{"_id":"5d360a8c8ebc3e6d1323a51c","slug":"cbi-kaushambi-news-ald25017417","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीआई ने डाला डेरा, पूर्व खान निरीक्षक से आज लेगी बयान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीबीआई ने डाला डेरा, पूर्व खान निरीक्षक से आज लेगी बयान
विज्ञापन
cbi
- फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। सोमवार को सीबीआई की दो सदस्यीय टीम ने चौथी बार जिले में दस्तक दे दी है। टीम के सदस्य सबसे पहले कलक्ट्रेट पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे रुकने के बाद टीम सीधे अपने कैम्प कार्यालय कांशीराम गेस्ट हाउस पहुंची। यहां खनन से जुडे दस्तावेज तलब किया। सूत्रों की मानें तो टीम मंगलवार को सबसे पहले पूर्व खान निरीक्षक का बयान दर्ज करेगी। इसके बाद उनकी नजर सिंडीकेट के साथ गलबहियां कर बालू का अवैध खनन करने वाले जिले के कारोबारियों पर पड़ेगी। टीम के जिले में डेरा डालते ही अवैध खनन करने वाले सिंडीकेट के सदस्यों के अलावा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
31 मई 2012 के बाद जून 2016 तक जिले में बड़े पैमाने पर अवैध खनन कराया गया था। कभी तत्कालीन डीएम की आड़ में तो कभी न्यायालय का आदेश बताकर कारोबारियों ने अवैध खनन किया। इसी बीच न्यायालय ने एक साथ बाधित अवधि व मई 2012 के बाद स्वीेकृत पट्टों को एक ही आदेश में निरस्त कर दिया तो जिले में बालू को लेकर हाहाकार मच गया। मांग को देखते हुए जिले में कथित सिंडीकेट ने डेरा डाला। शासन स्तर से लेकर जिले के आला अफसरों को अपने दबाव में लेकर यमुना का सीना जीभर के छलनी किया गया था। मामले की जांच न्यायालय के आदेश पर सीबीआई कर रही है। अब तक हुई जांच में सीबीआई ने वर्ष 2012 के बाद कराए गए अवैध खनन में जारी किए गए एमएम 11 व प्रपत्र सी का प्रतिपर्ण अपने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा जिले के बालू कारोबारियों से सघन पूछताछ करने के बाद कथित सिंडीकेट के आठ सदस्यों व तत्कालीन खान निरीक्षक के खिलाफ एफआईआर भी अपनी अदालत में दर्ज कर लिया है।
अब सीबीआई जिले के काराबारियों तक पहुंचने को बेताब है। इसके लिए वह मंगलवार को सबसे पहले पूर्व खान निरीक्षक राज रंजन से कारोबारियरों के बारे में सघन पूछताछ करेगी। मोबाइल नंबर समेत जरूरी दस्तावेज जुटाने के बाद वह जिले के कारोबारियों पर शिंकजा कसना शुरू करेगी। इसे लेकर जहां जिले भर के लोगों की निगाहें इस ओर टिक गई हैं वहीं सिंडीकेट के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अवैध खनन करने वाले कारोबारियों की सांसें फूलने लगी हैं।
विज्ञापन
दिनभर जानकारी जुटाते रहे अवैध खनन करने वाले
मंझनपुर। सीबीआई के डीएम कार्यालय पहुंचने की जानकारी जैसे ही अवैध खनन में लिप्त रहने वाले कारोबारियों को हुई उनके होश उड़ गए। वह दिनभर भूतत्व एवं खनिकर्म कार्यालय के इर्द-गिर्द मंडराते रहे। हालांकि मौजूदा खान निरीक्षक से उन्हें सीबीआई आने के उद्देश्य के बावत कुछ खास जानकारी नहीं हो सकी। फिर भी कयासों का दौर जारी रहा।
फिर बंद हो गए पुराने मोबाइल
मंझनपुर। सीबीआई टीम के जिले में डेरा डालते ही अवैध खनन में लिप्त रहे लोगों ने अपना सिम मोबाइल से निकालकर रख दिया है। अब उन्हें इस बात का भय सताने लगा है कि पिछली बार सीबीआई के सदस्यों ने पूरी पूछतांछ कर लिया है। अब कहीं इस बार बुलावा आया तो वह सीधे हवालात की हवा न खानी पड़ जाए। बहरहाल, उन्हें अब बचाव का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
31 मई 2012 के बाद जून 2016 तक जिले में बड़े पैमाने पर अवैध खनन कराया गया था। कभी तत्कालीन डीएम की आड़ में तो कभी न्यायालय का आदेश बताकर कारोबारियों ने अवैध खनन किया। इसी बीच न्यायालय ने एक साथ बाधित अवधि व मई 2012 के बाद स्वीेकृत पट्टों को एक ही आदेश में निरस्त कर दिया तो जिले में बालू को लेकर हाहाकार मच गया। मांग को देखते हुए जिले में कथित सिंडीकेट ने डेरा डाला। शासन स्तर से लेकर जिले के आला अफसरों को अपने दबाव में लेकर यमुना का सीना जीभर के छलनी किया गया था। मामले की जांच न्यायालय के आदेश पर सीबीआई कर रही है। अब तक हुई जांच में सीबीआई ने वर्ष 2012 के बाद कराए गए अवैध खनन में जारी किए गए एमएम 11 व प्रपत्र सी का प्रतिपर्ण अपने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा जिले के बालू कारोबारियों से सघन पूछताछ करने के बाद कथित सिंडीकेट के आठ सदस्यों व तत्कालीन खान निरीक्षक के खिलाफ एफआईआर भी अपनी अदालत में दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
अब सीबीआई जिले के काराबारियों तक पहुंचने को बेताब है। इसके लिए वह मंगलवार को सबसे पहले पूर्व खान निरीक्षक राज रंजन से कारोबारियरों के बारे में सघन पूछताछ करेगी। मोबाइल नंबर समेत जरूरी दस्तावेज जुटाने के बाद वह जिले के कारोबारियों पर शिंकजा कसना शुरू करेगी। इसे लेकर जहां जिले भर के लोगों की निगाहें इस ओर टिक गई हैं वहीं सिंडीकेट के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अवैध खनन करने वाले कारोबारियों की सांसें फूलने लगी हैं।
विज्ञापन
दिनभर जानकारी जुटाते रहे अवैध खनन करने वाले
मंझनपुर। सीबीआई के डीएम कार्यालय पहुंचने की जानकारी जैसे ही अवैध खनन में लिप्त रहने वाले कारोबारियों को हुई उनके होश उड़ गए। वह दिनभर भूतत्व एवं खनिकर्म कार्यालय के इर्द-गिर्द मंडराते रहे। हालांकि मौजूदा खान निरीक्षक से उन्हें सीबीआई आने के उद्देश्य के बावत कुछ खास जानकारी नहीं हो सकी। फिर भी कयासों का दौर जारी रहा।
फिर बंद हो गए पुराने मोबाइल
मंझनपुर। सीबीआई टीम के जिले में डेरा डालते ही अवैध खनन में लिप्त रहे लोगों ने अपना सिम मोबाइल से निकालकर रख दिया है। अब उन्हें इस बात का भय सताने लगा है कि पिछली बार सीबीआई के सदस्यों ने पूरी पूछतांछ कर लिया है। अब कहीं इस बार बुलावा आया तो वह सीधे हवालात की हवा न खानी पड़ जाए। बहरहाल, उन्हें अब बचाव का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है।