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कौशाम्बी में ग्रामीणों-पुलिस में संघर्ष, फायरिंग
Wed, 05 Jun 2019 12:38 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Wed, 05 Jun 2019 12:38 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : kaushambi
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मंझनपुर (कौशाम्बी)। सदर कोतवाली से संदिग्ध दशा में गायब होने के बाद पेड़ पर फंदे से लटकते मिले अपहर्ता के शव के अंतिम संस्कार के समय बवाल हो गया। ग्रामीणों और पुलिस वालों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। फायरिंग और पथराव किया गया। पथराव में इंस्पेक्टर दरोगा समेत आठ पुलिस वाले घायल हो गए। आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण भी जख्मी हो गए। कई थानों की फोर्स ने लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग कर स्थिति को काबू में किया। मौके पर पीएसी और फोर्स तैनात कर दी गई है। गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। एसपी ने एक दीवान और दो होमगार्डों को निलंबित कर कोतवाल समेत अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव का मुलायम सिंह पुत्र बोधन को युवती के अपहरण के आरोप में पकड़ा गया था। रविवार को पकड़े जाने के बाद सोमवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में कोतवाली से गायब हो गया था। दोपहर गांव के बाहर महुए के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकती हुई उसकी लाश मिली थी। ग्रामीणों और परिजनों का आरोप था कि मुलायम की हत्या कर शव पेड़ से लटका दिया गया। इसी बात को लेकर सुबह बवाल हो गया। परिजनों, ग्रामीणों ने नगर कोतवाल के निलंबन की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। शाम तक चले मान-मनौव्वल के बाद भी बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को तितर-बितर किया। लाश कब्जे में लेकर मुख्यालय जाते वक्त बहादुरपुर, ओसा तथा सिरचनपुर गांवों के लोगों ने घेराबंदी कर पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए पुलिस वाले इधर, उधर भागते रहे। पुलिस पर हमले की खबर से आननफानन पहुंची चार कोतवालियों की पुलिस फोर्स और पीएसी ने उपद्रवियों को काबू में करने के लिए लाठी-पटकने के साथ ही दर्जनों राउंड हवाई फायरिंग भी किया। लगभग दो घंटे तक चले गुरिल्ला युद्ध के बाद स्थिति नियंत्रण मेें आ सकी। एहतियात के तौर पर गांव में कोखराज कोतवाली की फोर्स और एक सेक्शन पीएसी तैनात कर दी गई है। इस दौरान इंस्पेक्टर मंझनपुर उदयवीर सिंह, एसओ पश्चिमशरीरा हेमंत मिश्रा सहित करीब आठ पुलिस कर्मचारी व लगभग छह ग्रामीण घायल हो गए। सभी का उपचार कराया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक का कहना है कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर एक दीवान और दो होमगार्डों को निलंबित कर दिया गया है। कोतवाल तथा अन्य पुलिस वालों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव का मुलायम सिंह पुत्र बोधन को युवती के अपहरण के आरोप में पकड़ा गया था। रविवार को पकड़े जाने के बाद सोमवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में कोतवाली से गायब हो गया था। दोपहर गांव के बाहर महुए के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकती हुई उसकी लाश मिली थी। ग्रामीणों और परिजनों का आरोप था कि मुलायम की हत्या कर शव पेड़ से लटका दिया गया। इसी बात को लेकर सुबह बवाल हो गया। परिजनों, ग्रामीणों ने नगर कोतवाल के निलंबन की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। शाम तक चले मान-मनौव्वल के बाद भी बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को तितर-बितर किया। लाश कब्जे में लेकर मुख्यालय जाते वक्त बहादुरपुर, ओसा तथा सिरचनपुर गांवों के लोगों ने घेराबंदी कर पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए पुलिस वाले इधर, उधर भागते रहे। पुलिस पर हमले की खबर से आननफानन पहुंची चार कोतवालियों की पुलिस फोर्स और पीएसी ने उपद्रवियों को काबू में करने के लिए लाठी-पटकने के साथ ही दर्जनों राउंड हवाई फायरिंग भी किया। लगभग दो घंटे तक चले गुरिल्ला युद्ध के बाद स्थिति नियंत्रण मेें आ सकी। एहतियात के तौर पर गांव में कोखराज कोतवाली की फोर्स और एक सेक्शन पीएसी तैनात कर दी गई है। इस दौरान इंस्पेक्टर मंझनपुर उदयवीर सिंह, एसओ पश्चिमशरीरा हेमंत मिश्रा सहित करीब आठ पुलिस कर्मचारी व लगभग छह ग्रामीण घायल हो गए। सभी का उपचार कराया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक का कहना है कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर एक दीवान और दो होमगार्डों को निलंबित कर दिया गया है। कोतवाल तथा अन्य पुलिस वालों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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