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प्रयागराज :  अतीक के भगोड़े शूटर अब्दुल कवि समेत परिवार के 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज

Sun, 05 Mar 2023 10:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 05 Mar 2023 10:04 PM IST
सार

ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान घर से अवैध असलहे बरामद होने के मामले में माफिया अतीक के भगोड़े शूटर अब्दुल कवि समेत परिवार के 11 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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Case filed against 11 family members including Atiq fugitive shooter Abdul Kavi
Kaushambi : शूटर कवि अहमद के घर से बरामद असलहे और कारतूस। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान घर से अवैध असलहे बरामद होने के मामले में माफिया अतीक के भगोड़े शूटर अब्दुल कवि समेत परिवार के 11 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को शूटर के साथियों सहित घर में छिपे होने का दावा कर सर्च आपरेशन चलाया था। 25 जनवरी 2005 को प्रयागराज निवासी राजू पाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अतीक गैंग का नाम सामने आया। प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है।

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सीबीआई ने जांच के दौरान सरायअकिल के भखंदा निवासी अब्दुल कवि का नाम प्रकाश में लाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। पिछले 18 साल से अब्दुल कवि पुलिस और प्रशासन को चकमा देते हुए फरार है। 14 फरवरी को सीबीआई ने अब्दुल कवि का पैतृक घर कुर्क करने का नोटिस भी चस्पा किया था। इसी बीच राजू पाल हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल व उसके दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों को शूटरों ने मौत के घाट उतार दिया।

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वारदात के बाद मौके से भागे शूटरों के कौशाम्बी में पनाह लेने की सूचना मिली थी। इंस्पेक्टर सरायअकिल विनीत सिंह की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में हवाला दिया गया कि तीन मार्च को वह अपनी टीम के साथ सरकारी वाहन से गश्त पर थे। इसी बीच पता चला कि सीबीआई से भगोड़ा घोषित माफिया का शूटर अब्दुल कवि अपने पुश्तैनी मकान में साथियों समेत शरण लिए है। उसके पास नाजायज असलहे व विस्फोटक पदार्थ भी है। पुलिस टीम ने भखंदा में दबिश दी।

इस दौरान अब्दुल कवि साथियों सहित भाग निकला। घर की दीवारों में अवैध असलहे छिपाए जाने के संकेत मिले। इस पर बुलडोजर से दीवारों को गिराया गया। इसमें अवैध असलहे व विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ था। इस मामले में इंस्पेक्टर की तहरीर पर पुलिस ने अब्दुल कवि समेत परिवार के अब्दुल हवी, अब्दुल मुगनी, अब्दुल कादिर, अब्दुली वली, अब्दुल गनी, फौजिया बानो पत्नी अब्दुल वली, कनीज फातमा, बुसरा खातून, फौजिया बानो पत्नी अब्दुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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नामजद लोगों का शूटर से रिश्ता

अब्दुल हई - भाई
अब्दुल मुगनी - भाई
अब्दुल कादिर - भाई
अब्दुल वली - भाई
अब्दुल गनी - पिता
फौजिया बानो पत्नी अब्दुल वली- भयाहू                                                                                                
कनीज फातमा - पत्नी
बुशरा खातून - भयाहू
शाहीन बानो - भयाहू
फौजिया बानो- भयाहू

नामजदों में अधिवक्ता, मास्टर व पुलिसकर्मी शामिल
माफिया के शूटर अब्दुल कवि के घर से अवैध असलहे और विस्फोट पदार्थ बरामद होने के मामले में उसके सरकारी नौकरी में रहे दो भाई, उनकी पत्नियों और अधिवक्ता भाई को भी पत्नी समेत नामजद किया गया है। शूटर के पिता अब्दुल गनी के तीसरे नंबर का बेटा अब्दुल हई फतेहपुर जिले के एक राजकीय हाईस्कूल में अध्यापक है। इसके अलावा नामजद किए गए शूटर के भाई अब्दुल मुगनी पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और मौजूदा समय हाईकोर्ट सुरक्षा प्रयागराज में तैनात हैं। इसके अलावा सबसे छोटे अब्दुल कादिर जनपद न्यायालय में 12 साल से प्रैक्टिस करते हैं। मुकदमे में इन लोगों के अलावा इनकी पत्नियों को भी नामजद किया गया है।

कादिर के समर्थन में अधिवक्ताओं ने की थी हड़ताल

शूटर के भाई अब्दुल कादिर अधिवक्ता हैं। पैतृक गांव भखंदा में परिवार समेत रहते हैं। माडल डिस्टि्क्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश जायसवाल व महामंत्री लक्ष्मीकांत त्रिपाठी का कहना है कि अधिवक्ता के पिता ने आरोपी अब्दुल कवि को पहले ही जायदाद से बेदखल कर दिया था। पिछले 18 साल से वह घर भी नहीं आया। अब्दुल कवि की पत्नी और बच्चे भी यहां नहीं रहते। पुलिस उसे तो खोज नहीं सकी, बल्कि पैतृक घर को बुलडोजर चलाकर मिट्टी में मिलवा दिया। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने शनिवार को हड़ताल पर रहकर विरोध, प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

अधिवक्ता संघ के महामंत्री समेत दो को नोटिस

अधिवक्ता कादिर का घर गिराए जाने से नाराज अधिवक्ताओं ने शनिवार को कचहरी में विरोध, प्रदर्शन किया था। इस बाबत अधिवक्ताओं ने न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमित कुमार की कोर्ट में पहुंच कर नारेबाजी की। मजिस्ट्रेट का कहना है कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया गया। इसे लेकर पीठासीन अधिकारी ने अधिवक्ता संघ के महामंत्री लक्ष्मी कांत त्रिपाठी व पूर्व महामंत्री तुषार तिवारी को नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है। 

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