{"_id":"59fe0c8f4f1c1b3c3d8b55e3","slug":"141509821583-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा नदी में डूबी नाव, बाल-बाल बचे 16 लोग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गंगा नदी में डूबी नाव, बाल-बाल बचे 16 लोग
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
गंगा नदी में पलटी नाव, बाल-बाल बचे 16 लोग
-शनिवार दोपहर कड़ा के कालेश्वर घाट पर हुआ हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
कड़ा (कौशाम्बी)। कड़ा के कालेश्वर गंगा घाट पर शनिवार की सुबह सवारियों से भरी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा देख गंगा घाट पर अफरा-तफरी मच गई। जल पुलिस ने आनन-फानन लोगों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि ओवरलोड और नाविक की लापरवाही के चलते हादसा हुआ। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
अमेठी निवासी ओमकारनाथ का परिवार प्रतापगढ़ में ज्वाला देवी का दर्शन करने के बाद शनिवार सुबह बच्चे का मुंडन कराने कड़ा धाम आ रहा था। मानिकपुर से डोंगी में ओंकारनाथ के साथ ही तीन अन्य लोगों का भी परिवार सवार हो गया। कड़ा स्थित कालेश्वर घाट पहुंचने से पहले डोंगी अनियंत्रित होकर गंगा में पलट गई। हादसे में डोंगी सवार 16 मुसाफिर डूबने लगे। हादसा देख गंगा किनारे अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय गोताखोरों के साथ अन्य लोग भागकर मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से कुछ दूरी पर मुस्तैद फतेहपुर पीएसी की जल पुलिस भी स्टीमर लेकर मौके पर पहुंच गई। आननफानन में सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में नाव सवार सभी लोग बाल-बाल बच गए। जल पुलिस के स्टीमर चालक राजमणि ने बताया कि क्षमता से अधिक सवारी होने के साथ ही नाविक की लापरवाही से हादसा हुआ था। थोड़ी सी और चूक होती तो बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था।
इनसेट---
अमर उजाला ने पहले ही किया था आगाह
कार्तिक मेले के पहले दिन शुक्रवार को प्रतापगढ़ क्षेत्र से आने वाले भक्तों का परिवहन नाविक कर रहे थे। इस दौरान नाव में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर गंगा पार कराया जा रहा था। मामले को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रकाशित किया था। खबर का असर रहा कि पूर्णिमा मेले के मौके पर शनिवार को गंगा घाट पर जल पुलिस के जवान सक्रिय रहे। नतीजतन बड़ा हादसा टल गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
-शनिवार दोपहर कड़ा के कालेश्वर घाट पर हुआ हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
कड़ा (कौशाम्बी)। कड़ा के कालेश्वर गंगा घाट पर शनिवार की सुबह सवारियों से भरी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा देख गंगा घाट पर अफरा-तफरी मच गई। जल पुलिस ने आनन-फानन लोगों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि ओवरलोड और नाविक की लापरवाही के चलते हादसा हुआ। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
अमेठी निवासी ओमकारनाथ का परिवार प्रतापगढ़ में ज्वाला देवी का दर्शन करने के बाद शनिवार सुबह बच्चे का मुंडन कराने कड़ा धाम आ रहा था। मानिकपुर से डोंगी में ओंकारनाथ के साथ ही तीन अन्य लोगों का भी परिवार सवार हो गया। कड़ा स्थित कालेश्वर घाट पहुंचने से पहले डोंगी अनियंत्रित होकर गंगा में पलट गई। हादसे में डोंगी सवार 16 मुसाफिर डूबने लगे। हादसा देख गंगा किनारे अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय गोताखोरों के साथ अन्य लोग भागकर मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से कुछ दूरी पर मुस्तैद फतेहपुर पीएसी की जल पुलिस भी स्टीमर लेकर मौके पर पहुंच गई। आननफानन में सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में नाव सवार सभी लोग बाल-बाल बच गए। जल पुलिस के स्टीमर चालक राजमणि ने बताया कि क्षमता से अधिक सवारी होने के साथ ही नाविक की लापरवाही से हादसा हुआ था। थोड़ी सी और चूक होती तो बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था।
विज्ञापन
इनसेट---
अमर उजाला ने पहले ही किया था आगाह
कार्तिक मेले के पहले दिन शुक्रवार को प्रतापगढ़ क्षेत्र से आने वाले भक्तों का परिवहन नाविक कर रहे थे। इस दौरान नाव में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर गंगा पार कराया जा रहा था। मामले को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रकाशित किया था। खबर का असर रहा कि पूर्णिमा मेले के मौके पर शनिवार को गंगा घाट पर जल पुलिस के जवान सक्रिय रहे। नतीजतन बड़ा हादसा टल गया।
विज्ञापन