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जिला अस्पताल में नाबालिग का गर्भपात कराने का प्रयास!
Fri, 11 Jan 2019 12:19 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Fri, 11 Jan 2019 12:19 AM IST
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मंझनपुर। जिला अस्पताल में गुरुवार को एक नाबालिग लड़की का गर्भपात कराने की खबर से हड़कंप मच गया। चिकित्सक ने 14 हजार लेकर गर्भपात करने की तैयारी कर ली थी। लेकिन मामला मीडिया की जानकारी में पहुंचने से बाद में इंकार कर दिया गया। घटना को लेकर अस्पताल का स्टाफ सकते में रहा।
कोखराज इलाके की एक 15 वर्षीय किशोरी का प्रेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी इन दिनों गर्भवती है। उसके तीन माह का गर्भ है। घरवालों ने किशोरी को जबरन गर्भपात की दवा खिला दी। इससे किशोरी की हालत बिगड़ गई। घरवाले पहले उसे निजी अस्पताल ले गए जहां सभी ने गर्भपात करने से हाथ खड़ा कर दिया। इसके बाद एक आशा के माध्यम से किशोरी को जिला अस्पताल लाया गया। इसके बाद गायनोलॉजिस्ट से लेनदेन की बात तय हुई। किशोरी को कलर डॉप्लर (अल्ट्रासाउंड) व सीबीसी, केएफटी व एलएफटी की जांच के लिए लिखा गया।
सभी जांच जिला अस्पताल में ही कराई गई। इसके बाद चोरी से गर्भपात के लिए उसे लेबर रूम तक लाया गया। इसी बीच मीडिया के लोग वहां पहुंचे तो परिजन व अस्पताल कर्मी सहम गए। आनन-फानन किशोरी को रेफर किया जाने लगा। परिवार के लोग पैसा बढ़ाने की बात करते रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। बाद में परिजन किशोरी को लेकर चले गए। कायाकल्प अवार्ड से नवाजे गए जिला अस्पताल में कराए जा रहे इस तरह के कृत्य की सारा दिन चर्चा रही।
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कोखराज इलाके की एक 15 वर्षीय किशोरी का प्रेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी इन दिनों गर्भवती है। उसके तीन माह का गर्भ है। घरवालों ने किशोरी को जबरन गर्भपात की दवा खिला दी। इससे किशोरी की हालत बिगड़ गई। घरवाले पहले उसे निजी अस्पताल ले गए जहां सभी ने गर्भपात करने से हाथ खड़ा कर दिया। इसके बाद एक आशा के माध्यम से किशोरी को जिला अस्पताल लाया गया। इसके बाद गायनोलॉजिस्ट से लेनदेन की बात तय हुई। किशोरी को कलर डॉप्लर (अल्ट्रासाउंड) व सीबीसी, केएफटी व एलएफटी की जांच के लिए लिखा गया।
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सभी जांच जिला अस्पताल में ही कराई गई। इसके बाद चोरी से गर्भपात के लिए उसे लेबर रूम तक लाया गया। इसी बीच मीडिया के लोग वहां पहुंचे तो परिजन व अस्पताल कर्मी सहम गए। आनन-फानन किशोरी को रेफर किया जाने लगा। परिवार के लोग पैसा बढ़ाने की बात करते रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। बाद में परिजन किशोरी को लेकर चले गए। कायाकल्प अवार्ड से नवाजे गए जिला अस्पताल में कराए जा रहे इस तरह के कृत्य की सारा दिन चर्चा रही।
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