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सरायअकिल की ब्रिटिश कालीन रामलीला का शुभारंभ आठ अक्तूबर से
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British era Ramlila of Sarayakil started from October 8
- फोटो : KAUSHAMBI
कस्बे के चावल मंडी में आठ अक्तूबर से आयोजित होने वाली ब्रिटिश कालीन ऐतिहासिक रामलीला का सोमवार को आचार्य एवं पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वजा और भूमि का पूजन किया गया। रामलीला में बांदा, फतेहपुर, चित्रकूट कानपुर व महोबा से आए कलाकार राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, दशरथ, रावण व ताड़का आदि का अभिनय कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
सरायअकिल कस्बे में ब्रिटिश काल के दौरान सन 1931 में रामलीला का शुभारंभ हुआ था। सोमवार को रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपालजी केसरवानी ने पदाधिकारियों के साथ ध्वज और भूमि का पूजन किया। पुरोहित आचार्य गिरीश चंद्र पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया।
अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष आठ अक्तूबर से रामलीला शुरू होगी और 20 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश काल के दौरान 1931 में तत्कालीन थानाध्यक्ष ठाकुर शिव सेवक सिंह ने रामलीला शुरू कराई थी। आज भी रामलीला मंचन से पहले भगवान राम के साथ ही ठाकुर शिवसेवक सिंह के नाम का जयकारा लगाया जाता है।
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रामलीला देखने कस्बे के साथ ही बसुहार, इछना, बरई, खोंपा, घोसिया, बिरनेर, सुरसेनी, चित्तापुर, भगवानपुर बहुंगरा समेत आसापास के गांवों से हजारों दर्शक आते हैं।
भूमिपूजन के दौरान रामलीला संरक्षक नगर पंचायत अध्यक्ष शिवदानी, कृष्ण नारायण रस्तोगी, महामंत्री अनिल केसरवानी, उपाध्यक्ष रुद्रेश कुमार, राजेश चौधरी, कोषाध्यक्ष शंकरलाल, मंत्री सतीश जायसवाल, स्टेज प्रबंधक संतोष सोनी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
- रामलीला का तिथिवार कार्यक्रम
08 अक्तूबर को मुकुट पूजन व नारद मोह
09 अक्तूबर को मनु सतरूपा व राम रावण जन्म
10 अक्तूबर को मुनि आगमन व ताड़का वध
11 अक्तूबर को नगर दर्शन
12 अक्तूबर को धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद
13 अक्तूबर को राम विवाह, कलेवा का मंचन
14 अक्बतूर को राम वनवास, केवट संवाद
15 अक्तूबर को दशरथ मरण मंचन
16 अक्तूबर को सीता हरण,शबरी मिलन
17 अक्तूबर को लंका दहन
18 अक्तूबर को लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद, कुंभकरण वध
19 अक्तूबर को सती सुलोचना, अहिरावण वध
20 अक्तूबर को भरत मिलाप, राम राज्याभिषेक का मंचन किया जायेगा
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सरायअकिल कस्बे में ब्रिटिश काल के दौरान सन 1931 में रामलीला का शुभारंभ हुआ था। सोमवार को रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपालजी केसरवानी ने पदाधिकारियों के साथ ध्वज और भूमि का पूजन किया। पुरोहित आचार्य गिरीश चंद्र पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया।
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अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष आठ अक्तूबर से रामलीला शुरू होगी और 20 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश काल के दौरान 1931 में तत्कालीन थानाध्यक्ष ठाकुर शिव सेवक सिंह ने रामलीला शुरू कराई थी। आज भी रामलीला मंचन से पहले भगवान राम के साथ ही ठाकुर शिवसेवक सिंह के नाम का जयकारा लगाया जाता है।
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रामलीला देखने कस्बे के साथ ही बसुहार, इछना, बरई, खोंपा, घोसिया, बिरनेर, सुरसेनी, चित्तापुर, भगवानपुर बहुंगरा समेत आसापास के गांवों से हजारों दर्शक आते हैं।
भूमिपूजन के दौरान रामलीला संरक्षक नगर पंचायत अध्यक्ष शिवदानी, कृष्ण नारायण रस्तोगी, महामंत्री अनिल केसरवानी, उपाध्यक्ष रुद्रेश कुमार, राजेश चौधरी, कोषाध्यक्ष शंकरलाल, मंत्री सतीश जायसवाल, स्टेज प्रबंधक संतोष सोनी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
- रामलीला का तिथिवार कार्यक्रम
08 अक्तूबर को मुकुट पूजन व नारद मोह
09 अक्तूबर को मनु सतरूपा व राम रावण जन्म
10 अक्तूबर को मुनि आगमन व ताड़का वध
11 अक्तूबर को नगर दर्शन
12 अक्तूबर को धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद
13 अक्तूबर को राम विवाह, कलेवा का मंचन
14 अक्बतूर को राम वनवास, केवट संवाद
15 अक्तूबर को दशरथ मरण मंचन
16 अक्तूबर को सीता हरण,शबरी मिलन
17 अक्तूबर को लंका दहन
18 अक्तूबर को लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद, कुंभकरण वध
19 अक्तूबर को सती सुलोचना, अहिरावण वध
20 अक्तूबर को भरत मिलाप, राम राज्याभिषेक का मंचन किया जायेगा