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रिटायर्ड होकर घर में सिस्टम से लड़ रहे फौजी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 20 Sep 2017 01:03 AM IST
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देश की सरहद पर जान की बाजी लगाकर खड़े रहने वाले फौजियों को भी घर में सिस्टम से लड़ना पड़ रहा है। मामूली कामों के लिए भी उनको विभागीय अधिकारी व कर्मचारी चक्कर लगवा रहे हैं। इससे आजिज आए सेवानिवृत्त सैनिकों ने जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय से गुहार लगाई है। कार्यालय की ओर से आठ रिटायर्ड फौजियों के शिकायती पत्र कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजे गए हैं।
जिले के आठ रिटायर्ड फौजी अपनी मामूली समस्या को लेकर परेशान हैं। कई बार अधिकारियों के दफ्तर गए, गुहार लगाई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। नतीजतन सेवानिवृत्त सैनिकों को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी के पास जाना पड़ा। जहां उन्होंने कर्नल महानंद रथ से अपनी समस्या के समाधान की गुहार लगाई। अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी शिकायती पत्रों को संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेज दिया है। साथ ही यह अधिकारियों से यह भी कहा है कि वह शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराएं। रिटायर्ड फौजियों की अधिकांश शिकायतें शस्त्र लाइसेंस व जमीन पर कब्जे की हैं। शिकायती पत्र मिलते ही जांच शुरू करा दी गई है, लेकिन अभी तक एक भी शिकायती पत्र का निस्तारण नहीं हो सका है।
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जिले के आठ रिटायर्ड फौजी अपनी मामूली समस्या को लेकर परेशान हैं। कई बार अधिकारियों के दफ्तर गए, गुहार लगाई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। नतीजतन सेवानिवृत्त सैनिकों को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी के पास जाना पड़ा। जहां उन्होंने कर्नल महानंद रथ से अपनी समस्या के समाधान की गुहार लगाई। अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी शिकायती पत्रों को संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेज दिया है। साथ ही यह अधिकारियों से यह भी कहा है कि वह शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराएं। रिटायर्ड फौजियों की अधिकांश शिकायतें शस्त्र लाइसेंस व जमीन पर कब्जे की हैं। शिकायती पत्र मिलते ही जांच शुरू करा दी गई है, लेकिन अभी तक एक भी शिकायती पत्र का निस्तारण नहीं हो सका है।
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