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सैनी पुलिस के हत्थे चढ़ा मास्टर माइंड
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 09 May 2016 12:01 AM IST
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सैनी पुलिस ने रविवार को नूरपुर अपहरण और दोहरे हत्याकांड के मुख्य हत्यारोपी मिथिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पकड़े गए हत्यारोपी के पास से एक तमंचा बरामद किया है।
सैनी क्षेत्र के नूरपुर के बद्री प्रसाद यादव और उसकी बेटी सुधा देवी का अपहरण कर हत्या के बाद शव बोरवेल में फेंक दिया गया था। पुलिस ने बुधवार को बोरवेल से पिता-पुत्री का शव बरामद किया था। रविवार को मुखबिर से सैनी प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह को सूचना मिली की मुख्य आरोपी मिथिलेश यादव अथसरांय रेलवे स्टेशन पर मौजूद है। इस सूचना पर इंस्पेक्टर राम रेखा सिंह, सिपाही श्रीराम मौर्या, उमा शंकर, दिनेश कुमार और चालक रुस्तम के साथ स्टेशन पहुंच गए। पुलिस ने ट्रेन के इंतजार में प्लेट फार्म पर बैठे मिथिलेश को धर दबोचा। एकाएक पुलिस देख मिथिलेश ने दोनों हाथ खड़े कर दिए।
सैनी कोतवाली लाकर पुलिस ने उसे कर्रा किया तो वह टूट गया। उसने अपने जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि वह स्वार्थ में अंधा हो गया था। उसने योजना बनाकर अपने दादा बद्री प्रसाद और उसकी बेटी सुधा के सिर पर लोहे के वजनी पाइप से प्रहार कर जख्मी करने के बाद बहन किरन देवी, पत्नी सुंती देवी और साथी दीवान सिंह निवासी सोनारनकापुरवा कोरियो, रामू मौर्या निवासी हसनपुर कसार थाना सुल्तानपुर घोष जिला फतेहपुर की मदद से दोनों को बोरवेल में ठिकाने लगा दिया।
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पकड़े गए मिथिलेश का कहना है कि वह अपने दादा और चचेरी बहन सुधा को जब बोरवेल में उल्टा कर डाला तो दोनों के मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी। उसे यह नहीं पता कि उसने दोनों को जिंदा फेंका या वे मरे हुए थे। सीओ सिराथू जर्नादन तिवारी ने बताया कि जांच में घटना में शामिल चार अन्य नाम प्रकाश में पुलिस ने ला दिया है। दावा किया कि शेष अभियुक्तों की भी शीघ्र गिरफ्तारी हो जाएगी।
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सैनी क्षेत्र के नूरपुर के बद्री प्रसाद यादव और उसकी बेटी सुधा देवी का अपहरण कर हत्या के बाद शव बोरवेल में फेंक दिया गया था। पुलिस ने बुधवार को बोरवेल से पिता-पुत्री का शव बरामद किया था। रविवार को मुखबिर से सैनी प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह को सूचना मिली की मुख्य आरोपी मिथिलेश यादव अथसरांय रेलवे स्टेशन पर मौजूद है। इस सूचना पर इंस्पेक्टर राम रेखा सिंह, सिपाही श्रीराम मौर्या, उमा शंकर, दिनेश कुमार और चालक रुस्तम के साथ स्टेशन पहुंच गए। पुलिस ने ट्रेन के इंतजार में प्लेट फार्म पर बैठे मिथिलेश को धर दबोचा। एकाएक पुलिस देख मिथिलेश ने दोनों हाथ खड़े कर दिए।
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सैनी कोतवाली लाकर पुलिस ने उसे कर्रा किया तो वह टूट गया। उसने अपने जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि वह स्वार्थ में अंधा हो गया था। उसने योजना बनाकर अपने दादा बद्री प्रसाद और उसकी बेटी सुधा के सिर पर लोहे के वजनी पाइप से प्रहार कर जख्मी करने के बाद बहन किरन देवी, पत्नी सुंती देवी और साथी दीवान सिंह निवासी सोनारनकापुरवा कोरियो, रामू मौर्या निवासी हसनपुर कसार थाना सुल्तानपुर घोष जिला फतेहपुर की मदद से दोनों को बोरवेल में ठिकाने लगा दिया।
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पकड़े गए मिथिलेश का कहना है कि वह अपने दादा और चचेरी बहन सुधा को जब बोरवेल में उल्टा कर डाला तो दोनों के मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी। उसे यह नहीं पता कि उसने दोनों को जिंदा फेंका या वे मरे हुए थे। सीओ सिराथू जर्नादन तिवारी ने बताया कि जांच में घटना में शामिल चार अन्य नाम प्रकाश में पुलिस ने ला दिया है। दावा किया कि शेष अभियुक्तों की भी शीघ्र गिरफ्तारी हो जाएगी।