{"_id":"6457f94ec2495288780aacd4","slug":"cricket-and-hockey-coach-found-talent-will-flourish-kaushambi-news-c-3-1-123771-2023-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: क्रिकेट और हॉकी के मिले कोच, निखरेगी प्रतिभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: क्रिकेट और हॉकी के मिले कोच, निखरेगी प्रतिभा
Mon, 08 May 2023 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 08 May 2023 12:47 AM IST
सार
जिला क्रीड़ा अधिकारी हाल ही में सेवानिवृत्त हो गए। अब केवल संदीप कुमार ही बचे हैं, जबकि क्रिकेट और हॉकी के एक भी कोच नहीं थे। खिलाड़ी दूसरे प्रशिक्षकों की देखरेख में अपना अभ्यास करते थे। शासन की ओर से अब यहां पर क्रिकेट कोच कौशिक पाल तो हॉकी कोच पूजा निषाद की तैनाती कर दी गई है।
विज्ञापन
हॉकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट और हॉकी के कोच की तैनाती हो गई है। इससे जिले के उन युवाओं और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा, जो इन खेलों में रुचि रखते हैं। टेवां स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में इस समय 250 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें एथलेटिक्स, क्रिकेट और हॉकी तीनों के खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, एथलेटिक्स के पहले यहां पर दो प्रशिक्षक थे। इनमें एक जिला क्रीड़ा अधिकारी मो.रुस्तम खान तो दूसरे कोच संदीप कुमार हैं।
विज्ञापन
जिला क्रीड़ा अधिकारी हाल ही में सेवानिवृत्त हो गए। अब केवल संदीप कुमार ही बचे हैं, जबकि क्रिकेट और हॉकी के एक भी कोच नहीं थे। खिलाड़ी दूसरे प्रशिक्षकों की देखरेख में अपना अभ्यास करते थे। शासन की ओर से अब यहां पर क्रिकेट कोच कौशिक पाल तो हॉकी कोच पूजा निषाद की तैनाती कर दी गई है। पिछले महीने दोनों प्रशिक्षकों ने स्टेडियम में अपनी जिम्मेदारी भी संभाल ली है। इनकी तैनाती होने से अब खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग मिल सकेगी।
विज्ञापन
जिले के युवाओं और बच्चों में अन्य खेलों की अपेक्षा एथलेटिक्स में ज्यादा रुचि दिख रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंजीकृत लगभग 250 में से 30-30 खिलाड़ी क्रिकेट और हॉकी का अभ्यास करने आते हैं। वहीं, 190 बच्चे एथलेटिक्स के हैं। एथलेटिक्स के 30 बच्चों का पंजीकरण खेलो इंडिया योजना से है। शेष सामान्य पंजीकरण कराकर ट्रेनिंग ले रहे हैं।
विज्ञापन