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ठेकेदार पर गिरी हैंड बिलिंग में गड़बड़ी की गाज
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Feb 2017 12:55 AM IST
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हैंडबिलिंग में गड़बड़ी कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ विभाग ने शिकंजा कस दिया है। एफआईआर कराने के बाद विभाग ने ठेका ही निरस्त कर दिया। इससे ठेकेदार के कर्मियों की नींद उड़ गई है। इस फर्म ने बिजली के बिलों में गड़बड़ी कर लाखों रुपये की हेराफेरी की है।
जिले में घरों में लगे मीटर की रीडिंग कर बिल निकाले जाने का ठेका मां वैष्णो कंस्ट्रक्शन फर्म को दिया गया था। जिले में आने के बाद संस्था के कर्मचारियों ने जमकर खेल किया। मीटर की रीडिंग करते समय बिल बढ़ाने व घटाने का खूब खेल हुआ। इसके बाद हजारों व लाखों के बिल का उपभोक्ताओं से सौदा कर उसे संशोधित कराकर राजस्व का नुकसान किया। हैंडबिलिंग में वसूली की शिकायत कुछ उपभोक्ताओं ने पिछले दिनों एक्सईएन प्रभाकर पांडेय से कराई तो जांच के दौरान आरोप सही पाए गए। इस पर उन्होंने पटल देख रहे लिपिक से तहरीर दिलाकर सदर कोतवाली में ठेका लेने वाली संस्था के नाम एफआईआर दर्ज करा दिया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद एक्सईएन ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। एक्सईएन की प्रमाणित रिपोर्ट पर एसई इलाहाबाद बीपी राय ने ठेका निरस्त कर नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सदर कोतवाल ने बताया कि चुनावी ड्यूटी के चलते जांच में रुकावट आ गई थी। शनिवार से जांच तेज करा दी जाएगी। एक सप्ताह के भीतर जांच खत्म कर दोषी जिम्मेदार के खिलाफ आरोप पत्र भी अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। वहीं एक्सईएन प्रभाकर पांडेय का कहना है कि सवा आठ लाख का गोलमाल प्रकाश में आने के बाद एफआईआर कराते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। संस्था का ठेका समाप्त कर दिया गया है। पुलिस विवेचना कर रही है। इस खेल में कौन-कौन शामिल है। पर्दा जल्द उठेगा। जितना खेल हुआ होगा सारी रिकवरी कराई जाएगी।
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जिले में घरों में लगे मीटर की रीडिंग कर बिल निकाले जाने का ठेका मां वैष्णो कंस्ट्रक्शन फर्म को दिया गया था। जिले में आने के बाद संस्था के कर्मचारियों ने जमकर खेल किया। मीटर की रीडिंग करते समय बिल बढ़ाने व घटाने का खूब खेल हुआ। इसके बाद हजारों व लाखों के बिल का उपभोक्ताओं से सौदा कर उसे संशोधित कराकर राजस्व का नुकसान किया। हैंडबिलिंग में वसूली की शिकायत कुछ उपभोक्ताओं ने पिछले दिनों एक्सईएन प्रभाकर पांडेय से कराई तो जांच के दौरान आरोप सही पाए गए। इस पर उन्होंने पटल देख रहे लिपिक से तहरीर दिलाकर सदर कोतवाली में ठेका लेने वाली संस्था के नाम एफआईआर दर्ज करा दिया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद एक्सईएन ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। एक्सईएन की प्रमाणित रिपोर्ट पर एसई इलाहाबाद बीपी राय ने ठेका निरस्त कर नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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सदर कोतवाल ने बताया कि चुनावी ड्यूटी के चलते जांच में रुकावट आ गई थी। शनिवार से जांच तेज करा दी जाएगी। एक सप्ताह के भीतर जांच खत्म कर दोषी जिम्मेदार के खिलाफ आरोप पत्र भी अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। वहीं एक्सईएन प्रभाकर पांडेय का कहना है कि सवा आठ लाख का गोलमाल प्रकाश में आने के बाद एफआईआर कराते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। संस्था का ठेका समाप्त कर दिया गया है। पुलिस विवेचना कर रही है। इस खेल में कौन-कौन शामिल है। पर्दा जल्द उठेगा। जितना खेल हुआ होगा सारी रिकवरी कराई जाएगी।
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