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ठंड ने ली एक और अधेड़ की जान
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sat, 20 Dec 2014 12:41 AM IST
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मंझनपुर। द्वाबा में कातिलाना सर्दी का सितम शुरू हो गया है। शीतलहर से पड़ रही कड़ाके की ठंड से मौत का सिलसिला भी जारी है। बृहस्पतिवार की रात भी ठंड लगने से कोखराज के टेढीमोड़ गांव में एक अधेड़ की मौत हो गई। रात खेत से लौटने पर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन जब तक उसे अस्पताल ले जाते, सांसे थम गई। मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बता दें कि ठंड की चपेट में आने से जिले में 15 दिन के अंदर 10 लोगों जान जा चुकी है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के टेढीमोड़ गांव निवासी चंदर सोनकर (45) बृहस्पतिवार की शाम खेत की ओर गया था। रात करीब आठ बजे वह घर लौटा था। परिजनों के मुताबिक जैसे ही वह घर पहुंचा, अचानक उसके पेट और सीने में तेज दर्द होने लगा। तबीयत बिगड़ने पर घरवाले घबरा गए। परिजनों ने आग जलाकर उसे तपाने की कोशिश की। जब कोई राहत नहीं मिली, तो लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। हालांकि जब तक परिवार के लोग उसे अस्पताल ले जाते, अधेड़ की सांसें थम चुकी थीं। परिजनों का कहना है कि ठंड लगने से ही अधेड़ की मौत हुई है। बता दें हफ्तेभर पहले हुई बूंदाबांदी के बाद से जिले में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। साथ ही बर्फीली हवाओं के कारण भी लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। दिन में हल्की धूप से भले ही लोगों को कुछ राहत मिले। पर, सूरज ढलते ही सर्दी अपने पूरे तेवर दिखाने लगती है।
इधर, ठंड सेे 15 दिन के भीतर अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले 25 नंवबर को अजुहा में एक विक्षिप्त युवक और 27 तारीख को मखऊपुर गांव में एक अधेड़ की ठंड से मौत हुई थी। 30 नवंबर को नरवरपट्टी गांव के जियालाल और 12 दिसंबर को अजुहा में एक वृद्ध की ठंड की चपेट में आने से मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों के बाद भी अफसर बेफिक्र बने हुए हैं। जिले में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। वहीं प्रशासन की ओर से अब तक गरीबों को कंबल भी नहीं बांटा जा सका है।
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कोखराज कोतवाली क्षेत्र के टेढीमोड़ गांव निवासी चंदर सोनकर (45) बृहस्पतिवार की शाम खेत की ओर गया था। रात करीब आठ बजे वह घर लौटा था। परिजनों के मुताबिक जैसे ही वह घर पहुंचा, अचानक उसके पेट और सीने में तेज दर्द होने लगा। तबीयत बिगड़ने पर घरवाले घबरा गए। परिजनों ने आग जलाकर उसे तपाने की कोशिश की। जब कोई राहत नहीं मिली, तो लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। हालांकि जब तक परिवार के लोग उसे अस्पताल ले जाते, अधेड़ की सांसें थम चुकी थीं। परिजनों का कहना है कि ठंड लगने से ही अधेड़ की मौत हुई है। बता दें हफ्तेभर पहले हुई बूंदाबांदी के बाद से जिले में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। साथ ही बर्फीली हवाओं के कारण भी लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। दिन में हल्की धूप से भले ही लोगों को कुछ राहत मिले। पर, सूरज ढलते ही सर्दी अपने पूरे तेवर दिखाने लगती है।
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इधर, ठंड सेे 15 दिन के भीतर अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले 25 नंवबर को अजुहा में एक विक्षिप्त युवक और 27 तारीख को मखऊपुर गांव में एक अधेड़ की ठंड से मौत हुई थी। 30 नवंबर को नरवरपट्टी गांव के जियालाल और 12 दिसंबर को अजुहा में एक वृद्ध की ठंड की चपेट में आने से मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों के बाद भी अफसर बेफिक्र बने हुए हैं। जिले में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। वहीं प्रशासन की ओर से अब तक गरीबों को कंबल भी नहीं बांटा जा सका है।
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