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दुबई का संदिग्ध धोखाधड़ी के मामले में भेजा गया जेल
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:19 AM IST
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दुबई का संदिग्ध धोखाधड़ी के मामले में भेजा गया जेल
-फर्जी आधार लगाकर बनवा लिया था निवास प्रमाण पत्र
- गृह मंत्रालय और एडीजी लॉ एंड आर्डर ने तलब की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
पश्चिमशरीरा। कोतवाली के परई उग्रसेनपुर गांव में पकड़े गए राहुल राज को पुलिस ने धोखाधड़ी और कूट रचना कर जाली दस्तावेज तैयार करने के मामले में जेल भेज दिया। राहुल को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। गृह मंत्रालय और एडीजी लॉ एंड आर्डर ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।
परई उग्रसेनपुर निवासी उदयराज के घर पर अगस्त महीने से दुबई का एक शख्स रह रहा था। उदयराज के मुताबिक वह उसे प्रयागराज के एक होटल में मिला। वह भी वहां मजदूरी करता था। इसके बाद वह कौशाम्बी आ गया और कोचिंग पढ़ाने लगा। बंग्ला, उर्दू और इंग्लिश के जानकार इस शख्स ने यहां अपना नाम राहुल राज ठाकुर बताया। बोली भाषा से लोगों को शक हुआ तो पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने राहुल को हिरासत में लिया तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता चला कि वह दुबई का रहने वाला है, लेकिन बिना पासपोर्ट के वह कौशाम्बी कैसे आया? इसकी जानकारी नहीं हो सकी। राहुल ने यहां फर्जी दस्तावेज के आधार पर अपना आधार कार्ड भी बनवा लिया। उसके पिता का नाम सलीम था, लेकिन आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र में उसने पिता का नाम उदयराज लिखवाया। प्रयागराज में होने वाले कुंभ से पहले पकड़े गए इस संदिग्ध को लेकर खुफिया विभाग के कान खड़े हो गए हैं। थानाध्यक्ष पश्चिम शरीरा संजय गुप्ता ने बताया कि सोमवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय और एडीजी लॉ एंड आर्डर ने उनसे खुद फोन पर बात की और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल राहुल राज के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा लिखकर अदालत में पेश किया गया है। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
आखिर क्या है बेल्ट और पर्ची पर कोड का राज
पश्चिम शरीरा। राहुल राज के पास से पुलिस को कुछ खास सुराग हाथ नहीं लगा। उसकी बेल्ट और पास में रही पर्ची में एक खास तरह का कोड मिला है। खुफिया एजेंसी उस कोड को लेकर जांच कर रही है। माना जा रहा है कि यह कोड आतंकी संगठनों से जुड़ा हो सकता है।
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लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक कसेगा शिकंजा
- महज पखवारे भर में जारी कर दिया था निवास प्रमाण पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पश्चिम शरीरा। राहुल राज ठाकुर को नियम दरकिनार करते हुए महज पखवारे भर में निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। लेखपाल ने भी आंख बंद कर अपनी रिपोर्ट लगाई तो कानूनगो व तहसीलदार ने भी स्वीकृति की मुहर ठोंक दी। पूरे मामले में डीएम ने इन अफसरों के खिलाफ भी जांच टीम गठित कर दी है।
संदिग्ध राहुल राज ठाकुर ने जिले से जारी अपने आधार कार्ड के जरिए इलाके के सहज जन सेवा केंद्र से निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। राहुल ने अपने पिता सलीम के बजाय पिता वाले कालम में उदयराज लिखा। उदयराज सरोज बिरादरी का है। जबकि राहुल ने अपने नाम के आगे राज शब्द भी लिखा था। जिस राहुल राज और उदयराज की उम्र में महज नौ साल का अंतर है। इसके बाद भी लेखपाल ने आंख बंद कर अपनी रिपोर्ट लगा दी। लेखपाल की रिपोर्ट को ही अंतिम सत्य मानकर कानूनगो ने भी रिपोर्ट लगाकर फाइल आगे बढ़ा दिया। बाद में तहसीलदार की रिपोर्ट लगने पर राहुल राज ने निवास प्रमाण पत्र हासिल कर लिया।
अंतिम समय तक बयानों में उलझाता रहा राहुल
पश्चिम शरीरा। राहुल राज का वास्तविक नाम चाहे जो हो लेकिन पुलिस उसका असल नाम नहीं कुबूल करा सकी। राहुल ने बताया कि उसके पिता का नाम सलीम है। ऐसे में साफ है कि उसका नाम भी मुस्लिम होगा। इसके अलावा बताया कि वह कोलकाता का रहने वाला है और दुबई के व्यक्ति ने उसकी मां दूसरी शादी की। इसके बाद वह लोग सऊदी चले गए। वहां पर उनका रेस्टोरेंट था। एक कार हादसे में परिवार के सारे लोग मारे गए। वह भी जख्मी हुआ था। जिसे वहां के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद वह कैसे मुंबई के अस्पताल आया, इसकी जानकारी नहीं है। मुंबई के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वह प्रयागराज के एक होटल में काम करने लगा और वहीं उदयराज से मुलाकात हुई। इसके बाद वह परई उग्रसेनपुर गांव आ गया।
उदयराज को हिदायत देकर पुलिस ने छोड़ा
पश्चिम शरीरा। दुबई के संदिग्ध राहुल राज को पनाह देने वाले उदयराज को पुलिस ने गांव न छोड़ने की हिदायत देकर छोड़ दिया। बताया कि पूछताछ में उदयराज की भूमिका नहीं मिली। उदयराज ने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। घर का खर्च चलाने में दिक्कत आ रही थी। राहुल को वह इस मकसद से लाया था कि दोनों मिलकर काम करेंगे तो शायद परिवार की गाड़ी ठीक से चल सके।
