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पुलिस के खौफ से छह परिवारों ने किया पलायन
कौशाम्बी, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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नेवादा। सरायअकिल पुलिस के खौफ से सुरसेना गांव के छह परिवार पलायन कर गए हैं। आरोप है कि पुलिस ने इनके घरों में आरोपियों की तलाशी के नाम पर उपद्रव किया है। इसकी वजह से यह घर लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के सुरसेना गांव में 24 जून को वकील राजेंद्र द्विवेदी और डॉ. निसार के बीच अवैध बालू लदे ट्रैक्टर का वीडियो बनाने को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए थे। इनके बीच मारपीट हुई थी। पुलिस पर भी हमला किया गया था। मामले में वकील राजेंद्र की तहरीर पर डॉ. निसार सहित नौ नामजद व 60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस नामजद किए गए छह और प्रकाश में आए छह आरोपियों को जेल भेज चुकी है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। डॉ. निसार पक्ष के लोगों का आरोप है कि पुलिस गिरफ्तारी के नाम पर निर्दोषों को परेशान कर रही है। गुरुवार रात भी कई घरों में घुसकर पुलिस वालों ने तोड़फोड़ की थी। इससे पहले भी पुलिस की ओर से उपद्रव किया जा चुका है। इसी डर से गांव के हन्नान, इलियास, मोहम्मद, मंसूर, बस्सन आदि घर छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं। इनके घरों में ताला लटका हुआ है। बस्ती के अन्य लोग भी सहमे हुए हैं। कुछ घरों में सिर्फ महिलाएं ही रह रही हैं। पुरुष फरार चल रहे हैं। मामले में सरायअकिल एसओ हेमंत मिश्र का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जाती है। अब तक किसी भी बेगुनाह के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। आगे भी ऐसा नहीं होगा। सामान्य लोग नहीं आरोपी ही फरार हैं। उन्हें जल्द ही पकड़कर जेल भेजा जाएगा। किसी के घर में घुसकर तोड़फोड़ किए जाने का आरोप निराधार है।
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सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के सुरसेना गांव में 24 जून को वकील राजेंद्र द्विवेदी और डॉ. निसार के बीच अवैध बालू लदे ट्रैक्टर का वीडियो बनाने को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए थे। इनके बीच मारपीट हुई थी। पुलिस पर भी हमला किया गया था। मामले में वकील राजेंद्र की तहरीर पर डॉ. निसार सहित नौ नामजद व 60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस नामजद किए गए छह और प्रकाश में आए छह आरोपियों को जेल भेज चुकी है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। डॉ. निसार पक्ष के लोगों का आरोप है कि पुलिस गिरफ्तारी के नाम पर निर्दोषों को परेशान कर रही है। गुरुवार रात भी कई घरों में घुसकर पुलिस वालों ने तोड़फोड़ की थी। इससे पहले भी पुलिस की ओर से उपद्रव किया जा चुका है। इसी डर से गांव के हन्नान, इलियास, मोहम्मद, मंसूर, बस्सन आदि घर छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं। इनके घरों में ताला लटका हुआ है। बस्ती के अन्य लोग भी सहमे हुए हैं। कुछ घरों में सिर्फ महिलाएं ही रह रही हैं। पुरुष फरार चल रहे हैं। मामले में सरायअकिल एसओ हेमंत मिश्र का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जाती है। अब तक किसी भी बेगुनाह के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। आगे भी ऐसा नहीं होगा। सामान्य लोग नहीं आरोपी ही फरार हैं। उन्हें जल्द ही पकड़कर जेल भेजा जाएगा। किसी के घर में घुसकर तोड़फोड़ किए जाने का आरोप निराधार है।
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