Kaushambi : पेशी पर लाया गया सजायाफ्ता कैदी कचहरी से फरार, हत्या में हुई थी आजीवन कारावास की सजा
पिपरी कोतवाली क्षेत्र के गांजा गांव निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बुदुल की अगस्त 2016 में हत्या कर दी गई थी। मामले में गांव के संतोष भारती, जितेंद्र भारती और गुड्डू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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गैंगस्टर के मामले में शुक्रवार को पेशी पर जेल से लाया गया सजायाफ्ता मुल्जिम कचहरी से फरार हो गया। मामले की जानकारी तब हुई जब जेल में गिनती के दौरान एक कैदी कम मिला। फरार मुल्जिम की गिरफ्तारी के लिए मंझनपुर व चायल सीओ के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। एसपी ने आरोपी के साथ ही सुरक्षा ड्यूटी में तैनात रहे मुख्य आरक्षी के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
पिपरी कोतवाली क्षेत्र के गांजा गांव निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बुदुल की अगस्त 2016 में हत्या कर दी गई थी। मामले में गांव के संतोष भारती, जितेंद्र भारती और गुड्डू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अदालत ने दो साल पहले तीनों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
तीनों जिला कारागार में सजा काट रहे हैं। इधर, पिपरी पुलिस ने संतोष भारती के अपराध की प्रकृति को देखते हुए उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। शुक्रवार को संतोष की इस मामले में पेशी थी। जिला कारागार से उसे कड़ी सुरक्षा में कचहरी लाया गया। उसकी सुरक्षा में मुख्य आरक्षी हर्ष बहादुर की ड्यूटी लगाई गई थी।
पेशी के बाद संतोष सुरक्षाकर्मियों को गच्चा देकर कचहरी से फरार हो गया। शाम को जेल में गिनती करने वह गायब मिला। इस पर बंदीरक्षकों ने मामले की सूचना जेल अधीक्षक को दी। जेल अधीक्षक ने इसकी जानकारी पुलिस अफसरों को दी तो हड़कंप मच गया। आननफानन में जिले की सीमाओं को सील कर कैदी की खोजबीन कराई गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।
पेशी पर लाया गया सजायफ्ता मुल्जिम कचहरी से फरार हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए मंझनपुर व चायल सीओ के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। साथ ड्यूटी में लगे लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। - हेमराज मीना, एसपी