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दीवार गिरने से 13 बकरियां मरीं
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Thu, 29 Jan 2015 11:40 PM IST
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अजुहा (ब्यूरो)। बारिश की सीलन से बृहस्पतिवार की शाम सिराथू क्षेत्र के मेड़ीपुर गांव के एक व्यक्ति की कच्चे मकान की दीवारें जमींदोज हो गई। दीवार के मलबे में दबने से उसकी 13 बकरियों की मौत हो गई। जबकि गांववालों ने मलबा हटाकर तीन बकरियों को जिंदा निकाल लिया। इन बकरियों की भी हालत गंभीर बनी हुई है।
कौशाम्बी में रविवार की रात से तीन दिनों तक झमाझम बारिश हुई थी। बेमौसम की यह बारिश मंगलवार को ही थम गई थी। पर, अब भी इस बारिश का कहर गरीबों पर टूट रहा है। बरसात की सीलन के कारण लोगों के कच्चे मकानों की दीवारें जमींदोज होने लगी है। ऐसी ही दुर्घटना बृहस्पतिवार को सिराथू तहसील क्षेत्र के मेड़ीपुर गांव में हुई। इस गांव के रहने वाले देशराज सोनकर की कच्ची दीवार बृहस्पतिवार की शाम को अचानक जमींदोज हो गई। दीवार के मलबे में उसकी 16 बकरियां दब गई थी।
दीवार गिरने की आवाज पर गांव में हड़कंप मच गया। शोर सुनकर गांववाले दौड़े। ग्रामीणों को जब जानकारी हुई कि दीवार के मलबे में 16 बकरियां दब गई हैं, तो लोगों के होश उड़ गए। ग्रामीण मलबा हटाने में जुटे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मलवा हटाकर सभी बकरियों को बाहर निकाला। इनमें से 13 बकरियों की तो मौत हो चुकी थी, जबकि तीन बकरियां जिंदा थी। एक साथ इतनी बकरियों की मौत से इस किसान के घर में कोहराम मचा हुआ है। देशराज ने बताया कि इन्हीं बकरियों से उसकी जीविका का चलती थी। बता दें कि ऐसी की सीलन के कारण बुधवार को चायल तहसील के फतेहपुर घाट गांव में एक मकान की दीवार गिर गई थी। इसके मलबे में दबने से राम लौटन की बेटी माधुरी देवी (17), डाली (12) और बेटा अनूप (10) घायल हो गए थे।
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कौशाम्बी में रविवार की रात से तीन दिनों तक झमाझम बारिश हुई थी। बेमौसम की यह बारिश मंगलवार को ही थम गई थी। पर, अब भी इस बारिश का कहर गरीबों पर टूट रहा है। बरसात की सीलन के कारण लोगों के कच्चे मकानों की दीवारें जमींदोज होने लगी है। ऐसी ही दुर्घटना बृहस्पतिवार को सिराथू तहसील क्षेत्र के मेड़ीपुर गांव में हुई। इस गांव के रहने वाले देशराज सोनकर की कच्ची दीवार बृहस्पतिवार की शाम को अचानक जमींदोज हो गई। दीवार के मलबे में उसकी 16 बकरियां दब गई थी।
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दीवार गिरने की आवाज पर गांव में हड़कंप मच गया। शोर सुनकर गांववाले दौड़े। ग्रामीणों को जब जानकारी हुई कि दीवार के मलबे में 16 बकरियां दब गई हैं, तो लोगों के होश उड़ गए। ग्रामीण मलबा हटाने में जुटे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मलवा हटाकर सभी बकरियों को बाहर निकाला। इनमें से 13 बकरियों की तो मौत हो चुकी थी, जबकि तीन बकरियां जिंदा थी। एक साथ इतनी बकरियों की मौत से इस किसान के घर में कोहराम मचा हुआ है। देशराज ने बताया कि इन्हीं बकरियों से उसकी जीविका का चलती थी। बता दें कि ऐसी की सीलन के कारण बुधवार को चायल तहसील के फतेहपुर घाट गांव में एक मकान की दीवार गिर गई थी। इसके मलबे में दबने से राम लौटन की बेटी माधुरी देवी (17), डाली (12) और बेटा अनूप (10) घायल हो गए थे।
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