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झोलाछाप डॉक्टर की चाकू से गोदकर हत्या
Updated Wed, 19 Jul 2017 09:58 PM IST
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चाकू से गोदकर झोलाछाप डॉक्टर की हत्या
प्रधान बालकमऊ के घर के बाहर मिली लाश
सोते समय वारदात अंजाम दिए जाने का अनुमान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कोखराज के बालकमऊ में झोलाछाप डॉक्टर महेंद्र कुमार की मंगलवार रात चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। चिकित्सक घर के बाहर सो रहा था। सुबह खून से सनी उसकी लाश चारपाई पर मिली। मृतक ग्राम प्रधान के घर में क्लीनिक चलाता था और वहीं दो साल से रहता था। सूचना पर कोखराज थाने की पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
आलमचंद्र निवासी महेंद्र कुमार (25) पुत्र रामसेवक पांच भाईयों में तीसरे नंबर का था। वह करीब आठ साल से बालकमऊ गांव में क्लीनिक खोलकर इलाज करता था। उसके पास कोई डिग्री नहीं थी। दो साल पहले उसने अपनी क्लीनिक बालकमऊ के ग्राम प्रधान राकेश कुमार के यहां खोल ली थी। क्लीनिक के बगल वाले कमरे में महेंद्र सोता था। मंगलवार रात उमस भरी गर्मी होने के कारण महेंद्र कमरे के बाहर सो रहा था। कातिलों ने मौका देख कर किसी वजनी चीज से महेन्द्र के सिर पर जोरदार वार किया जिससे उसका सिर फट गया। प्रहार इतना जबर्दस्त था कि खून के छींटे दीवार तक पहुंच गए । इसके बाद कातिलों ने चाकू से उसके चेहरे पर कई बार वार किए। महेंद्र की मौत की तसल्ली होने के बाद हत्यारे भाग निकले। सुबह जब ग्रामीणों ने लाश देखी तो पुलिस को सूचना दी। कोखराज एसओ बृजेश द्विवेदी मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलने के बाद महेंद्र के परिजन रोते-बिलखते बालकमऊ पहुंचे । पुलिस ने पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई राजेंद्र की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घटना की वजह आशनाई बताई जा रही है। पुलिस इसी बिंदु पर मामले की पड़ताल कर रही है।
जर, जोरू, जमीन क्या है मौत की असल वजह
झोलाछाप चिकित्सक ने बालकमऊ में बना ली थी काफी संपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। झोलाछाप चिकित्सक महेंद्र की हत्या के बाद पुलिस बालकमऊ गांव में हत्यारों की खोजबीन में जुटी है। पुलिस इस मामले में आशनाई के अलावा संपति विवाद पर भी निगाह गड़ाए बैठी है। कम समय में महेंद्र ने बालकमऊ गांव में अच्छी खासी संपति बना ली थी। एक मकान के साथ ही उसने तीन लोगों की जमीन भी खरीद ली थी। जिनकी जमीन खरीदी गई थी उनसे भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
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महेंद्र करीब आठ साल पहले बालकमऊ आया था। वह गांव में रहकर डॉक्टरी करता था। इस दौरान उसने तीन मकान बदले। दो साल से वह ग्राम प्रधान राकेश कुमार के यहां रह रहा था। आसपास गांव के लोग महेंद्र से इलाज कराने आते थे। कम समय में उसने मोटी रकम कमा ली थी। बालकमऊ गांव के तीन लोगों की जमीन भी खरीद ली थी। इसके अलावा उसने हाल ही में एक मकान भी खरीदा था। ग्रामीणों के हिसाब से वह मकान को नए सिरे से बनवाने के प्रयास में था। मंगलवार रात महेंद्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इससे गांव में सनसनी फैली है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर महेंद्र की हत्या क्यों की गई। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे आशनाई का मामला मानकर चल रही है, लेकिन संपति विवाद भी अहम कारण हो सकता है। इसीलिए जमीन बेचने वालों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। खास बात यह है कि मंगलवार रात महेंद्र जहां सो रहा था उसके अगल-बगल मोहल्ले के लोग सो रहे थे। इसके बावजूद लोगों को घटना की भनक तक नहीं लगी। पुलिस को ग्रामीणों के बयान सही नहीं लग रहे हैं।
महेंद्र के साथियों पर भी है पुलिस की निगाह
महेंद्र कुमार के दोस्तों की फेहरिश्त लंबी है। आसपास के भी युवकों से भी महेंद्र से बहुत पटती थी। गांव में चर्चा है कि मंगलवार रात उसने दोस्तों के साथ पार्टी की थी। इसके बाद वह घर के बाहर चारपाई डालकर सोया था। रात में उसके साथ बैठने वाले कौन लोग थे? इसका पता लगाने का प्रयास पुलिस कर रही है।
पुलिस के कब्जे में महेंद्र का मोबाइल
जांच के दौरान पुलिस ने महेंद्र का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया है। महेंद्र की किस-किस से बातचीत होती थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। महेंद्र की काल डिटेल भी निकली जा रही है। देर रात तक महेंद्र की दो नंबरों पर बातचीत हुई थी। यह लोग कौन हैं और घटना से इनका कोई ताल्लुक है या नहीं? इसका भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल से ही हत्याकांड का खुलासा होगा।
