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Kaushambi News: पोषण और शिक्षा के अधिकार से वंचित करता है बाल विवाह
Sun, 26 Mar 2023 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 26 Mar 2023 01:03 AM IST
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करारी। कस्बा स्थित डॉ. रिजवी स्प्रिंग फील्ड स्कूल में बाल अपराध एवं बाल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें बच्चों को बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण के बारे में बताया गया। छात्र-छात्राओं ने सवाल भी किए। जिनके एडीजीपी और एसपी समेत अन्य अफसरों ने जवाब दिए।
एडीजीपी (पीएसआर एंड पीबी) डॉ. आरके स्वर्णकार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो एक्ट बनाया गया है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के लोगों के साथ यौन उत्पीड़न को अपराध की गंभीर श्रेणी में रखा गया है। इसके दोषियों को मौत की सजा का प्रावधान है। बाल विवाह अधिनियम 2005 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की शादी कराना अपराध है। बाल विवाह बच्चे को अच्छे स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के अधिकार से वंचित करता है। ऐसा माना जाता है कि कम उम्र में विवाह के कारण लड़कियों को हिंसा, दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का अधिक सामना करना पड़ता है।
एसपी बृजेश श्रीवास्तव बताया कि बाल अधिकार के अंतर्गत बच्चों को जीवन का अधिकार, भोजन पोषण, स्वास्थ्य, विकास, शिक्षा, पहचान, नाम, राष्ट्रीयता, परिवार, मनोरंजन, सुरक्षा और बच्चों का गैर कानूनी व्यापार शामिल है। संविधान में 41 बाल अधिकार दिए गए हैं, लेकिन इनमें से 16 अधिकार भारतीय बच्चों के लिए बहुत अहम हैं। इसमें जीवन का अधिकार मौलिक अधिकारों में से एक है। इसके अलावा भेदभाव न हो, माता-पिता की जिम्मेदारी, स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छा जीवन स्तर, दिव्यांग बच्चों के लिए उचित व्यवस्था आदि अधिकार महत्वपूर्ण हैं। इससे पहले डॉ. रिजवी एजुकेशन ट्रस्ट के प्रबंधक राशिद रिजवी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. रिजवी स्प्रिंग फील्ड के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र पांडेय, डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. सत्य प्रकाश, डॉ. इश्तियाक अहमद, अलोक श्रीवास्तव, समीम आदि मौजूद रहे।
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एडीजीपी (पीएसआर एंड पीबी) डॉ. आरके स्वर्णकार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो एक्ट बनाया गया है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के लोगों के साथ यौन उत्पीड़न को अपराध की गंभीर श्रेणी में रखा गया है। इसके दोषियों को मौत की सजा का प्रावधान है। बाल विवाह अधिनियम 2005 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की शादी कराना अपराध है। बाल विवाह बच्चे को अच्छे स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के अधिकार से वंचित करता है। ऐसा माना जाता है कि कम उम्र में विवाह के कारण लड़कियों को हिंसा, दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का अधिक सामना करना पड़ता है।
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एसपी बृजेश श्रीवास्तव बताया कि बाल अधिकार के अंतर्गत बच्चों को जीवन का अधिकार, भोजन पोषण, स्वास्थ्य, विकास, शिक्षा, पहचान, नाम, राष्ट्रीयता, परिवार, मनोरंजन, सुरक्षा और बच्चों का गैर कानूनी व्यापार शामिल है। संविधान में 41 बाल अधिकार दिए गए हैं, लेकिन इनमें से 16 अधिकार भारतीय बच्चों के लिए बहुत अहम हैं। इसमें जीवन का अधिकार मौलिक अधिकारों में से एक है। इसके अलावा भेदभाव न हो, माता-पिता की जिम्मेदारी, स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छा जीवन स्तर, दिव्यांग बच्चों के लिए उचित व्यवस्था आदि अधिकार महत्वपूर्ण हैं। इससे पहले डॉ. रिजवी एजुकेशन ट्रस्ट के प्रबंधक राशिद रिजवी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. रिजवी स्प्रिंग फील्ड के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र पांडेय, डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. सत्य प्रकाश, डॉ. इश्तियाक अहमद, अलोक श्रीवास्तव, समीम आदि मौजूद रहे।
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