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गर्भवती महिलाओं को मिला सुरक्षित प्रसव का टिप्स
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
Updated Fri, 29 Jan 2016 10:59 PM IST
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मातृ-शिशु मृत्युदर में कमी लाने को 27 जनवरी से 3 फरवरी तक कौशाम्बी में मातृत्व सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान सभी गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करके आंगनबाड़ी केंद्रों में उनके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। वहीं इसकी निगरानी के लिए नोडल अफसर भी नामित किए गए हैं। नेवादा ब्लाक के नोडल अफसर पशु चिकित्साधिकारी डॉ सुनील मिश्र ने शुक्रवार को बैरगांव समेत कई केंद्रों का मुआयना किया।
उन्होंने बताया कि बैरगांव केंद्र में 15 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की जानी थी। इसमें से 11 गर्भवती महिलाओं को केंद्र में लाकर उनका ब्लड प्रेशर, हीमाग्लोबिन, वजन, सुगर आदि की जांच की गई। महिलाओं को गर्भकाल के दौरान स्वस्छ रहने की सीख भी दी गई। पौष्टिक आहार आदि के बारे में बताया गया।
वहीं जांच के दौरान एक गर्भवती महिला हाईरिस्क प्रिगनेंसी की सामने आई है। खून की कमी की शिकार उक्त महिला के स्वास्थ्य की निगरानी की जिम्मेदारी एएनएम और आशा बहू को दी गई है। साथ ही उसे 4 फरवरी को पीएचसी में लाकर उसके स्वास्थ्य की दुबारा जांच भी कराने को कहा गया है। इस मौके पर डॉ राजीव सिंह, एएनएम सरोज जायसवाल, आंगनबाड़ी कार्यकत्री कांति मिश्रा, सुनीता देवी आदि मौजूद रही।
उन्होंने बताया कि बैरगांव केंद्र में 15 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की जानी थी। इसमें से 11 गर्भवती महिलाओं को केंद्र में लाकर उनका ब्लड प्रेशर, हीमाग्लोबिन, वजन, सुगर आदि की जांच की गई। महिलाओं को गर्भकाल के दौरान स्वस्छ रहने की सीख भी दी गई। पौष्टिक आहार आदि के बारे में बताया गया।
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वहीं जांच के दौरान एक गर्भवती महिला हाईरिस्क प्रिगनेंसी की सामने आई है। खून की कमी की शिकार उक्त महिला के स्वास्थ्य की निगरानी की जिम्मेदारी एएनएम और आशा बहू को दी गई है। साथ ही उसे 4 फरवरी को पीएचसी में लाकर उसके स्वास्थ्य की दुबारा जांच भी कराने को कहा गया है। इस मौके पर डॉ राजीव सिंह, एएनएम सरोज जायसवाल, आंगनबाड़ी कार्यकत्री कांति मिश्रा, सुनीता देवी आदि मौजूद रही।
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