संभव नहीं है।
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