फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   distric hospital news

जिला अस्पताल: तीन मरीजों को जबरन किया डिस्चार्ज

Sun, 03 Jul 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Sun, 03 Jul 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
संयुक्त जिला चिकित्सालय में फल बांटने पहुंचे सपा नेताओं से वसूली की शिकायत करना तीन मरीजों को भारी पड़ गया। शिकायत से चिढ़े चिकित्सकों ने तीन मरीजों का इलाज पूरा किए बगैर ही डिस्चार्ज कर दिया। घटना की जानकारी सपा नेताओं को हुई तो मामले की शिकायत डीएम अखंड प्रताप सिंह से की है।
विज्ञापन


शुक्रवार को सूबे के सीएम अखिलेश यादव का जन्म दिन था। पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष अशोक यादव और सिराथू विधायक वाचस्पति की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने जन्मदिन का केक काटा। इसके बाद जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल व मिठाई बांटने पहुंचे। बेड पर पड़े मरीजों ने सपा नेताओं का फल व मिठाई लेने से इनकार कर दिया। आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा उनसे वसूली की जाती है और बाहर से दवाएं मंगवाई जाती हैं।
विज्ञापन


यह भी आरोप लगाया कि बत्ती गुल होने के बाद जनरेटर नहीं चलाया जाता और मरीज भीषण गर्मी में तड़पते रहते हैं। इस पर सपा विधायक वाचस्पति का माथा ठनका। उन्होंने मौके पर डीएम, सीएमओ को बुलाकर मरीजों की शिकायत सुनने को कहा। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने वसूली के आरोप में दो चिकित्सकों के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दिया। कार्रवाई होने के बाद जब सपा नेता और अधिकारी अस्पताल से वापस चले आए तो मौजूद अन्य चिकित्सकों ने यूनियन बाजी शुरू कर दी। चिकित्सकों ने देर रात पैर का आपरेशन कराने वाले रामकरन निवासी बबुरा, दीपक निवासी चकिया व गोबरसहाई निवासी ज्ञान चंद्र को इलाज पूरा किए बगैर जबरन छुट्टी दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


चिकित्सकों का रुख देख मजबूरी में मरीज बाहर निकलकर दूसरे अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। इसकी जानकारी सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, महासचिव गुलाम हुसैन को मासिक बैठक में हुई तो उनमें नाराजगी दिखी। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दोनो नेता डीएम आवास पहुंचे और चिकित्सकों के मनमानी की शिकायत दर्ज कराई। डीएम ने मरीजों को रिलीव करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों के साथ दवा के नाम पर भी खेल होता है। अस्पताल में आने वाले गंभीर रोगियों को मुफ्त इलाज के नाम पर भर्ती तो किया जाता है पर उन्हें मुफ्त इलाज मिल नहीं पाता। अस्पताल में तैनात चिकित्सक मरीजों से दवाएं बाहर से मंगाते हैं। सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में बाहर से दवा मंगाने वाले एक-एक चिकित्सक का मेडिकल स्टोर पर कमीशन बंधा रहता है। इसका भुगतान मेडिकल स्टोर संचालक सप्ताह, पखवारे और महीने भर में करते हैं। ऐसे में जिला अस्पताल भले ही मुफ्त इलाज के लिए खोली गई है पर चिकित्सकों की वसूली बदस्तूर जारी है।

 संयुक्त जिला चिकित्सालय का जनरेटर आए दिन खराब रहता है। ऐसा सीएमएस पूंछने पर बताते हैं। शुक्रवार को भी ऐसा ही कुछ हुआ। सपा विधायक वाचस्पति ने बिजली के अभाव में जनरेटर न चलने का कारण सीएमएस से पूछा तो उन्होंने खराब होना बताया लेकिन आपरेटर को कर्रा किया गया तो उसने फौरन जनरेटर स्टार्ट कर दिया। जनरेटर में कोई खराबी न मिलने पर विधायक हैरत में पड़ गए। उन्होंने माना कि जिला अस्पताल में मरीजों के साथ मनमानी की जाती है। इसमें चिकित्सकों से लेकर सीएमएस तक की मिली भगत रहती है। उन्होंने मामले की शिकायत शासन में करने की बात कही है।


अस्पताल से मरीजों को जबरन रिलीज किए जाने की जानकारी नहीं है। ऐसी कोई शिकायत भी नहीं मिली है। फिलहाल ऐसा हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कोई चिकित्सक दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
रामजी पांडेय, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed