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ठंड का कहर : चायल में तीन लोगों की मौत
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ठंड का कहर : चायल में तीन लोगों की मौत
चायल। तहसील इलाके में लोग ठंड की चपेट में आ रहे हैं। बचाव के लिए प्रमुख बाजारों और कस्बों में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। सोमवार की रात ठंड की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराये ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है।
चायल तहसील के नूरपुर हाजीपुर गांव निवासी भोंदू लाल साहू (50) परचून की दुकान खोल रखी थी। सोमवार की शाम दुकान बंद करने के बाद उसने भोजन किया। इसी बीच उसकी हालत बिगड़ने लगी। पेट में दर्द व उल्टी की शिकायत पर परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि भोंदू की सांसें थम गईं। इसी प्रकार बलहेपुर गांव निवासी राकेश कुमार (32) मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता था। सोमवार को वह पिपरी के मेंडवारा गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गया था। शाम को घर लौटते ही उसकी तबीयत खराब हो गई। कुछ ही देर में वह अचेत हो गया। परिजन कुछ समझ पाते कि इससे पहले उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार चरवा क्षेत्र के नींबी शाना निवासी झरीलाल (50) मजदूरी करता था। सोमवार की रात वह गेहूं के फसल की सिंचाई करने गया था। परिजनों के मुताबिक इसी दौरान उसे ठंड लग गई। सीने और पेट में तेज दर्द होने पर किसी तरह वह घर पहुंचा। परिवार वाले अस्पताल ले जाने का इंतजाम कर ही रहे थे कि इससे पहले उसकी सांसें थम गईं।
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चायल। तहसील इलाके में लोग ठंड की चपेट में आ रहे हैं। बचाव के लिए प्रमुख बाजारों और कस्बों में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। सोमवार की रात ठंड की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराये ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है।
चायल तहसील के नूरपुर हाजीपुर गांव निवासी भोंदू लाल साहू (50) परचून की दुकान खोल रखी थी। सोमवार की शाम दुकान बंद करने के बाद उसने भोजन किया। इसी बीच उसकी हालत बिगड़ने लगी। पेट में दर्द व उल्टी की शिकायत पर परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि भोंदू की सांसें थम गईं। इसी प्रकार बलहेपुर गांव निवासी राकेश कुमार (32) मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता था। सोमवार को वह पिपरी के मेंडवारा गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गया था। शाम को घर लौटते ही उसकी तबीयत खराब हो गई। कुछ ही देर में वह अचेत हो गया। परिजन कुछ समझ पाते कि इससे पहले उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार चरवा क्षेत्र के नींबी शाना निवासी झरीलाल (50) मजदूरी करता था। सोमवार की रात वह गेहूं के फसल की सिंचाई करने गया था। परिजनों के मुताबिक इसी दौरान उसे ठंड लग गई। सीने और पेट में तेज दर्द होने पर किसी तरह वह घर पहुंचा। परिवार वाले अस्पताल ले जाने का इंतजाम कर ही रहे थे कि इससे पहले उसकी सांसें थम गईं।
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