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अवैध बालू खनन को लेकर अफसर बेखबर
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:41 AM IST
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अवैध बालू खनन को लेकर अफसर बेखबर
-तहसील प्रशासन की रिपोर्ट के बावजूद नहीं की जा रही कार्रवाई
मंझनपुर (ब्यूरो)। कौशांबी थानाक्षेत्र के आधा दर्जन बालू घाटो पर हो रहे अवैध खनन को लेकर महकमा संजीदा नहीं दिख रहा है। दो बालू घाटों पर अवैध खनन का साक्ष्य मिलने के बाद भू-स्वामी की रिपोर्ट तहसील प्रशासन से मांगी गई थी। रिपोर्ट आने के पांच दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी।
कौशांबी थाना क्षेत्र के कोषम पाली, सिंघवल, गौरए, गोपसहसा, बारंबारी सहित आधा दर्जन यमुना घाटों पर स्थानीय लोगों द्वारा बालू का अवैध खनन कराया जाता है। दस दिन पहले शिकायत मिलने पर खनन निरीक्षक ने कोषम पाली व सिंघवल यमुना घाट पर अवैध खनन की ताजी डंप बालू खेत में पकड़ा था। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से भू-स्वामी के बावत जानकारी चाही तो किसी ने बताना उचित नहीं समझा। मामले में कार्रवाई के लिए खनन निरीक्षक राज रंजन ने तहसील प्रशासन से भू-स्वामी के बावत रिपोर्ट तलब किया। तहसील प्रशासन ने खनन निरीक्षक को पांच दिन पहले दोनो गांवों की रिपोर्ट सौंप दी। बावजूद इसके अवैध खनन करने वालों के खिलाफ विभागीय जिम्मेदार शिकंजा नहीं कस सके। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध खनन को लेकर विभागीय जिम्मेदार व स्थानीय पुलिस कितनी संजीदा है। खनन निरीक्षक का कहना है कि नए पट्टों की लिखापढ़ी के चलते व्यस्तता रही। शनिवार को मामले में कार्रवाई करा दी जाएगी।
रसोइया चयन में पाल्य, बच्चा अनिवार्यता हो समाप्त
-डायट मैदान में बैठक कर रसोइया ने बनाई रणनीति
फोटो नं-5
मंझनपुर (ब्यूरो)। रसोइयां कल्याणकारी समिति की बैठक शुक्रवार को डायट मैदान में हुई। इसमें नवीन चयन प्रक्रिया के विरोध में रणनीति बनाई गई। चेताया कि नवीन चयन प्रक्रिया को समाप्त नहीं किया गया तो वह सभी आंदोलन करेंगी।
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बैठक में जिलाध्यक्ष उमाशंकर ने कहा कि शासन द्वारा हर साल रसोइया का चयन कराया जाता था। इसमें पाल्य व बच्चा अनिवार्यता को महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रसोइया उस समय से काम कर रहे हैं लोग इस कार्य को करने में शर्म महसूस करते थे। अब नई चयन प्रक्रिया के तहत रसोइया को स्कूल से बाहर कर दिया जाता है जो अन्याय पूर्ण है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रसोइया का मानदेय सीधे उसके खाते में भेजा जाय। चेतावनी दी कि यदि चयन प्रक्रिया व मानदेय देने का नियम नहीं बदला गया तो जिले ही नहीं प्रदेश के रसोइया एकजुट होकर स्कूलों में खाना बनाना बंद करते हुए धरना-प्रदर्शन करेंगे। बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष सुशीला देवी के अलावा जगदेई, रीता देवी, रामसखी, पार्वती, निशा, केतकी देवी सहित जिले के रसोइया मौजूद रहे।
फसलों को राताेंरात चट कर रहे छुट्टा मवेशी
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिले भर में छुट्टा मवेशियों की आई बाढ़ किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। झुंड का झुंड निकलने वाले इन मवेशियों को दिन में तो किसान किसी तरह खेतों से भगा देता है पर रात में यह फसलों को खाकर अपना पेट भरते हैं। इतना ही नहीं एक साथ खेत से गुजरने के बाद मवेशियों के खुर पड़ने से भी फसलें बर्बाद हो रही हैं। खास बात यह हैं कि अफसरों से शिकायत करने के बाद भी इन मवेशियों की धर पकड़ के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इसे लेकर जिले भर के किसानों के बीच हायतौबा मची है।
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-तहसील प्रशासन की रिपोर्ट के बावजूद नहीं की जा रही कार्रवाई
मंझनपुर (ब्यूरो)। कौशांबी थानाक्षेत्र के आधा दर्जन बालू घाटो पर हो रहे अवैध खनन को लेकर महकमा संजीदा नहीं दिख रहा है। दो बालू घाटों पर अवैध खनन का साक्ष्य मिलने के बाद भू-स्वामी की रिपोर्ट तहसील प्रशासन से मांगी गई थी। रिपोर्ट आने के पांच दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी।
कौशांबी थाना क्षेत्र के कोषम पाली, सिंघवल, गौरए, गोपसहसा, बारंबारी सहित आधा दर्जन यमुना घाटों पर स्थानीय लोगों द्वारा बालू का अवैध खनन कराया जाता है। दस दिन पहले शिकायत मिलने पर खनन निरीक्षक ने कोषम पाली व सिंघवल यमुना घाट पर अवैध खनन की ताजी डंप बालू खेत में पकड़ा था। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से भू-स्वामी के बावत जानकारी चाही तो किसी ने बताना उचित नहीं समझा। मामले में कार्रवाई के लिए खनन निरीक्षक राज रंजन ने तहसील प्रशासन से भू-स्वामी के बावत रिपोर्ट तलब किया। तहसील प्रशासन ने खनन निरीक्षक को पांच दिन पहले दोनो गांवों की रिपोर्ट सौंप दी। बावजूद इसके अवैध खनन करने वालों के खिलाफ विभागीय जिम्मेदार शिकंजा नहीं कस सके। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध खनन को लेकर विभागीय जिम्मेदार व स्थानीय पुलिस कितनी संजीदा है। खनन निरीक्षक का कहना है कि नए पट्टों की लिखापढ़ी के चलते व्यस्तता रही। शनिवार को मामले में कार्रवाई करा दी जाएगी।
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रसोइया चयन में पाल्य, बच्चा अनिवार्यता हो समाप्त
-डायट मैदान में बैठक कर रसोइया ने बनाई रणनीति
फोटो नं-5
मंझनपुर (ब्यूरो)। रसोइयां कल्याणकारी समिति की बैठक शुक्रवार को डायट मैदान में हुई। इसमें नवीन चयन प्रक्रिया के विरोध में रणनीति बनाई गई। चेताया कि नवीन चयन प्रक्रिया को समाप्त नहीं किया गया तो वह सभी आंदोलन करेंगी।
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बैठक में जिलाध्यक्ष उमाशंकर ने कहा कि शासन द्वारा हर साल रसोइया का चयन कराया जाता था। इसमें पाल्य व बच्चा अनिवार्यता को महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रसोइया उस समय से काम कर रहे हैं लोग इस कार्य को करने में शर्म महसूस करते थे। अब नई चयन प्रक्रिया के तहत रसोइया को स्कूल से बाहर कर दिया जाता है जो अन्याय पूर्ण है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रसोइया का मानदेय सीधे उसके खाते में भेजा जाय। चेतावनी दी कि यदि चयन प्रक्रिया व मानदेय देने का नियम नहीं बदला गया तो जिले ही नहीं प्रदेश के रसोइया एकजुट होकर स्कूलों में खाना बनाना बंद करते हुए धरना-प्रदर्शन करेंगे। बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष सुशीला देवी के अलावा जगदेई, रीता देवी, रामसखी, पार्वती, निशा, केतकी देवी सहित जिले के रसोइया मौजूद रहे।
फसलों को राताेंरात चट कर रहे छुट्टा मवेशी
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिले भर में छुट्टा मवेशियों की आई बाढ़ किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। झुंड का झुंड निकलने वाले इन मवेशियों को दिन में तो किसान किसी तरह खेतों से भगा देता है पर रात में यह फसलों को खाकर अपना पेट भरते हैं। इतना ही नहीं एक साथ खेत से गुजरने के बाद मवेशियों के खुर पड़ने से भी फसलें बर्बाद हो रही हैं। खास बात यह हैं कि अफसरों से शिकायत करने के बाद भी इन मवेशियों की धर पकड़ के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इसे लेकर जिले भर के किसानों के बीच हायतौबा मची है।