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सस्ती दरकिनार, कारोबारी बेचे रहे पुरानी व महंगी किताबें
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यार्थियों के पठन-पाठन के लिए तय की गई एनसीईआरटी की नई किताबों की बिक्री को कारोबारियों ने दरकिनार कर पुरानी और महंगी किताबें बेचनी शुरू कर दी हैं। 2019-20 की तुलना में 2021-22 संस्करण में कक्षा नौ से लेकर 12 तक की किताबों के दाम आधे हो गए हैं। लेकिन दुकानदार अभी भी महंगे दाम वाली पुरानी किताबें बेच रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुरानी किताबें भी प्रिंट रेट से अधिक दामों पर बेची जा रही हैं।
वर्ष 2019-20 में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शासन की नीति के अनुसार एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता के लिए प्रयागराज, आगरा, नोएडा के कुल चार प्रकाशकों को टेंडर दिया था। 2020-21 के टेंडर के मुताबिक कई किताबों के रेट आधे से भी कम हो गए हैं। शिक्षण सत्र 2021-22 का सत्र प्रारंभ होने वाला है, लेकिन बच्चों को पढ़ने के लिए बाजार में 2019 और 2020 संस्करण की किताबें ही मिल रही हैं।
ऐसे में विद्यार्थियों को पुराने रेट पर महंगी किताबें खरीदनी पड़ रही हैं। जबकि, माध्यमिक शिक्षा परिषद का उद्देश्य है कि सभी राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त और वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सस्ते दर पर किताबें उपलब्ध कराई जाएं।
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पड़ताल में एक बात और सामने आई है कि पखवाड़े भर के भीतर जिले में लाखों रुपये की एनसीईआरटी पुस्तकों की खेप आई है, जो पुरानी और महंगे दर वाली हैं। बाजार में पुरानी और महंगी किताबों को भी प्रिंट रेट से भी पांच-दस रुपये प्रति पुस्तक अधिक दाम लेकर बेचा जा रहा है।
दो साल से डंप हैं किताबें उसे ही खपाया जा रहा
बताया जा रहा है कि कोरोना की वजह से पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर दो साल से माल डंप है। इसी कारण कारोबारी पहले पुराना स्टाक खपा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार नई किताबें भी बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। इसका फायदा कारोबारी उठा रहे हैं। इसी कारण पुरानी किताबें और महंगी किताबें बेची जा रही हैं।
बाजार में बिक रही कक्षा 11 की किताबों में यह मिला फर्क
कक्षा किताब वर्ष 2019 की दर वर्ष 2021 की दर
11 रसायन विज्ञान-एक 57 रुपये 26 रुपये
11 रसायन विज्ञान-दो 38 रुपये 18 रुपये
11 भौतिक विज्ञान-एक 55 रुपये 22 रुपये
11 भौतिक विज्ञान-दो 44 रुपये 18 रुपये
यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों की सस्ते की जगह महंगी किताबें बिकने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो वितरक एवं पुस्तक विक्रेताओं के यहां जांच कराई जाएगी। सूचना बोर्ड के अफसरों को देकर निर्देश मांगा जाएगा।
एसके सिंह-डीआईओएस
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वर्ष 2019-20 में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शासन की नीति के अनुसार एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता के लिए प्रयागराज, आगरा, नोएडा के कुल चार प्रकाशकों को टेंडर दिया था। 2020-21 के टेंडर के मुताबिक कई किताबों के रेट आधे से भी कम हो गए हैं। शिक्षण सत्र 2021-22 का सत्र प्रारंभ होने वाला है, लेकिन बच्चों को पढ़ने के लिए बाजार में 2019 और 2020 संस्करण की किताबें ही मिल रही हैं।
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ऐसे में विद्यार्थियों को पुराने रेट पर महंगी किताबें खरीदनी पड़ रही हैं। जबकि, माध्यमिक शिक्षा परिषद का उद्देश्य है कि सभी राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त और वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सस्ते दर पर किताबें उपलब्ध कराई जाएं।
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पड़ताल में एक बात और सामने आई है कि पखवाड़े भर के भीतर जिले में लाखों रुपये की एनसीईआरटी पुस्तकों की खेप आई है, जो पुरानी और महंगे दर वाली हैं। बाजार में पुरानी और महंगी किताबों को भी प्रिंट रेट से भी पांच-दस रुपये प्रति पुस्तक अधिक दाम लेकर बेचा जा रहा है।
दो साल से डंप हैं किताबें उसे ही खपाया जा रहा
बताया जा रहा है कि कोरोना की वजह से पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर दो साल से माल डंप है। इसी कारण कारोबारी पहले पुराना स्टाक खपा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार नई किताबें भी बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। इसका फायदा कारोबारी उठा रहे हैं। इसी कारण पुरानी किताबें और महंगी किताबें बेची जा रही हैं।
बाजार में बिक रही कक्षा 11 की किताबों में यह मिला फर्क
कक्षा किताब वर्ष 2019 की दर वर्ष 2021 की दर
11 रसायन विज्ञान-एक 57 रुपये 26 रुपये
11 रसायन विज्ञान-दो 38 रुपये 18 रुपये
11 भौतिक विज्ञान-एक 55 रुपये 22 रुपये
11 भौतिक विज्ञान-दो 44 रुपये 18 रुपये
यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों की सस्ते की जगह महंगी किताबें बिकने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो वितरक एवं पुस्तक विक्रेताओं के यहां जांच कराई जाएगी। सूचना बोर्ड के अफसरों को देकर निर्देश मांगा जाएगा।
एसके सिंह-डीआईओएस