फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Cattle are suffering in the scorching tin shed in the scorching heat

Kaushambi News: भीषण गर्मी में तपते टिनशेड में बेहाल गोवंश

Fri, 13 Jun 2025 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 13 Jun 2025 12:33 AM IST
विज्ञापन
Cattle are suffering in the scorching tin shed in the scorching heat
अढ़ालौ गांव ​स्थित गोशाला में मवे​शियों की जांच करते डॉक्टर। संवाद
मंझनपुर। भीषण गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों की गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों का हाल-बेहाल है। जहां जो सुविधाएं हैं, वह गर्मी से बचाव के लिए नाकाफी साबित हो रही हैं। गोवंशों को गर्मी से बचाव के लिए न ताे पेड़ों की छांव मिल रही है और न ही प्यास बुझाने के लिए ठंडा पानी। 43 डिग्री तापमान में तड़प रहे बेजुबान गोवंश व्यवस्थाओं के साथ खुद को ढालने की जद्दोजहद कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम की पड़ताल में ऐसा ही कुछ देखने को मिला।
विज्ञापन

केस-एक
--- छेकवा गोशाला में सबमर्सिबल लगा है, लेकिन दोपहर में बिजली कटौती के चलते मवेशियों को खौलता पानी मिलता है। गर्मी से बचाव के लिए यहां बना टिनशेड 141 गोवंशों के लिए नाकाफी है। गर्मी के कारण दोपहर में टिनशेड तपने पर मवेशी बाहर की ओर भागते हैं। मैदान में चंद पेड़ की छांव में कुछ गोवंश रहते हैं। जबकि अधिकतर मवेशी धूप में तपते रहते हैं। केयर टेकरों ने बताया कि मौजूद संसाधनों के बीच बेहतर व्यवस्था करने का प्रयास किया जाता है।
विज्ञापन

---------
केस- दो
--सिराथू ब्लॉक के नगियामई गांव की गोशाला में 85 मवेशी संरक्षित हैं। सुविधाओं के नाम पर यहां सब कुछ है। लेकिन, गर्मी ने व्यवस्था बिगाड़ दी है। गोशाला में गर्मी से बचाव के नाम पर केवल टिनशेड ही है। इसके चारों ओर तिलपाल लगाया गया है। परिसर में कोई पेड़ नहीं होने से मवेशी गर्मी से झुलसते रहते हैं। जिस हौदे में पानी भरा है, वह भी खुले में हैं। ऐसे में गर्मी से यह भी गर्म हो जाता है। गनीमत यह है कि यहां हरा चारा लगाया गया है। ऐसे में थोड़ी राहत मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस- तीन
--- सरसवां ब्लॉक के अढौली गांव के अस्थायी गोशाला में 262 गोवंश संरक्षित हैं। यहां टिनशेड व उसके चारों ओर पर्दे लगाकर मवेशियों को गर्मी से राहत देने का प्रयास हो रहा है। गोशाला के एक किनारे पर बबूल का एक पेड़ है। इसके अलावा छाया की कोई व्यवस्था नहीं है। गर्मी में टिनशेड तपने पर मवेशी पूरे दिन इधर-उधर टहलते रहते हैं। पानी के लिए सबमर्सिबल लगा है। यह बिजली के अलावा सोलर से भी संचालित है। ऐसे में ठंडा पानी हर समय मौजूद रहता है।

खास
कुल गोशाला- 77
कुल मवेशी- 10667
हरे चारे के लिए जमीन - 61
किराए की जमीन- 09
हरा चारा नहीं-07

गोशालाओं में मवेशियों को गर्मी से बचाव के लिए सुबह-शाम ठंडा पानी देने के अलावा गोवंश को ठंडे पानी में स्नान कराने, दोपहर में लू से बचाव के लिए लगाए गए पर्दे में पानी के छिड़काव आदि करने का निर्देश दिया गया है। --डॉ. अशोक कुमार, सीवीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed