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करोड़ों की सीज बालू की चोरी

Sat, 14 Jan 2017 12:47 AM IST
कौशाम्बी ब्यूरो
कौशाम्बी ब्यूरो Updated Sat, 14 Jan 2017 12:47 AM IST
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कौशाम्बी में सीज की गई करोड़ों रुपये की बालू चोरी से बेच दी गई। घाटों पर लगे बालू के ढेर करीब दो माह के भीतर गायब हो गए। आईजी, डीआईजी के शिकंजा कसने के बाद भी सीज बालू की बिक्री में कमी नहीं आई। सुप्रीमकोर्ट ने सीबीआई जांच को हरी झंडी दी तो बालू माफिया की नींद उड़ गई थी।
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कौशाम्बी में महेवाघाट से लेकर औधन तक यमुना नदी में करीब चार साल तक अवैध बालू का खनन हुआ। सिंडीकेट की दबंगई इतनी थी कि अधिकारी व थाने की पुलिस भी इनको रोक नहीं बना रही थी। बिना रवन्ना और पट्टा सिंडीकेट ने बालू बिकवाया। जितनी बालू बेची गई, उससे ज्यादा घाटों के ऊपर बालू डंप भी की गई। अमर सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए बालू के अवैध खनन पर रोक लागए जाने की मांग की। हाईकोर्ट ने बालू के अवैध खनन की जांच सीबीआई को सौंपी तो माफियाओं और सिंडीकेट में हड़कंप मच गया।
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सीबीआई की दस्तक से पहले ही बालू माफिया और सिंडीकेट भूमिगत हो गए। इस दौरान सीबीआई अफसरों ने दोआबा में लाल सोने के अवैध कारोबार को सही पाते हुए दो दर्जन से अधिक स्थानों पर लगे बालू के ढेर को सीज किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की याचिका सुनते हुए सीबीआई जांच पर रोक लगा दिया था। इसके बाद सांठ-गांठ कर बालू माफिया सीज बालू को बेचते रहे। बुधवार को सुप्रीमकोर्ट ने रोक हटाते हुए सीबीआई जांच को हरी झंडी दे दी। शीर्ष अदालत के आदेश के जारी होते ही चोरी से बालू बेचने वाले माफिया व उनके मददगार अफसरों के होश उड़ गए हैं। वहीं लोगों का कहना है कि कौशाम्बी में बालू का खनन नहीं हो रहा है तो रोजाना बालू कहां से निकल रही है। पुलिस की धर पकड़ में इस काले कारोबार का रोजाना खुलासा होता है। बुधवार को पश्चिमशरीरा पुलिस ने बालू लदे तीन ट्रैक्टरों को सीज किया। इससे पहले पिपरी और पूरामुफ्ती पुलिस ने भी कई बालू लदे वाहनों को सीज करते हुए कार्रवाई की है।
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वहीं जिले के सभी घाट बंद हैं। डंप बालू सीज है। इसके बाद भी मंझनपुर थाने के नए भवन के निर्माण के लिए धड़ाधड़ बालू ट्रक से गिरने लगी है। सीबीआई जांच को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही थाने में डंप बालू को लेकर लोगों ने सवाल उठाना शुरू किया तो अफसर एकदम से बचाव की मुद्रा में आ गए। सीओ से लेकर एसएसआई भी कहने लगे कि थाने में निर्माण के लिए आई बालू बिहार प्रांत से आई है, लेकिन बालू की शक्ल दावे की चुगली कर रही है। मंझनपुर थाने के नए भवन का निर्माण शुरू हो गया है। इसके लिए शासन से आठ करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को निर्माण की निर्माण की जिम्मेदारी मिली है। नींव खुदवाकर काम शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि ठेकेदार ने काम कराने के लिए कौशाम्बी के बालू घाटों से बालू मंगवाई है। यह बालू थाना परिसर में डंप है। बालू के अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआई को अगली कार्रवाई के लिए हरी झंडी दे दी है। इसकी जानकारी होते ही लोगों ने थाने में डंप पड़ी बालू पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि यदि डंप बालू सीज थी और घाट चल नहीं रहे थे तो यह बालू आई कहां से? इस सवाल के जवाब में सीओ मंझनपुर रमाकांत यादव व मंझनपुर के एसएसआई विनोद यादव का कहना है कि बालू बिहार से आई है। बिहार प्रांत से सोन नदी से बालू आती है। थाना परिसर में जो बालू डंप पड़ी है, वह कौशाम्बी की प्रतीत हो रही है। अधिकारी इस बालू की विशेषता व गुणवत्ता को लेकर कुछ भी बताने को तैयार नहीं। उनका केवल यही कहना है कि बिहार से ही बालू आई है। 
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