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-फर्जी आधार लगाकर बनवा लिया था निवास प्रमाण पत्र
- गृह मंत्रालय और एडीजी लॉ एंड आर्डर ने तलब की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
पश्चिमशरीरा। कोतवाली के परई उग्रसेनपुर गांव में पकड़े गए राहुल राज को पुलिस ने धोखाधड़ी और कूट रचना कर जाली दस्तावेज तैयार करने के मामले में जेल भेज दिया। राहुल को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। गृह मंत्रालय और एडीजी लॉ एंड आर्डर ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।
परई उग्रसेनपुर निवासी उदयराज के घर पर अगस्त महीने से दुबई का एक शख्स रह रहा था। उदयराज के मुताबिक वह उसे प्रयागराज के एक होटल में मिला। वह भी वहां मजदूरी करता था। इसके बाद वह कौशाम्बी आ गया और कोचिंग पढ़ाने लगा। बंग्ला, उर्दू और इंग्लिश के जानकार इस शख्स ने यहां अपना नाम राहुल राज ठाकुर बताया। बोली भाषा से लोगों को शक हुआ तो पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने राहुल को हिरासत में लिया तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता चला कि वह दुबई का रहने वाला है, लेकिन बिना पासपोर्ट के वह कौशाम्बी कैसे आया? इसकी जानकारी नहीं हो सकी। राहुल ने यहां फर्जी दस्तावेज के आधार पर अपना आधार कार्ड भी बनवा लिया। उसके पिता का नाम सलीम था, लेकिन आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र में उसने पिता का नाम उदयराज लिखवाया। प्रयागराज में होने वाले कुंभ से पहले पकड़े गए इस संदिग्ध को लेकर खुफिया विभाग के कान खड़े हो गए हैं। थानाध्यक्ष पश्चिम शरीरा संजय गुप्ता ने बताया कि सोमवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय और एडीजी लॉ एंड आर्डर ने उनसे खुद फोन पर बात की और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल राहुल राज के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा लिखकर अदालत में पेश किया गया है। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
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आखिर क्या है बेल्ट और पर्ची पर कोड का राज
पश्चिम शरीरा। राहुल राज के पास से पुलिस को कुछ खास सुराग हाथ नहीं लगा। उसकी बेल्ट और पास में रही पर्ची में एक खास तरह का कोड मिला है। खुफिया एजेंसी उस कोड को लेकर जांच कर रही है। माना जा रहा है कि यह कोड आतंकी संगठनों से जुड़ा हो सकता है।
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लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक कसेगा शिकंजा
- महज पखवारे भर में जारी कर दिया था निवास प्रमाण पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पश्चिम शरीरा। राहुल राज ठाकुर को नियम दरकिनार करते हुए महज पखवारे भर में निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। लेखपाल ने भी आंख बंद कर अपनी रिपोर्ट लगाई तो कानूनगो व तहसीलदार ने भी स्वीकृति की मुहर ठोंक दी। पूरे मामले में डीएम ने इन अफसरों के खिलाफ भी जांच टीम गठित कर दी है।
संदिग्ध राहुल राज ठाकुर ने जिले से जारी अपने आधार कार्ड के जरिए इलाके के सहज जन सेवा केंद्र से निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। राहुल ने अपने पिता सलीम के बजाय पिता वाले कालम में उदयराज लिखा। उदयराज सरोज बिरादरी का है। जबकि राहुल ने अपने नाम के आगे राज शब्द भी लिखा था। जिस राहुल राज और उदयराज की उम्र में महज नौ साल का अंतर है। इसके बाद भी लेखपाल ने आंख बंद कर अपनी रिपोर्ट लगा दी। लेखपाल की रिपोर्ट को ही अंतिम सत्य मानकर कानूनगो ने भी रिपोर्ट लगाकर फाइल आगे बढ़ा दिया। बाद में तहसीलदार की रिपोर्ट लगने पर राहुल राज ने निवास प्रमाण पत्र हासिल कर लिया।
अंतिम समय तक बयानों में उलझाता रहा राहुल
पश्चिम शरीरा। राहुल राज का वास्तविक नाम चाहे जो हो लेकिन पुलिस उसका असल नाम नहीं कुबूल करा सकी। राहुल ने बताया कि उसके पिता का नाम सलीम है। ऐसे में साफ है कि उसका नाम भी मुस्लिम होगा। इसके अलावा बताया कि वह कोलकाता का रहने वाला है और दुबई के व्यक्ति ने उसकी मां दूसरी शादी की। इसके बाद वह लोग सऊदी चले गए। वहां पर उनका रेस्टोरेंट था। एक कार हादसे में परिवार के सारे लोग मारे गए। वह भी जख्मी हुआ था। जिसे वहां के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद वह कैसे मुंबई के अस्पताल आया, इसकी जानकारी नहीं है। मुंबई के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वह प्रयागराज के एक होटल में काम करने लगा और वहीं उदयराज से मुलाकात हुई। इसके बाद वह परई उग्रसेनपुर गांव आ गया।
उदयराज को हिदायत देकर पुलिस ने छोड़ा
पश्चिम शरीरा। दुबई के संदिग्ध राहुल राज को पनाह देने वाले उदयराज को पुलिस ने गांव न छोड़ने की हिदायत देकर छोड़ दिया। बताया कि पूछताछ में उदयराज की भूमिका नहीं मिली। उदयराज ने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। घर का खर्च चलाने में दिक्कत आ रही थी। राहुल को वह इस मकसद से लाया था कि दोनों मिलकर काम करेंगे तो शायद परिवार की गाड़ी ठीक से चल सके।