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डीएम कराएंगे विकास के धन में फर्जीवाड़े की जांच
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 13 Aug 2016 12:25 AM IST
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कौशाम्बी ब्लॉक के ढोकसहा गांव में विकास के धन में हुए फर्जीवाड़े की जांच अब डीएम कराएंगे। गांव के एक व्यक्ति द्वारा दायर की गई जनहित याचिका को संज्ञान में लेते हुए उच्च न्यायालय ने यह निर्देश डीएम को दिया है। मामले में डीएम को चार माह के भीतर जांच कराकर कार्रवाई करनी होगी।
ढोकसहा निवासी मो. अहमद पुत्र मोहीब खां ने पिछले दिनों उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2010 से 2015 तक ढोकसहा गांव में विकास कार्य के लिए भेजे गए धन के साथ तत्कालीन ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी ने फर्जीवाड़ा करते हुए बंदरबांट कर लिया। इससे गांव का पंचवर्षीय योजना में तनिक भी विकास नहीं हो सका। सोलर लाइट, हैंडपंप मरम्मत समेत अन्य मामलों में फर्जी बिल बाउचर लगाकर धनराशि का गोलमाल किया गया है।
मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई देते हुए चार माह के भीतर ग्राम प्रधान और पंचायत सेक्रेटरी पर लगाए गए आरोपों की जांच कराकर कार्रवाई का आदेश दिया है। ऐसे में अब चार माह के भीतर ढोकसहा गांव में विकास कार्य के धन से हुए बंदरबांट की जांच होना तय है।
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ढोकसहा निवासी मो. अहमद पुत्र मोहीब खां ने पिछले दिनों उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2010 से 2015 तक ढोकसहा गांव में विकास कार्य के लिए भेजे गए धन के साथ तत्कालीन ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी ने फर्जीवाड़ा करते हुए बंदरबांट कर लिया। इससे गांव का पंचवर्षीय योजना में तनिक भी विकास नहीं हो सका। सोलर लाइट, हैंडपंप मरम्मत समेत अन्य मामलों में फर्जी बिल बाउचर लगाकर धनराशि का गोलमाल किया गया है।
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मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई देते हुए चार माह के भीतर ग्राम प्रधान और पंचायत सेक्रेटरी पर लगाए गए आरोपों की जांच कराकर कार्रवाई का आदेश दिया है। ऐसे में अब चार माह के भीतर ढोकसहा गांव में विकास कार्य के धन से हुए बंदरबांट की जांच होना तय है।
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