{"_id":"59b2ea644f1c1bec7f8b537c","slug":"131504897636-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शैक्षिक अभिलेखों में गडबड़झाला, गुरूजी पर मुकदमा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शैक्षिक अभिलेखों में गडबड़झाला, गुरूजी पर मुकदमा
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शैक्षिक अभिलेखों में गड़बड़झाला, गुरुजी पर मुकदमा
-बीटीसी प्रमाण पत्र में की थी हेराफेरी, एबीएसए ने जांच के बाद शुरू की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
चायल ब्लाक के प्राथमिक स्कूल जलालपुर शाना में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात गुरुजी अपने बुने जाल में फंस गए। बीटीसी प्रमाण पत्र में हेराफेरी कर शिक्षक की नौकरी पाई थी। बीएसए के निर्देश पर एबीएसए ने जांच पड़ताल के बाद उनके खिलाफ चरवा थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
कौशाम्बी के परिषदीय स्कूलों में गड़बड़झाला करने वाले शिक्षकों की लंबी फेहरिस्त है। बेसिक शिक्षा विभाग की कार्रवाई से आए दिन फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश हो रहा है। चायल ब्लाक के जलालपुर शाना प्राथमिक स्कूल में तैनात प्रधानाध्यापक रामयश अपने ही बुने में जाल में फंस गए। 1989 में बीटीसी के जारी प्रमाण पत्र के अनुक्रमांक 3401 में गुरुजी ने हेराफेरी करते हुए शिक्षक की नौकरी हथिया ली थी। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षक अधिकारी महराज स्वामी ने खंड शिक्षाधिकारी चायल को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। एबीएसए ने जांच-पड़ताल के बाद शुक्रवार को आरोपी शिक्षक रामयश के खिलाफ चरवा थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। खंड शिक्षाधिकारी पूनम मिश्र ने बताया कि शिक्षक की फाइल काफी दिनों से लंबित थी। बीएसए के निर्देश पर कार्रवाई कराई गई है। जांच रिपोर्ट के साथ एफआईआर की कापी बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय भेज दी गई है।
पहले भी कई शिक्षकों पर हो चुकी है कार्रवाई
कौशाम्बी के परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी कर नौकरी करने वाले कई शिक्षक पहले भी कार्रवाई की जद में आ चुके हैं। कुछ दिन पहले सिराथू ब्लाक के मनमऊ प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षक सुशील कुमार के खिलाफ एबीएसए मुकदमा दर्ज करा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
-बीटीसी प्रमाण पत्र में की थी हेराफेरी, एबीएसए ने जांच के बाद शुरू की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
चायल ब्लाक के प्राथमिक स्कूल जलालपुर शाना में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात गुरुजी अपने बुने जाल में फंस गए। बीटीसी प्रमाण पत्र में हेराफेरी कर शिक्षक की नौकरी पाई थी। बीएसए के निर्देश पर एबीएसए ने जांच पड़ताल के बाद उनके खिलाफ चरवा थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
कौशाम्बी के परिषदीय स्कूलों में गड़बड़झाला करने वाले शिक्षकों की लंबी फेहरिस्त है। बेसिक शिक्षा विभाग की कार्रवाई से आए दिन फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश हो रहा है। चायल ब्लाक के जलालपुर शाना प्राथमिक स्कूल में तैनात प्रधानाध्यापक रामयश अपने ही बुने में जाल में फंस गए। 1989 में बीटीसी के जारी प्रमाण पत्र के अनुक्रमांक 3401 में गुरुजी ने हेराफेरी करते हुए शिक्षक की नौकरी हथिया ली थी। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षक अधिकारी महराज स्वामी ने खंड शिक्षाधिकारी चायल को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। एबीएसए ने जांच-पड़ताल के बाद शुक्रवार को आरोपी शिक्षक रामयश के खिलाफ चरवा थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। खंड शिक्षाधिकारी पूनम मिश्र ने बताया कि शिक्षक की फाइल काफी दिनों से लंबित थी। बीएसए के निर्देश पर कार्रवाई कराई गई है। जांच रिपोर्ट के साथ एफआईआर की कापी बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय भेज दी गई है।
विज्ञापन
पहले भी कई शिक्षकों पर हो चुकी है कार्रवाई
कौशाम्बी के परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी कर नौकरी करने वाले कई शिक्षक पहले भी कार्रवाई की जद में आ चुके हैं। कुछ दिन पहले सिराथू ब्लाक के मनमऊ प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षक सुशील कुमार के खिलाफ एबीएसए मुकदमा दर्ज करा चुके हैं।
विज्ञापन