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दहेज हत्या में पति को उम्र कैद
Updated Wed, 06 Sep 2017 01:05 AM IST
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दहेज हत्या में पति को उम्र कैद
पत्नी को आग के हवाले कर घर से भाग गया था हत्यारा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
दहेज के लिए पत्नी को आग के हवाले करने वाले पति को एडीजी तृतीय ने उम्र कैद की सजा के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। खाना बनाते समय पत्नी को आग के हवाले करने के बाद हत्यारा पति भाग निकला था।
कोखराज के भटपुरवा निवासी रमेश कुमार की वर्ष 2001 में सरायअकिल के सुकुवारा की कामिनी पुत्री छेदीलाल के साथ शादी हुई थी। शादी के बाद से ही वह पत्नी कामिनी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। दो जुलाई वर्ष 2007 को कामिनी घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान रमेश कुमार उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर भाग निकला था। इससे वह आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई थी। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाकर कामिनी को इलाहाबाद के एसआरएन में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। मामले में पिता की तहरीर पर कोखराज थाने की पुलिस ने एफआईआर लिखकर विवेचना की। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को एडीजे (तृतीय) इफ्तेखार अहमद ने फैसला सुनाया। शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह ने आठ गवाहों को परीक्षित कराया। पति रमेश कुमार पर आरोप साबित पाया गया। इस पर अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास के साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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पत्नी को आग के हवाले कर घर से भाग गया था हत्यारा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
दहेज के लिए पत्नी को आग के हवाले करने वाले पति को एडीजी तृतीय ने उम्र कैद की सजा के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। खाना बनाते समय पत्नी को आग के हवाले करने के बाद हत्यारा पति भाग निकला था।
कोखराज के भटपुरवा निवासी रमेश कुमार की वर्ष 2001 में सरायअकिल के सुकुवारा की कामिनी पुत्री छेदीलाल के साथ शादी हुई थी। शादी के बाद से ही वह पत्नी कामिनी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। दो जुलाई वर्ष 2007 को कामिनी घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान रमेश कुमार उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर भाग निकला था। इससे वह आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई थी। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाकर कामिनी को इलाहाबाद के एसआरएन में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। मामले में पिता की तहरीर पर कोखराज थाने की पुलिस ने एफआईआर लिखकर विवेचना की। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को एडीजे (तृतीय) इफ्तेखार अहमद ने फैसला सुनाया। शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह ने आठ गवाहों को परीक्षित कराया। पति रमेश कुमार पर आरोप साबित पाया गया। इस पर अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास के साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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