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चार भाइयों समेत 5 को 10-10 साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:20 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : demo
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जानलेवा हमले के दोषी मिले सुजातपुर बमरौली गांव के 4 सगे भाइयों समेत 5 लोगों को बृहस्पतिवार को अदालत ने 10-10 साल कैद और 14-14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इन पांचों व्यक्तियों ने 20 साल पहले गांव के ही 5 लोगों पर खेत से लौटते समय प्राणघातक हमला किया था।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी फौजदारी त्रिलोकीचंद्र केसरवानी के मुताबिक कोखराज थाना क्षेत्र के सुजातपुर बमरौली गांव निवासी मन्नीलाल पुत्र पूनीलाल का पड़ोसी से पुराना विवाद था। इसी रंजिश में 8 अक्तूबर 1995 को जब उसके पिता पुनीलाल खेत की ओर से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में विपक्षियों ने उसके ऊपर लाठी-डंडे और धारदार हथियार से हमला कर दिया। चीख-पुकार पर बीच बचाव करने दौडे़ परिवार के 4 अन्य सदस्यों को भी इन हमलावरों ने पीटकर लहूलुहान कर दिया था। हमले में गंभीररूप से जख्मी लोगों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही मन्नीलाल की तहरीर पर पुलिस ने सोमचंद्र उसके भाई रामचंद्र, संपत, भैया और डगरू पुत्र राजाराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने तफ्तीश के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। यह मुकदमा 20 साल तक अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चलता रहा। बृहस्पतिवार को अपर सत्र एवं जनपद न्यायाधीश महेश कुमार कुशवाहा ने पांचों नामजद व्यक्तियों को प्राणघातक हमले का दोषी पाते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास और 14-14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं जमा करने पर अभियुक्तों को 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी फौजदारी त्रिलोकीचंद्र केसरवानी के मुताबिक कोखराज थाना क्षेत्र के सुजातपुर बमरौली गांव निवासी मन्नीलाल पुत्र पूनीलाल का पड़ोसी से पुराना विवाद था। इसी रंजिश में 8 अक्तूबर 1995 को जब उसके पिता पुनीलाल खेत की ओर से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में विपक्षियों ने उसके ऊपर लाठी-डंडे और धारदार हथियार से हमला कर दिया। चीख-पुकार पर बीच बचाव करने दौडे़ परिवार के 4 अन्य सदस्यों को भी इन हमलावरों ने पीटकर लहूलुहान कर दिया था। हमले में गंभीररूप से जख्मी लोगों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही मन्नीलाल की तहरीर पर पुलिस ने सोमचंद्र उसके भाई रामचंद्र, संपत, भैया और डगरू पुत्र राजाराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने तफ्तीश के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। यह मुकदमा 20 साल तक अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चलता रहा। बृहस्पतिवार को अपर सत्र एवं जनपद न्यायाधीश महेश कुमार कुशवाहा ने पांचों नामजद व्यक्तियों को प्राणघातक हमले का दोषी पाते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास और 14-14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं जमा करने पर अभियुक्तों को 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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