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दोआबा में पकड़ा गया पौने दो करोड़ का गांजा
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 30 May 2016 12:45 AM IST
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एसटीएफ इलाहाबाद और पुरामुफ्ती पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार रात हाईवे से एक करोड़ 90 लाख रुपये का गांजा बरामद किया। ट्रक और स्कार्पियो के साथ पुलिस ने आधा दर्जन तस्करों को धर दबोचा। पुलिस ने ट्रक से 8.61 क्विंटल गांजा बरामद किया है। पुरामुफ्ती कोतवाल ने बताया कि तस्कर आंध्र प्रदेश से ट्रक में गांजे की खेप लेकर दोआबा खपत के लिए लाए थे। पुलिस ने पकड़े गए सभी तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
दोआबा में ट्रक से खपत के लिए लाई गई गांजे की खेप को शनिवार की रात एसटीएफ और पुरामुफ्ती पुलिस ने धर दबोचा। गांजा तस्कर महगांव के समीप हाईवे पर एक बंद पेट्रोल पंप के समीप संदिग्ध दशा में ट्रक और स्कार्पियो लेकर खड़े थे। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी करते हुए पुलिस ने ट्रक और स्कार्पियो सवार आधा दर्जन लोगों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर पुलिस ने ट्रक से 8.61 क्विंटल गांजा मिला। पकड़े गए तस्कर विपिन निवासी शाहपुर लखनऊ, शेषनाथ यादव निवासी बलिया, अक्षय कुमार निवासी उन्नाव, मुन्ना निवासी धर्मपरु बिहार, रवि यादव निवासी लक्ष्मणपुर बलिया के साथ ट्रक चालक अभिनंदन निवासी फेफना बलिया बताए गए हैं।
पूरामुफ्ती कोतवाल धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आंध्र प्रदेश से गांजे की खेप दोआबा में खपत के लिए लाई गई थी। गांजे की कीमत करीब एक करोड़ 90 लाख ़रुपये आंकी गई है। पुलिस ने पकड़े गए वाहनों को कब्जे में लेते हुए सभी तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
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एसटीएफ की सफलता को बांटने के बाद पुरामुफ्ती पुलिस अपनी पीठ खुद थपथपाने से नहीं चूकी। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ ने बनारस के सिंगरा मोड़ के समीप से दो दिन पहले ट्रक चालक अभिनंदन को पकड़ा था। इसके बाद कौशाम्बी लाकर उसी के जरिए तस्करों से गांजे की खेप मंगाई थी। ताजपोशी कायम रहे इसलिए शातिराने अंजाम में यह तिलिस्म रचा गया था।
एसटीएफ के साथ पुरामुफ्ती पुलिस ने जिस लग्जरी गाड़ी से 8.61 क्विंटल गांजा बरामद किया है। वह पैकेट के लिए लाया गया था। सूत्रों की मानें तो गांजे को पैकेट से निकालने के बाद उसे बोरे में भरवाने के बाद ही पुलिस ने बरामदगी दिखाई है।
कौन है दोआबा का गांजा कारोबारी
दोआबा का मास्टर माइंड गांजा कारोबारी गुरू कौन है। जो हर महीने करोड़ों रुपये कीमत के गांजे का काला कारोबार कर रहा है। पुरामुफ्ती पुलिस के हत्थे चढ़े तस्करों ने बताया कि वह गांजे की खेप कौशाम्बी के गुरु नामक व्यक्ति के पास डिलेवरी करने आए थे। पुलिस ने अब जिले के सरगना गुरु की तलाश शुरू कर दी है।
बता दें कि कौशाम्बी मादक पदार्थों की खपत का गढ़ बन गया है। जहां गांजे के साथ अफीम, कोकीन और नकली शराब की खपत की जा रही है। हर महीने जिले में करोड़ाें रुपये का गांजा खपाया जा रहा है। दोआबा में इस काले कारोबार का मास्टर माइंड सरगना गुरु कौन है, जिसके बारे में शनिवार की रात एसटीएफ और पुरामुफ्ती पुलिस के हत्थे चढे़ गांजे के तस्करों ने बताया इसकी खोजबीन शुरू कर दी गई है। पुरामुफ्ती कोतवाल धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि तस्करों के जरिए गुरु का नाम सामने आया है। तस्करों से पूछताछ करने के बाद पुलिस अब गुरु की तलाश शुरू कर दी है।
भांग की दुकानों में खप रही गांजे की खेप
दोआबा में संचालित भांग की दुकान की आड़ में रोजाना गांजे का काला कारोबार चल रहा है। सूत्रों की मानें तो एक दुकान में कौशाम्बी में प्रतिदिन दो से पांच किलो गांजे की खपत होती है। कोड वर्ड पर हर दुकान में गांजे की पुड़िया हर वक्त उपलब्ध होती है। पुलिस के हत्थे चढ़ी गांजे की यह खेप भी इन्हीं दुकानों में खपाने के लिए लाई गई थी।
पहले भी पकड़ा जा चुका है गांजा
16 अप्रैल 2012 को सैनी कोतवाली पुलिस ने गुलामीपुर स्थित एक ढाबे में खड़े ट्रक से पकड़ा था 61 किलो गांजा।
17 अप्रैल 2013 को सैनी कोतवाली पुलिस ने मोचारा गांव से डेढ़ क्विंटल गांजा किया था बरामद।
3 मई 2014 को पुरामुफ्ती पुलिस ने एक कारखाने से 50 पाउच पकड़ा था स्मैक।
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दोआबा में ट्रक से खपत के लिए लाई गई गांजे की खेप को शनिवार की रात एसटीएफ और पुरामुफ्ती पुलिस ने धर दबोचा। गांजा तस्कर महगांव के समीप हाईवे पर एक बंद पेट्रोल पंप के समीप संदिग्ध दशा में ट्रक और स्कार्पियो लेकर खड़े थे। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी करते हुए पुलिस ने ट्रक और स्कार्पियो सवार आधा दर्जन लोगों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर पुलिस ने ट्रक से 8.61 क्विंटल गांजा मिला। पकड़े गए तस्कर विपिन निवासी शाहपुर लखनऊ, शेषनाथ यादव निवासी बलिया, अक्षय कुमार निवासी उन्नाव, मुन्ना निवासी धर्मपरु बिहार, रवि यादव निवासी लक्ष्मणपुर बलिया के साथ ट्रक चालक अभिनंदन निवासी फेफना बलिया बताए गए हैं।
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पूरामुफ्ती कोतवाल धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आंध्र प्रदेश से गांजे की खेप दोआबा में खपत के लिए लाई गई थी। गांजे की कीमत करीब एक करोड़ 90 लाख ़रुपये आंकी गई है। पुलिस ने पकड़े गए वाहनों को कब्जे में लेते हुए सभी तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
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एसटीएफ की सफलता को बांटने के बाद पुरामुफ्ती पुलिस अपनी पीठ खुद थपथपाने से नहीं चूकी। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ ने बनारस के सिंगरा मोड़ के समीप से दो दिन पहले ट्रक चालक अभिनंदन को पकड़ा था। इसके बाद कौशाम्बी लाकर उसी के जरिए तस्करों से गांजे की खेप मंगाई थी। ताजपोशी कायम रहे इसलिए शातिराने अंजाम में यह तिलिस्म रचा गया था।
एसटीएफ के साथ पुरामुफ्ती पुलिस ने जिस लग्जरी गाड़ी से 8.61 क्विंटल गांजा बरामद किया है। वह पैकेट के लिए लाया गया था। सूत्रों की मानें तो गांजे को पैकेट से निकालने के बाद उसे बोरे में भरवाने के बाद ही पुलिस ने बरामदगी दिखाई है।
कौन है दोआबा का गांजा कारोबारी
दोआबा का मास्टर माइंड गांजा कारोबारी गुरू कौन है। जो हर महीने करोड़ों रुपये कीमत के गांजे का काला कारोबार कर रहा है। पुरामुफ्ती पुलिस के हत्थे चढ़े तस्करों ने बताया कि वह गांजे की खेप कौशाम्बी के गुरु नामक व्यक्ति के पास डिलेवरी करने आए थे। पुलिस ने अब जिले के सरगना गुरु की तलाश शुरू कर दी है।
बता दें कि कौशाम्बी मादक पदार्थों की खपत का गढ़ बन गया है। जहां गांजे के साथ अफीम, कोकीन और नकली शराब की खपत की जा रही है। हर महीने जिले में करोड़ाें रुपये का गांजा खपाया जा रहा है। दोआबा में इस काले कारोबार का मास्टर माइंड सरगना गुरु कौन है, जिसके बारे में शनिवार की रात एसटीएफ और पुरामुफ्ती पुलिस के हत्थे चढे़ गांजे के तस्करों ने बताया इसकी खोजबीन शुरू कर दी गई है। पुरामुफ्ती कोतवाल धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि तस्करों के जरिए गुरु का नाम सामने आया है। तस्करों से पूछताछ करने के बाद पुलिस अब गुरु की तलाश शुरू कर दी है।
भांग की दुकानों में खप रही गांजे की खेप
दोआबा में संचालित भांग की दुकान की आड़ में रोजाना गांजे का काला कारोबार चल रहा है। सूत्रों की मानें तो एक दुकान में कौशाम्बी में प्रतिदिन दो से पांच किलो गांजे की खपत होती है। कोड वर्ड पर हर दुकान में गांजे की पुड़िया हर वक्त उपलब्ध होती है। पुलिस के हत्थे चढ़ी गांजे की यह खेप भी इन्हीं दुकानों में खपाने के लिए लाई गई थी।
पहले भी पकड़ा जा चुका है गांजा
16 अप्रैल 2012 को सैनी कोतवाली पुलिस ने गुलामीपुर स्थित एक ढाबे में खड़े ट्रक से पकड़ा था 61 किलो गांजा।
17 अप्रैल 2013 को सैनी कोतवाली पुलिस ने मोचारा गांव से डेढ़ क्विंटल गांजा किया था बरामद।
3 मई 2014 को पुरामुफ्ती पुलिस ने एक कारखाने से 50 पाउच पकड़ा था स्मैक।