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प्रधान बालकमऊ के घर के बाहर मिली लाश
सोते समय वारदात अंजाम दिए जाने का अनुमान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कोखराज के बालकमऊ में झोलाछाप डॉक्टर महेंद्र कुमार की मंगलवार रात चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। चिकित्सक घर के बाहर सो रहा था। सुबह खून से सनी उसकी लाश चारपाई पर मिली। मृतक ग्राम प्रधान के घर में क्लीनिक चलाता था और वहीं दो साल से रहता था। सूचना पर कोखराज थाने की पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
आलमचंद्र निवासी महेंद्र कुमार (25) पुत्र रामसेवक पांच भाईयों में तीसरे नंबर का था। वह करीब आठ साल से बालकमऊ गांव में क्लीनिक खोलकर इलाज करता था। उसके पास कोई डिग्री नहीं थी। दो साल पहले उसने अपनी क्लीनिक बालकमऊ के ग्राम प्रधान राकेश कुमार के यहां खोल ली थी। क्लीनिक के बगल वाले कमरे में महेंद्र सोता था। मंगलवार रात उमस भरी गर्मी होने के कारण महेंद्र कमरे के बाहर सो रहा था। कातिलों ने मौका देख कर किसी वजनी चीज से महेन्द्र के सिर पर जोरदार वार किया जिससे उसका सिर फट गया। प्रहार इतना जबर्दस्त था कि खून के छींटे दीवार तक पहुंच गए । इसके बाद कातिलों ने चाकू से उसके चेहरे पर कई बार वार किए। महेंद्र की मौत की तसल्ली होने के बाद हत्यारे भाग निकले। सुबह जब ग्रामीणों ने लाश देखी तो पुलिस को सूचना दी। कोखराज एसओ बृजेश द्विवेदी मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलने के बाद महेंद्र के परिजन रोते-बिलखते बालकमऊ पहुंचे । पुलिस ने पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई राजेंद्र की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घटना की वजह आशनाई बताई जा रही है। पुलिस इसी बिंदु पर मामले की पड़ताल कर रही है।
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जर, जोरू, जमीन क्या है मौत की असल वजह
झोलाछाप चिकित्सक ने बालकमऊ में बना ली थी काफी संपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। झोलाछाप चिकित्सक महेंद्र की हत्या के बाद पुलिस बालकमऊ गांव में हत्यारों की खोजबीन में जुटी है। पुलिस इस मामले में आशनाई के अलावा संपति विवाद पर भी निगाह गड़ाए बैठी है। कम समय में महेंद्र ने बालकमऊ गांव में अच्छी खासी संपति बना ली थी। एक मकान के साथ ही उसने तीन लोगों की जमीन भी खरीद ली थी। जिनकी जमीन खरीदी गई थी उनसे भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
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महेंद्र करीब आठ साल पहले बालकमऊ आया था। वह गांव में रहकर डॉक्टरी करता था। इस दौरान उसने तीन मकान बदले। दो साल से वह ग्राम प्रधान राकेश कुमार के यहां रह रहा था। आसपास गांव के लोग महेंद्र से इलाज कराने आते थे। कम समय में उसने मोटी रकम कमा ली थी। बालकमऊ गांव के तीन लोगों की जमीन भी खरीद ली थी। इसके अलावा उसने हाल ही में एक मकान भी खरीदा था। ग्रामीणों के हिसाब से वह मकान को नए सिरे से बनवाने के प्रयास में था। मंगलवार रात महेंद्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इससे गांव में सनसनी फैली है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर महेंद्र की हत्या क्यों की गई। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे आशनाई का मामला मानकर चल रही है, लेकिन संपति विवाद भी अहम कारण हो सकता है। इसीलिए जमीन बेचने वालों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। खास बात यह है कि मंगलवार रात महेंद्र जहां सो रहा था उसके अगल-बगल मोहल्ले के लोग सो रहे थे। इसके बावजूद लोगों को घटना की भनक तक नहीं लगी। पुलिस को ग्रामीणों के बयान सही नहीं लग रहे हैं।
महेंद्र के साथियों पर भी है पुलिस की निगाह
महेंद्र कुमार के दोस्तों की फेहरिश्त लंबी है। आसपास के भी युवकों से भी महेंद्र से बहुत पटती थी। गांव में चर्चा है कि मंगलवार रात उसने दोस्तों के साथ पार्टी की थी। इसके बाद वह घर के बाहर चारपाई डालकर सोया था। रात में उसके साथ बैठने वाले कौन लोग थे? इसका पता लगाने का प्रयास पुलिस कर रही है।
पुलिस के कब्जे में महेंद्र का मोबाइल
जांच के दौरान पुलिस ने महेंद्र का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया है। महेंद्र की किस-किस से बातचीत होती थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। महेंद्र की काल डिटेल भी निकली जा रही है। देर रात तक महेंद्र की दो नंबरों पर बातचीत हुई थी। यह लोग कौन हैं और घटना से इनका कोई ताल्लुक है या नहीं? इसका भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल से ही हत्याकांड का खुलासा होगा।