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Hathras News: विस्फोटक सामग्री के अवैध कारोबारी हुए भूमिगत
Fri, 09 Oct 2026 02:23 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 09 Oct 2026 02:23 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
फरीदाबाद में पकड़े गए विस्फोटक जखीरे और उसके मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद हाथरस पुलिस ऐसे कारोबारियों पर शिकंजा कस रही है। पूछताछ के बाद पुलिस ने शहर के 27 ऐसे बड़े कारोबारियों की सूची तैयार की है, जो अवैध रूप से बारूद और अन्य विस्फोटक पदार्थों के काले कारोबार से जुड़े हुए हैं। पुलिस की ताबड़तोड़ दबिशों से खौफजदा कई संदिग्ध कारोबारी भूमिगत हो गए हैं।
3 अक्तूबर को फरीदाबाद पुलिस ने 2.5 टन विस्फोटक के साथ पुनीत को गिरफ्तार किया था। पुनीत से पूछताछ में हाथरस के मनोज अग्रवाल का नाम सामने आया। मनोज की गिरफ्तारी के बाद हाथरस पुलिस भी एक्शन मोड में आई और कोतवाली सदर व हाथरस गेट क्षेत्र से 33 टन माल बरामद किया। इन मामले में कुल तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं जिसमें पांच लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने बुधवार को एक अन्य आरोपी राम वार्ष्णेय को जेल भेजा था।
राम और मनोज से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने विस्फोटकों के अवैध धंधे में लिप्त कारोबारियों और एजेंटों की सूची बनाई है। मनोज व राम ने उन जिलों के नाम भी बताए हैं जहां विस्फोटक सामग्री भेजी जाती थी। ये व्यापारी जलेसर के अलावा तमिलनाडु व हापुड़ से भी माल मांगते थे।
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भगोड़ों का लोकेशन खंगाल रही पुलिस
कोतवाली हाथरस गेट में दर्ज मुकदमे में नामजद रौनक वार्ष्णेय, लकी वार्ष्णेय व कपिल वार्ष्णेय निवासी गिर्राज कॉलोनी को पुलिस तलाश कर रही है। इनके नगला भूरा स्थित गोदाम से आठ टन विस्फोटक वाला रसायन बरामद किया गया था। इनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही सर्विलांस के जरिये लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विस्फोटक का और भी बड़ा जखीरा बरामद हो सकता है।
नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस टीमें पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रही हैं। इस अवैध धंधे में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
—चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसपी हाथरस
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3 अक्तूबर को फरीदाबाद पुलिस ने 2.5 टन विस्फोटक के साथ पुनीत को गिरफ्तार किया था। पुनीत से पूछताछ में हाथरस के मनोज अग्रवाल का नाम सामने आया। मनोज की गिरफ्तारी के बाद हाथरस पुलिस भी एक्शन मोड में आई और कोतवाली सदर व हाथरस गेट क्षेत्र से 33 टन माल बरामद किया। इन मामले में कुल तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं जिसमें पांच लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने बुधवार को एक अन्य आरोपी राम वार्ष्णेय को जेल भेजा था।
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राम और मनोज से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने विस्फोटकों के अवैध धंधे में लिप्त कारोबारियों और एजेंटों की सूची बनाई है। मनोज व राम ने उन जिलों के नाम भी बताए हैं जहां विस्फोटक सामग्री भेजी जाती थी। ये व्यापारी जलेसर के अलावा तमिलनाडु व हापुड़ से भी माल मांगते थे।
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भगोड़ों का लोकेशन खंगाल रही पुलिस
कोतवाली हाथरस गेट में दर्ज मुकदमे में नामजद रौनक वार्ष्णेय, लकी वार्ष्णेय व कपिल वार्ष्णेय निवासी गिर्राज कॉलोनी को पुलिस तलाश कर रही है। इनके नगला भूरा स्थित गोदाम से आठ टन विस्फोटक वाला रसायन बरामद किया गया था। इनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही सर्विलांस के जरिये लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विस्फोटक का और भी बड़ा जखीरा बरामद हो सकता है।
नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस टीमें पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रही हैं। इस अवैध धंधे में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
—चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसपी हाथरस