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राजा भैया के करीबी गुलशन को कस्टडी से छुड़ाने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Thu, 17 May 2018 12:55 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर। राजा भैया के साथी और कुंडा के पूर्व चेयरमैन गुलशन यादव को बुधवार सुबह पेशी पर ले जाते समय पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने की कोशिश की गई। अत्याधुनिक असलहों से लैस बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में ओसा चौराहे के समीप जेल वाहन को घेर लिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने नौ आरोपियों को चार वाहनों और चार असलहों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना को लेकर घंटों हड़कंप मचा रहा।
प्रतापगढ़ जिले की मानिकपुर कोतवाली क्षेत्र के मऊदारा गांव निवासी गुलशन यादव राजा भैया का बेहद करीबी माना जाता है। उन्हीं के कारण कुंडा का चेयरमैन भी बना था। एसओजी प्रभारी विजय कुमार यादव के मुताबिक बुधवार सुबह दरोगा-सिपाही गुलशन को पेशी पर प्रतापगढ़ ले जा रहे थे। नगर कोतवाली क्षेत्र के ओसा चौराहे के समीप स्कार्पियो, स्विफ्ट डिजायर, सफारी और फार्च्यूूनर से आए नौ शातिरों ने असलहा लहराते हुए जेल वाहन को रोक लिया। यह लोग गुलशन को जेल वाहन से उतारकर साथ ले जाने का प्रयास कर रहे थे। इस बीच एसओजी कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। नगर कोतवाल पवन त्रिवेदी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से दो रायफल, एक पंप एक्शन व एक पिस्टल बरामद की गई है। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया है। गुलशन यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2014 में उसने कुंडा कस्बे में राइस मिल मालिक पुष्पेंन्द्र को गोली मार दी थी। इसी के बाद से वह प्रतापगढ़ जिला जेल में बंद था। 29 अप्रैल को उसे कौशाम्बी जेल शिफ्ट किया गया।
आशुतोष द्विवेदी निवासी पुरानी बाजार कुंडा, इसी कोतवाली क्षेत्र के जमेठी निवासी चंद्रप्रकाश सिंह, कुरमियन का पूरा निवासी राजकुमार सिंह, पांडेय का पुरवा निवासी धीरज कुमार, इसी गांव का आमिर खान, सेधा निवासी चंद्रकेश मौर्य, मानिकपुर कोतवाली क्षेत्र के मऊदारा निवासी रोहित कुमार, कुशहिल बाजार निवासी जमुना प्रसाद व महेशगंज कोतवाली क्षेत्र के परियावां निवासी संजीव कुमार।
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वहीं एसपी का कहना है िककि गुलशन शातिर किस्म का अपराधी है। पेशी पर आते-जाते वक्त पहले भी संदिग्ध लोग कार से उसका पीछा करते थे। इसे लेकर एसओजी और कोतवाली पुलिस अलर्ट थी। पकड़े गए शातिरों ने गुलशन को छुड़ाने की नीयत से जेल वाहन घेरकर रोक लिया था। एसओजी व नगर कोतवाली की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
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प्रतापगढ़ जिले की मानिकपुर कोतवाली क्षेत्र के मऊदारा गांव निवासी गुलशन यादव राजा भैया का बेहद करीबी माना जाता है। उन्हीं के कारण कुंडा का चेयरमैन भी बना था। एसओजी प्रभारी विजय कुमार यादव के मुताबिक बुधवार सुबह दरोगा-सिपाही गुलशन को पेशी पर प्रतापगढ़ ले जा रहे थे। नगर कोतवाली क्षेत्र के ओसा चौराहे के समीप स्कार्पियो, स्विफ्ट डिजायर, सफारी और फार्च्यूूनर से आए नौ शातिरों ने असलहा लहराते हुए जेल वाहन को रोक लिया। यह लोग गुलशन को जेल वाहन से उतारकर साथ ले जाने का प्रयास कर रहे थे। इस बीच एसओजी कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। नगर कोतवाल पवन त्रिवेदी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से दो रायफल, एक पंप एक्शन व एक पिस्टल बरामद की गई है। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया है। गुलशन यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2014 में उसने कुंडा कस्बे में राइस मिल मालिक पुष्पेंन्द्र को गोली मार दी थी। इसी के बाद से वह प्रतापगढ़ जिला जेल में बंद था। 29 अप्रैल को उसे कौशाम्बी जेल शिफ्ट किया गया।
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आशुतोष द्विवेदी निवासी पुरानी बाजार कुंडा, इसी कोतवाली क्षेत्र के जमेठी निवासी चंद्रप्रकाश सिंह, कुरमियन का पूरा निवासी राजकुमार सिंह, पांडेय का पुरवा निवासी धीरज कुमार, इसी गांव का आमिर खान, सेधा निवासी चंद्रकेश मौर्य, मानिकपुर कोतवाली क्षेत्र के मऊदारा निवासी रोहित कुमार, कुशहिल बाजार निवासी जमुना प्रसाद व महेशगंज कोतवाली क्षेत्र के परियावां निवासी संजीव कुमार।
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वहीं एसपी का कहना है िककि गुलशन शातिर किस्म का अपराधी है। पेशी पर आते-जाते वक्त पहले भी संदिग्ध लोग कार से उसका पीछा करते थे। इसे लेकर एसओजी और कोतवाली पुलिस अलर्ट थी। पकड़े गए शातिरों ने गुलशन को छुड़ाने की नीयत से जेल वाहन घेरकर रोक लिया था। एसओजी व नगर कोतवाली की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।