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शव दफनाने को लेकर भिड़े दो समुदाय
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:47 AM IST
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नवोदा। सरायअकिल कोतवाली के मुस्तफाबाद गांव में बुधवार दोपहर शव दफनाने को लेकर दो समुदायों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। सूचना के बाद पहुंचे एसडीएम ने राजस्व टीम से जमीन की पैमाइश कर मामला शांत कराया। तनाव को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
मुस्तफाबाद गांव निवासी भुग्गू पासी की मंगलवार रात बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिजनों ने खाली पड़ी जमीन पर शव दफनाने के लिए गड्ढा तैयार किया। इसी बीच गांव के इंतेजार हुसैन ने जमीन को कब्रिस्तान की भूमि बताकर शव दफनाने का विरोध कर दिया। इसे लेकर मृतक एक समुदाय के लोग भड़क गए। भनक लगते ही दूसरे समुदाय के लोग भी मौके पर जमा होने लगे। इसी बीच ग्राम प्रधान फूलचंद्र ने घटना की सूचना पुलिस-प्रशासन को दे दी। मौके पर हल्का लेखपाल सुधीर ने पैमाइश के बाद बताया कि पांच जुलाई 2017 को एसडीएम कोर्ट के आदेश पर उक्त जमीन को कब्रिस्तान के नाम दर्ज कर दिया गया है। इस पर मृतक के परिजन आक्त्रसेशित हो गए और शव को वहीं पर रखकर उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। तनाव बढ़ता देख मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर सरांय अकिल प्रदीप कुमार राय की सूचना पर पहुंचे एसडीएम चायल अनिल चतुर्वेदी राजस्व निरीक्षकों की टीम बनाकर अपने सामने जमीन की पैमाइश कराई। इसके बाद एसडीएम ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराकर जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। एसडीएम के समझाने पर शव को यमुना में प्रवाहित कर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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मुस्तफाबाद गांव निवासी भुग्गू पासी की मंगलवार रात बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिजनों ने खाली पड़ी जमीन पर शव दफनाने के लिए गड्ढा तैयार किया। इसी बीच गांव के इंतेजार हुसैन ने जमीन को कब्रिस्तान की भूमि बताकर शव दफनाने का विरोध कर दिया। इसे लेकर मृतक एक समुदाय के लोग भड़क गए। भनक लगते ही दूसरे समुदाय के लोग भी मौके पर जमा होने लगे। इसी बीच ग्राम प्रधान फूलचंद्र ने घटना की सूचना पुलिस-प्रशासन को दे दी। मौके पर हल्का लेखपाल सुधीर ने पैमाइश के बाद बताया कि पांच जुलाई 2017 को एसडीएम कोर्ट के आदेश पर उक्त जमीन को कब्रिस्तान के नाम दर्ज कर दिया गया है। इस पर मृतक के परिजन आक्त्रसेशित हो गए और शव को वहीं पर रखकर उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। तनाव बढ़ता देख मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर सरांय अकिल प्रदीप कुमार राय की सूचना पर पहुंचे एसडीएम चायल अनिल चतुर्वेदी राजस्व निरीक्षकों की टीम बनाकर अपने सामने जमीन की पैमाइश कराई। इसके बाद एसडीएम ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराकर जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। एसडीएम के समझाने पर शव को यमुना में प्रवाहित कर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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