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सीबीआई ने डाला डेरा, तीन पट्टेधारकों से पूछताछ
Updated Wed, 15 Nov 2017 01:03 AM IST
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सीबीआई ने डाला डेरा, पट्टाधारकों से पूछताछ
बगैर पट्टे के अवैध खनन करने वालों ने भी खोला का राज
सिंडीकेट के बयान के बाद पूर्व पट्टाधारकों में मचा हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सोमवार रात जिले में चौथी बार आई सीबीआई टीम ने पूर्व बालू पट्टाधारकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार की सुबह जिले के तीन पुराने पट्टेधारकों को कांशीराम आवास बुलाकर टीम ने गहन पूछताछ की। पिछले साल सिंडीकेट के तहत खनन कराने वाले दो लोगों को बुलाकर सीबीआई ने तत्कालीन सरकार में शामिल लोगों तक पहुंचने का लिंक बना लिया है। टीम आने की सूचना से पट्टाधारकों में हड़कंप है।
पिछली मर्तबा जिले में आई सीबीआई टीम ने खनन कार्यालय से वर्ष 2012 से लेकर जून 2016 तक बाधित अवधि व नवीनीकरण का लाभ लेने वाले बालू कारोबारियों का दस्तावेज जुटाया था। लगभग डेढ़ माह तक जुटाए गए दस्तावेजों की जांच करने के बाद चौथी बार सीबीआई टीम ने सोमवार शाम जिले में दस्तक दी। मंगलवार को टीम ने पुराने पट्टाधारकों शकील अहमद, नर नारायण मिश्र व राघवेंद्र प्रताप सिंह को तलब किया। तीनों पट्टाधारकों से टीम के सदस्यों ने बारी-बारी से दिन भर पूछताछ की और शाम पांच बजे छोड़ा। इस पूछताछ से साफ हो गया है कि हाईकोर्ट की रोक के बाद बाधित अवधि व नवीनीकरण का लाभ देने के रहस्य को सीबीआई खंगाल रही है। इसके अलावा कथित सिंडीकेट के दो सदस्यों को बुलाकर सीबीआई टीम ने सपा शासनकाल के उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की जिसके इशारे पर बगैर पट्टे के प्रशासन ने अवैध खनन कराया था। बहरहाल सीबीआई को जिस जानकारी की तलाश थी सोमवार को सिंडीकेट टीम के बलजीत व काके नाम के दो सदस्यों के पहुंचने के बाद काफी हद तक अवैध खनन की गुत्थी सुलझ गई है। तीन दिन सघन पूछताछ के बाद सीबीआई टीम अब लखनऊ स्तर पर हाथ डालेगी। चौथी बार टीम द्वारा सघन पूछताछ शुरू किए जाने के बाद से नवीनीकरण व बाधित अवधि का लाभ पाने वाले पट्टाधारकों में एक बार फिर से हड़कंप मच गया है।
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बगैर पट्टे के अवैध खनन करने वालों ने भी खोला का राज
सिंडीकेट के बयान के बाद पूर्व पट्टाधारकों में मचा हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सोमवार रात जिले में चौथी बार आई सीबीआई टीम ने पूर्व बालू पट्टाधारकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार की सुबह जिले के तीन पुराने पट्टेधारकों को कांशीराम आवास बुलाकर टीम ने गहन पूछताछ की। पिछले साल सिंडीकेट के तहत खनन कराने वाले दो लोगों को बुलाकर सीबीआई ने तत्कालीन सरकार में शामिल लोगों तक पहुंचने का लिंक बना लिया है। टीम आने की सूचना से पट्टाधारकों में हड़कंप है।
पिछली मर्तबा जिले में आई सीबीआई टीम ने खनन कार्यालय से वर्ष 2012 से लेकर जून 2016 तक बाधित अवधि व नवीनीकरण का लाभ लेने वाले बालू कारोबारियों का दस्तावेज जुटाया था। लगभग डेढ़ माह तक जुटाए गए दस्तावेजों की जांच करने के बाद चौथी बार सीबीआई टीम ने सोमवार शाम जिले में दस्तक दी। मंगलवार को टीम ने पुराने पट्टाधारकों शकील अहमद, नर नारायण मिश्र व राघवेंद्र प्रताप सिंह को तलब किया। तीनों पट्टाधारकों से टीम के सदस्यों ने बारी-बारी से दिन भर पूछताछ की और शाम पांच बजे छोड़ा। इस पूछताछ से साफ हो गया है कि हाईकोर्ट की रोक के बाद बाधित अवधि व नवीनीकरण का लाभ देने के रहस्य को सीबीआई खंगाल रही है। इसके अलावा कथित सिंडीकेट के दो सदस्यों को बुलाकर सीबीआई टीम ने सपा शासनकाल के उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की जिसके इशारे पर बगैर पट्टे के प्रशासन ने अवैध खनन कराया था। बहरहाल सीबीआई को जिस जानकारी की तलाश थी सोमवार को सिंडीकेट टीम के बलजीत व काके नाम के दो सदस्यों के पहुंचने के बाद काफी हद तक अवैध खनन की गुत्थी सुलझ गई है। तीन दिन सघन पूछताछ के बाद सीबीआई टीम अब लखनऊ स्तर पर हाथ डालेगी। चौथी बार टीम द्वारा सघन पूछताछ शुरू किए जाने के बाद से नवीनीकरण व बाधित अवधि का लाभ पाने वाले पट्टाधारकों में एक बार फिर से हड़कंप मच गया है।
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