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सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का नारा किया बुलंद
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 09 May 2016 12:01 AM IST
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political news
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करारी के छपरा मैदान में रविवार को सदस्यता ग्रहण समारोह में जुटी भीड़ देख गदगद बसपाइयों ने खूब सियासी तीर चलाए। सर्वसमाज को साधने की भरपूर कोशिश की। सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय का नारा बुलंद किया। सियासी समीकरण को देखते हुए मुसलमानों को लेकर भाषण में कुछ ज्यादा ही चिंता दिखाई। सपा और भाजपा पर दंगे कराने का आरोप लगाया तो मुसलमानों के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। बसपा सुप्रीमो मायावती को पांचवी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि बसपा से राज्य सभा सांसद मुनकाद अली ने मुस्लिम वोटरों को साधने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दंगे सपा की सरकार में हुए जबकि मुलायम सिंह खुद को मुस्लिमों का हितैषी कहते हैं। कहा कि गुजरात में एक गोधरा कांड को लेकर आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अल्पसंख्यक समुदाय उनसे नाराज है पर सपा शासन काल में 250 से ज्यादा दंगे हुए। इसके बाद भी मुसलमान मुलायम सिंह को अपना नेता मानते हैं। कहा कि कांग्रेस आजादी के बाद से चार दशक तक केंद्र में सरकार चलाती रही, मगर उसके बाद भी अल्पसंख्यक समुदाय का कोई भला नहीं हुआ।
मुनकाद ने मालेगांव दंगे से लेकर बाबरी मस्जिद, राम मंदिर और अन्य कई दंगों का जिक्र कर अल्पसंख्यकों का दिल जीतने की कोशिश की। बसपा महासचिव इंद्रजीत सरोज ने कहा कि पार्टी हमेशा से सर्वजन सुखाय, सर्वजन सुखाय के नारे पर काम करती रही है। मगर बीच-बीच में कुछ सियासी लोग वोटरों को बहला-फुसला लेते हैं। जिसका नतीजा है कि आज सपा सरकार में विकास कार्य ठप हैं। गुंडई चरम पर है। विश्वास जताया कि आने वाले चुनाव में जनता सपा को मुंहतोड़ जवाब देगी।
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बसपाइयों ने सपा की नींद उड़ाने में कोई कोर कसर नहीं रखी। एमवाई फैक्टर में सेंध लगाने के लिए पार्टी के मुस्लिम नेता भी खूब गरजे। मौजूदा सियासी समीकरण में अल्पसंख्यकों को अपने पाले में लाने के लिए पार्टी के कई मुस्लिम नेता सदस्यता ग्रहण समारोह के मंच पर दिखे तो वहीं भारी संख्या में मुस्लिमों के पार्टी का सदस्य बनने का एलान मंच से होता रहा।
राज्यसभा सांसद मुनकाद अली, चायल से विधायक आसिफ जाफरी, इलाहाबाद फूलपुर से प्रत्याशी मशरूर सेठ, इलाहाबाद शहर दक्षिणी से प्रत्याशी हाजी माशूक खान, इलाहाबाद प्रतापपुर से प्रत्याशी मुजतबा सिद्दिकी, प्रतापगढ़ कुंडा से प्रत्याशी परवेज अख्तर अंसारी मंच से अल्पसंख्यक हितों को लेकर बसपा पर विश्वास जताने का आह्वान करते रहे। वहीं सदस्यता ग्रहण समारोह के संयोजन की जिम्मेदारी भी नईम कुरैशी को दी गई थी। कुंडा प्रत्याशी परवेज अख्तर अंसारी और नईम कुरैशी के नेतृत्व में तमाम मुस्लिम प्रधानों ने पार्टी की सदस्यता अपने समर्थकों के साथ ग्रहण की। जिसके लिए पार्टी महासचिव इंद्रजीत सरोज ने मुस्लिम नेताओं का आभार भी जताया।
तपती दोपहर और लू का कहर। धूप की खासी तपिश महसूस हो रही थी। कई दिनों से ठंडे मौसम का पलटवार देख प्रतिद्वंद्वी सियासी दलों के नेताओं को उम्मीद रही होगी कि बसपा का सम्मेलन फ्लॉफ हो जाएगा। मगर छपरा मैदान में ऐसी भीड़ उमड़ी जिसकी शायद उम्मीद बसपाइयों को भी नहीं रही होगी।
