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पइंसा इलाके में मवेशी फसलों को कर रहे बर्बाद
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फसल चौपट कर रहे छुट्टा मवेशी
तहसील प्रशासन से पइंसा में गोशाला बनवाए जाने की मांग
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
पइंसा। सिराथू ब्लॉक के पइंसा इलाके में छुट्टा मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। मवेशियों के कारण बरसात व ठंड के बावजूद भी किसान फसलों की रखवाली के लिए मजबूर हैं। किसान खेतों में छाता लेकर रात गुजार रहे हैं।
रबी के मौसम में क्षेत्र की प्रमुख फसल गेहूं, सरसों, मटर व सब्जी आदि की सुरक्षा अन्नदाता कहीं बाड़ लगाकर तो कहीं कंटीले तार से घेराबंदी कर रहे हैं, लेकिन तेजी से बढ़ रहे छुट्टा पशुओं के कारण उपाय बेकार साबित हो जा रहे हैं। इन मोहबतपुर पइंसा के किसान लल्लू पाल का कहना है कि अब फसलों की सुरक्षा राम भरोसे है। फसलों की सुरक्षा के सारे उपाय फेल हो जा रहे हैं। किसान गुलजारी लाल कहते हैं कि खेतों में बाड़ और मचान बनाने के बावजूद भी फसलें बच नहीं पा रही हैं। कड़ाके की ठंड में रात को भी फसलों की निगरानी करनी पड़ रही है, लेकिन मौका पाते ही दर्जनों छुट्टा मवेशी फसल को बर्बाद कर दे रहे हैं। किसान गोरे लाल कहते हैं कि किसानों की समस्याओं को कोई नहीं सुनने वाला है। किसानों की आय का प्रमुख स्त्रोत फसल है। पहले नीलगाय, सुअर आदि जानवर ही फसल नुकसान करते थे, लेकिन अब छुट्टा पशुओं का आतंक सपनों पर पानी फेर रहा है। किसान राजेश सिंह ने बताया कि रात में छुट्टा मवेशी फसलों को तहस-नहस कर देते हैं। पप्पू, शुभम, अंकित आदि किसानों का कहना है कि अब तो स्थिति इतनी खराब हो गई है कि रात ही नहीं बल्कि दिन में भी फसलों की रखवाली की जाती है। किसानों ने बताया कि यह समस्या एक दो दिन नहीं बल्कि कई महीनों से है। किसानों ने तहसील प्रशासन से पइंसा में गोशाला बनवाए जाने की मांग की है।
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तहसील प्रशासन से पइंसा में गोशाला बनवाए जाने की मांग
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
पइंसा। सिराथू ब्लॉक के पइंसा इलाके में छुट्टा मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। मवेशियों के कारण बरसात व ठंड के बावजूद भी किसान फसलों की रखवाली के लिए मजबूर हैं। किसान खेतों में छाता लेकर रात गुजार रहे हैं।
रबी के मौसम में क्षेत्र की प्रमुख फसल गेहूं, सरसों, मटर व सब्जी आदि की सुरक्षा अन्नदाता कहीं बाड़ लगाकर तो कहीं कंटीले तार से घेराबंदी कर रहे हैं, लेकिन तेजी से बढ़ रहे छुट्टा पशुओं के कारण उपाय बेकार साबित हो जा रहे हैं। इन मोहबतपुर पइंसा के किसान लल्लू पाल का कहना है कि अब फसलों की सुरक्षा राम भरोसे है। फसलों की सुरक्षा के सारे उपाय फेल हो जा रहे हैं। किसान गुलजारी लाल कहते हैं कि खेतों में बाड़ और मचान बनाने के बावजूद भी फसलें बच नहीं पा रही हैं। कड़ाके की ठंड में रात को भी फसलों की निगरानी करनी पड़ रही है, लेकिन मौका पाते ही दर्जनों छुट्टा मवेशी फसल को बर्बाद कर दे रहे हैं। किसान गोरे लाल कहते हैं कि किसानों की समस्याओं को कोई नहीं सुनने वाला है। किसानों की आय का प्रमुख स्त्रोत फसल है। पहले नीलगाय, सुअर आदि जानवर ही फसल नुकसान करते थे, लेकिन अब छुट्टा पशुओं का आतंक सपनों पर पानी फेर रहा है। किसान राजेश सिंह ने बताया कि रात में छुट्टा मवेशी फसलों को तहस-नहस कर देते हैं। पप्पू, शुभम, अंकित आदि किसानों का कहना है कि अब तो स्थिति इतनी खराब हो गई है कि रात ही नहीं बल्कि दिन में भी फसलों की रखवाली की जाती है। किसानों ने बताया कि यह समस्या एक दो दिन नहीं बल्कि कई महीनों से है। किसानों ने तहसील प्रशासन से पइंसा में गोशाला बनवाए जाने की मांग की है।
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