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पड़ोसन के घर हमले में फंसे पड़ोसी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Wed, 20 Apr 2016 01:21 AM IST
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घर में घुसकर मारपीट
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पुरानी रंजिश में पड़ोसी के घर में हमला करके मारपीट, तोड़फोड़ करना करारी कस्बे के दो व्यक्तियों को मंहगा पड़ा है। घर में घुसकर उत्पात मचाने की इस घटना में सालभर बाद अदालत के आदेश पर मंगलवार को पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। करारी कस्बे के नयागंज मोहल्ले के रहने वाले अली मोहम्मद की पड़ोसी से जमीन कब्जे को लेकर रंजिश है। इसी पुरानी रंजिश में अली मोहम्मद के विपक्षियों ने 26 मार्च 2015 की शाम हमला कर दिया था। लाठी-डंडे लेकर घर में घुसे हमलावरों ने तोड़-फोड़ की। विरोध करने पर उसकी पत्नी नाजिया बेगम को पीटकर लहूलुहान कर दिया था। चीख-पुकार पर गांववालों के आने पर विवाहिता की जान बची।
ग्रामीणों के आने पर हमलावर जान से मारने की धमकियां देते हुए भाग निकले थे। आरोप है कि हमलावरों के भाग जाने के बाद ही खून से लथपथ विवाहिता ने करारी थाने पहुंचकर घटना की नामजद तहरीर दी थी। पर, पुलिस ने जांच का बहाना बनाकर रिपोर्ट नहीं लिखी। कई दिनों तक थाने का चक्कर लगाने के बाद उसने पुलिस अधिकारियों के यहां प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन उसकी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। इलाकाई पुलिस और अधिकारियों की अनदेखी से परेशान विवाहिता ने अदालत की शरण ली। सोमवार को अदालत ने करारी एसओ को घटना की एफआईआर लिखकर जांच का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर करारी पुलिस ने दो हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके घटना की छानबीन शुरू कर दी।
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ग्रामीणों के आने पर हमलावर जान से मारने की धमकियां देते हुए भाग निकले थे। आरोप है कि हमलावरों के भाग जाने के बाद ही खून से लथपथ विवाहिता ने करारी थाने पहुंचकर घटना की नामजद तहरीर दी थी। पर, पुलिस ने जांच का बहाना बनाकर रिपोर्ट नहीं लिखी। कई दिनों तक थाने का चक्कर लगाने के बाद उसने पुलिस अधिकारियों के यहां प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन उसकी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। इलाकाई पुलिस और अधिकारियों की अनदेखी से परेशान विवाहिता ने अदालत की शरण ली। सोमवार को अदालत ने करारी एसओ को घटना की एफआईआर लिखकर जांच का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर करारी पुलिस ने दो हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके घटना की छानबीन शुरू कर दी।
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