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Kaushambi News: बदला मौसम...मच्छरों का प्रकोप, वायरल फीवर के मरीज बढ़े
Sat, 14 Feb 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 14 Feb 2026 01:15 AM IST
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बदलते मौसम और तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और नगरीय स्वास्थ्य इकाइयों के ओपीडी में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। पहले जहां प्रतिदिन 15 से 20 मरीज आते थे, वहीं अब इनकी संख्या 30 से 40 तक पहुंच गई। चिकित्सक जांच के बाद दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
शुक्रवार को भरवारी नगर क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 67 मरीज वायरल फीवर के उपचार के लिए पहुंचे। पीएचसी चंदीपुर में 18, पीएचसी चमरूपुर में 22, अर्बन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सईगंज में 12 और अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिंघिया में 15 मरीजों में वायरल फीवर के लक्षण पाए गए।
अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिंघिया में तैनात डॉ. अजय कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे बुखार, सर्दी, बदन दर्द और प्लेटलेट्स में गिरावट की शिकायत बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार या सर्दी लगने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।
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पीएचसी चंदीपुर में डॉ. सदफ सिद्दीकी के मातृत्व अवकाश पर होने के कारण फार्मासिस्ट रोहित सिंह ने 27 मरीजों को दवा बांटी। पीएचसी चमरूपुर में डॉ. सुधीर कुमार वर्मा प्रतिकर और फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह की मौजूदगी में 30 मरीजों को दवाएं दीं। यहां लंबे समय से लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति न होने से जांच कार्य प्रभावित रहा।
डॉक्टरों के अनुसार, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सिराथू ब्लॉक के अजुहा पीएचसी परिसर में हैंडपंप के पास जलभराव और गंदगी से मच्छरों के पनपने की आशंका बनी है।
मच्छर के काटने से ये होते हैं रोग
मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस, मलेरिया, वेस्ट नाइल वायरस, पीला बुखार, फाइलेरिया, टुलारेमिया, डिरोफाइलेरिया आदि बीमारियों का खतरा रहता है।
ऐसे करें मच्छरों से बचाव
- जलजमाव न होने दें।
- शरीर को पूरी तरह से ढककर रखें।
- मच्छरदानी का उपयोग करें।
- बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
- सामुदायिक स्वच्छता पर ध्यान दें।
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शुक्रवार को भरवारी नगर क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 67 मरीज वायरल फीवर के उपचार के लिए पहुंचे। पीएचसी चंदीपुर में 18, पीएचसी चमरूपुर में 22, अर्बन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सईगंज में 12 और अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिंघिया में 15 मरीजों में वायरल फीवर के लक्षण पाए गए।
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अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिंघिया में तैनात डॉ. अजय कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे बुखार, सर्दी, बदन दर्द और प्लेटलेट्स में गिरावट की शिकायत बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार या सर्दी लगने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।
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पीएचसी चंदीपुर में डॉ. सदफ सिद्दीकी के मातृत्व अवकाश पर होने के कारण फार्मासिस्ट रोहित सिंह ने 27 मरीजों को दवा बांटी। पीएचसी चमरूपुर में डॉ. सुधीर कुमार वर्मा प्रतिकर और फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह की मौजूदगी में 30 मरीजों को दवाएं दीं। यहां लंबे समय से लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति न होने से जांच कार्य प्रभावित रहा।
डॉक्टरों के अनुसार, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सिराथू ब्लॉक के अजुहा पीएचसी परिसर में हैंडपंप के पास जलभराव और गंदगी से मच्छरों के पनपने की आशंका बनी है।
मच्छर के काटने से ये होते हैं रोग
मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस, मलेरिया, वेस्ट नाइल वायरस, पीला बुखार, फाइलेरिया, टुलारेमिया, डिरोफाइलेरिया आदि बीमारियों का खतरा रहता है।
ऐसे करें मच्छरों से बचाव
- जलजमाव न होने दें।
- शरीर को पूरी तरह से ढककर रखें।
- मच्छरदानी का उपयोग करें।
- बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
- सामुदायिक स्वच्छता पर ध्यान दें।