संचालन आनंद मोहन पटेल ने किया। कार्यक्रम में मंझनपुर से सईदुल हुसैन पहुंचे। इस मौके पर बच्चा सिंह कुशवाहा, प्रदीप चौधरी, डा.राईन हाशमी, खलीक अहमद उर्फ निक्के, कमरूल हक, मुजीब अहमद, आफाक अहमद, सज्जन, जयसिंह गौतम मौजूद रहे।
इलाहाबाद करछना से बसपा विधायक दीपक पटेल ने कहा कि सपा मुखिया खुद को गरीब, दलित का हितैषी कहते हैं। मगर जब भी सपा की सरकार आई उनकी मां केशरी देवी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी से उतार दिया गया।
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मुख्य अतिथि बसपा से राज्य सभा सांसद मुनकाद अली ने मुस्लिम वोटरों को साधने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दंगे सपा की सरकार में हुए जबकि मुलायम सिंह खुद को मुस्लिमों का हितैषी कहते हैं। कहा कि गुजरात में एक गोधरा कांड को लेकर आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अल्पसंख्यक समुदाय उनसे नाराज है पर सपा शासन काल में 250 से ज्यादा दंगे हुए। इसके बाद भी मुसलमान मुलायम सिंह को अपना नेता मानते हैं। कहा कि कांग्रेस आजादी के बाद से चार दशक तक केंद्र में सरकार चलाती रही, मगर उसके बाद भी अल्पसंख्यक समुदाय का कोई भला नहीं हुआ।
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मुनकाद ने मालेगांव दंगे से लेकर बाबरी मस्जिद, राम मंदिर और अन्य कई दंगों का जिक्र कर अल्पसंख्यकों का दिल जीतने की कोशिश की। बसपा महासचिव इंद्रजीत सरोज ने कहा कि पार्टी हमेशा से सर्वजन सुखाय, सर्वजन सुखाय के नारे पर काम करती रही है। मगर बीच-बीच में कुछ सियासी लोग वोटरों को बहला-फुसला लेते हैं। जिसका नतीजा है कि आज सपा सरकार में विकास कार्य ठप हैं। गुंडई चरम पर है। विश्वास जताया कि आने वाले चुनाव में जनता सपा को मुंहतोड़ जवाब देगी।
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बसपाइयों ने सपा की नींद उड़ाने में कोई कोर कसर नहीं रखी। एमवाई फैक्टर में सेंध लगाने के लिए पार्टी के मुस्लिम नेता भी खूब गरजे। मौजूदा सियासी समीकरण में अल्पसंख्यकों को अपने पाले में लाने के लिए पार्टी के कई मुस्लिम नेता सदस्यता ग्रहण समारोह के मंच पर दिखे तो वहीं भारी संख्या में मुस्लिमों के पार्टी का सदस्य बनने का एलान मंच से होता रहा।
राज्यसभा सांसद मुनकाद अली, चायल से विधायक आसिफ जाफरी, इलाहाबाद फूलपुर से प्रत्याशी मशरूर सेठ, इलाहाबाद शहर दक्षिणी से प्रत्याशी हाजी माशूक खान, इलाहाबाद प्रतापपुर से प्रत्याशी मुजतबा सिद्दिकी, प्रतापगढ़ कुंडा से प्रत्याशी परवेज अख्तर अंसारी मंच से अल्पसंख्यक हितों को लेकर बसपा पर विश्वास जताने का आह्वान करते रहे। वहीं सदस्यता ग्रहण समारोह के संयोजन की जिम्मेदारी भी नईम कुरैशी को दी गई थी। कुंडा प्रत्याशी परवेज अख्तर अंसारी और नईम कुरैशी के नेतृत्व में तमाम मुस्लिम प्रधानों ने पार्टी की सदस्यता अपने समर्थकों के साथ ग्रहण की। जिसके लिए पार्टी महासचिव इंद्रजीत सरोज ने मुस्लिम नेताओं का आभार भी जताया।
तपती दोपहर और लू का कहर। धूप की खासी तपिश महसूस हो रही थी। कई दिनों से ठंडे मौसम का पलटवार देख प्रतिद्वंद्वी सियासी दलों के नेताओं को उम्मीद रही होगी कि बसपा का सम्मेलन फ्लॉफ हो जाएगा। मगर छपरा मैदान में ऐसी भीड़ उमड़ी जिसकी शायद उम्मीद बसपाइयों को भी नहीं रही होगी।
संचालन आनंद मोहन पटेल ने किया। कार्यक्रम में मंझनपुर से सईदुल हुसैन पहुंचे। इस मौके पर बच्चा सिंह कुशवाहा, प्रदीप चौधरी, डा.राईन हाशमी, खलीक अहमद उर्फ निक्के, कमरूल हक, मुजीब अहमद, आफाक अहमद, सज्जन, जयसिंह गौतम मौजूद रहे।
इलाहाबाद करछना से बसपा विधायक दीपक पटेल ने कहा कि सपा मुखिया खुद को गरीब, दलित का हितैषी कहते हैं। मगर जब भी सपा की सरकार आई उनकी मां केशरी देवी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी से उतार दिया गया।