कौशांबी : महिलाकर्मी से छेड़खानी के आरोपी डीपीओ को भेजा गया जेल, रात में ही दर्ज कर ली गई थी एफआईआर
जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम का एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जिसमें वह अपने कार्यालय में कार्यरत महिला कर्मचारी के साथ अभिलेखों में हस्ताक्षर करते हुए बैड टच करते दिख रहे हैं। वीडियो में महिला कर्मचारी का जबरन हाथ पकड़े जाने का भी दृश्य भी है।
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अपने कार्यालय में महिला कर्मी से छेड़खानी के आरोपी जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) राजनाथ राम बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए। पुलिस ने रात में ही पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद सुबह उसे हिरासत में ले लिया गया। जांच के बाद शाम को गिरफ्तारी कर ली गई। उधर, डीएम सुजीत कुमार ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति कर प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग को रिपोर्ट भेजी है। घटना से संबंधित वीडियो एक दिन पहले सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।
इसमें आरोपी कार्यालय में कार्यरत महिला कर्मी से छेड़छाड़ करते दिख रहे हैं। आरोप यह भी है कि डीपीओ के व्हाट्सएप से अश्लील मैसेज भी महिला कर्मी को भेजे गए थे। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसकी खामोशी का गलत फायदा उठाया। इससे पूर्व 24 दिसंबर को भी आउटसोर्सिंग में नियुक्त एक अन्य महिला कर्मचारी ने डीपीओ के खिलाफ छेड़खानी व जोर-जबरदस्ती करने का आरोप लगाया था।
जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में हुई शिकायत पर दो सदस्यीय जांच कमेटी एडीएम न्यायिक डॉ. विश्राम के नेतृत्व में गठित की गई थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने से पहले ही वीडियो सामने आया। वीडियो में दिख रहा है कि छेड़खानी की गई। इस पर डीपीओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। रिपोर्ट के साथ छेड़खानी का वीडियो व अश्लील चैट भी साक्ष्य के तौर पर भेजे गए हैं। उधर, एसपी कौशाम्बी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
डीपीओ का महिलाकर्मी से छेड़छाड़ का वीडियो हुआ था वायरल
विकास भवन स्थित जिला प्रोबेशन दफ्तर में महिला कर्मचारी से अश्लील हरकत करने का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। डीपीओ की हरकत का वीडियो सामने आने के बाद डीएम सुजीत कुमार ने एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया था। साथ ही शासन को पत्र भेजकर आरोपी अफसर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
कौशाम्बी में महिला अधिकारों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले जिला प्रोबेशन अधिकारी के दफ्तर में महिलाकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं। इसकी पुष्टि सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो से हो रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दफ्तर में अपनी कुर्सी पर बैठे डीपीओ राजनाथ राम के सामने एक महिला कर्मचारी विभागीय पत्रावली लेकर पहुंचती है।
पत्रावली में हस्ताक्षर करने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी महिलाकर्मी को बैड टच कर रहे हैं। हालांकि महिलाकर्मी इसका विरोध करती भी दिख रही है।वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई है। मामले की गंभीरता को देखने हुए डीएम ने एडीएम न्यायिक डॉ.विश्राम की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा है।
दरअसल, चार दिन पहले ही डीपीओ दफ्तर में छेड़खानी का एक मामला उजागर हुआ था। इसमें एक संविदाकर्मी डीपीओ दफ्तर में बेहोश मिली थी जिसे विभागीय कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। महिला कर्मचारी ने डीपीओ पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने डीएम तथा प्रयागराज मंडल के कमिश्नर को पत्र भेज कर मामले की शिकायत की थी। महिला कर्मचारी का आरोप है कि उसने डीपीओ की मनमानी का विरोध किया। इसकी वजह सेेे डीपीओ ने अधिकारियों को गलत जानकारी देकर उसकी सेवाएं खत्म करा दी हैं।
निलंबन तय, जल्द हो सकती है कार्रवाई
महिलाकर्मी से छेड़छाड़ में गिरफ्तारी के बाद अब आरोपी जिला प्रोबेशन अधिकारी का निलंबन भी तय माना जा रहा है। फिलहाल देर रात तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ था। गौरतलब है कि डीएम ने प्रथमदृष्टया सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
कसा शिकंजा, बदले गए जांच अधिकारी
महिला कर्मचारी के साथ छेड़खानी करते हुए डीपीओ राजनाथ राम का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के मामले में अब पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इससे पहले आउट सोर्सिंग पर नियुक्त महिला कर्मी ने भी जिलाधिकारी व कमिश्नर से शिकायत कर डीपीओ पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। इस मामले में डीएम ने एडीएम (न्यायिक) डॉ. विश्राम व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अनीता सिंह को जांच सौंपी थी।
एडीएम का कहना है जब तक वह पीड़ित महिला को नोटिस जारी कर बयान या साक्ष्य के लिए बुलाते, इससे पहले दूसरी महिला कर्मचारी के साथ छेड़खानी का वीडियो सोशल मीडिया में आ गया। इस मामले की जांच डॉ. अनीता सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम को सौंपी गई है। जिसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. छवि जौहरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश गुप्ता, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी स्वाति पांडेय, सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका द्विवेदी सहित पांच लोग शामिल हैं।
महिला कर्मचारी से छेड़खानी में फंसे डीपीओ राजनाथ राम का मोबाइल भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। चर्चा है कि डीपीओ के पास ही वन स्टॉप सेंटर का जिम्मा है। डीपीओ वहां पर भी अक्सर निरीक्षण के बहाने जाया करते थे। सेंटर में पीड़ित किशोरियां रखी जाती हैं। विवेचना के दौरान सीडीआर के साथ ही व्हाट्सएप चैट भी खंगाली जाएंगी।
प्रयागराज में भी तैनात रह चुका है आरोपी
आरोपी डीपीओ प्रयागराज में भी तैनात रह चुका है। विभाग में 2003 में उसकी तैनाती हुई थी। वह मूल रूप से आजमगढ़ के तरबहपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान वह ज्यादातर सवालों पर चुप्पी साधे रहा।